चक्रवात मोन्था कमजोर पड़ा, लेकिन नेपाल तक असर:यूपी-बिहार में बारिश, MP में तेज हवाओं से तापमान गिरा; आंध्र में तीन लोगों की मौत
चक्रवात मोन्था लगातार कमजोर हो रहा है। लेकिन, इसका असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश जारी है। यूपी के लखनऊ-कानपुर समेत 15 शहरों में बारिश हो रही है। काशी में बारिश से जलभराव हो गया है।
बुधवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर-उज्जैन में तेज हवा चली। इससे तापमान में कमी आई है। उज्जैन में तापमान 23 डिग्री पहुंच गया। राजस्थान के जयपुर, अलवर, करौली सहित कई जिलों में गुरुवार सुबह तेज बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
इधर, चक्रवात मोन्था ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उड़ीसा में काफी नुकसान किया है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई, 42 मवेशी मारे गए और करीब 1.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। तेलंगाना के कई हिस्सों में तेज बारिश जारी है। सूर्यापेट में पेड़ गिरने से बाइक सवार की मौत हो गई। खम्मम जिले में एक ट्रक ड्राइवर के बह जाने की भी खबर है।
उधर, नेपाल में चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। नेपाली मौसम विभाग ने 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है।
तेलंगाना- आंध्र प्रदेश में जलभराव की 5 तस्वीरें….
अन्य राज्यों में मोन्था से बारिश की तस्वीरें…
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अपडेट्स
नेपाल में चक्रवात ‘मोन्था’ का असर, तेज बारिश शुरू
नेपाल में चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है। कोशी, मधेश और बागमती प्रांतों की नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे के इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि जरूरत न हो तो यात्रा से बचें और खतरे वाले इलाकों के लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इस बीच, मनांग जिले में भारी बर्फबारी के बाद नेपाली सेना ने 1,500 से ज्यादा फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। चक्रवात ‘मोंथा’ का असर शनिवार तक बने रहने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश में बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11,000 कर्मचारी तैनात
आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के. विजयानंद ने बताया कि चक्रवात ‘मोन्था’ के दौरान राज्य में बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11,000 से ज्यादा बिजली विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा कि गुरुवार तक 100% बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। चक्रवात के समय 9 सबस्टेशन (220 केवी), 4 (400 केवी) और 11 (132 केवी) सबस्टेशनों में दिक्कतें आई थीं, जिन्हें तुरंत ठीक किया गया। भारी बारिश के बावजूद बिजली कर्मचारी लगातार काम करते रहे ताकि लोगों को बिजली की परेशानी न हो।
राजस्थान के बीसलपुर बांध का दूसरा गेट खोला गया
राजस्थान के बीसलपुर बांध का गुरुवार सुबह 6 बजे दूसरा गेट भी दो मीटर खोल दिया गया है। अब दोनों गेट को दो-दो मीटर खोलकर प्रति सेकेंड बांध से बनास नदी में 24040 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
उदयपुर में बादल छाए, बूंदाबांदी शुरू
राजस्थान के उदयपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार तड़के से बूंदाबांदी शुरू हो गई थी।
