मानसून उत्तर भारत के 8 राज्यों से विदा:लेकिन MP और गुजरात में अटका, नया सिस्टम एक्टिव होने से बारिश की संभावना
दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड से विदा हो चुका है। यह अब गुजरात, मध्य प्रदेश और यूपी में आकर रुक गया है।
इन तीनों राज्यों में साउथ-वेस्ट मानसून एक्टिव होने की वजह से मानसून की वापसी कुछ इलाकों से टल गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह लाइन वेरावल और भरूच (गुजरात), उज्जैन (मध्यप्रदेश), झांसी और शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) से होकर गुजर रही है।
इस वजह से इन इलाकों में अगले 7 दिनों तक इस वापसी की संभावना कम दिख रही है। अनुमान है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में यहां से मानसून विदा लेगा। 1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार समेत अन्य राज्यों में भी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
हालांकि, पूरे देश से मानसून की विदाई अपने निर्धारित समय 15 अक्टूबर तक होने की संभावना है। पिछले साल भी मानसून 15 अक्टूबर को विदा हुआ था।
3 सिस्टम बनने से बारिश की संभावना
- मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में अंडमान क्षेत्र में एक नया मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना है। इसके असर से दक्षिण और नार्थ-ईस्ट राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है।
- बंगाल की खाड़ी में पहले से बना डिप्रेशन कमजोर होकर अब उत्तर-मध्य महाराष्ट्र के ऊपर लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो गया है। यह सिस्टम पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इससे गुजरात (जहां कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो चुकी है), कोंकण और मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी है।
- बारिश का एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इससे यह 1 अक्टूबर से उत्तरी और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी में डेवलप हो सकता है।
राजस्थान में 63% ज्यादा, मेघालय में 42% कम बारिश इस बार, जून से सितंबर के दौरान मानसून का बिहेवियर (पैटर्न) असामान्य रहा। राजस्थान में इस साल सामान्य से 63% से ज्यादा बारिश हुई। मेघालय में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई। भारत में इस मानसून सीजन (जून से सितंबर के दौरान) 930mm बारिश हुई। आमतौर पर देश में मानसून सीजन में औसतन लगभग 750 से 1,500mm (30 से 59 इंच) बारिश होती है।
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पुणे के तमहिनी में देश की सर्वाधिक बारिश, चेरापूंजी-मौसिनराम पीछे छूटे
पुणे जिले की मुलशी तहसील स्थित सुरम्य तमहिनी घाट में इस मानसून सीजन 9,000 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यह इस साल भारत का सबसे अधिक बारिश वाला स्थान बन गया है। अब तक पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के चेरापूंजी और मौसिनराम गांवों में सबसे ज्यादा बारिश होती थी।
महाराष्ट्र में बारिश-बाढ़, 5 जिलों में 10 लोगों की मौत
महाराष्ट्र के कई जिलों में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दस लोगों की मौत हो गई। इनमें नासिक जिले में 4, धाराशिव और अहिल्यानगर में दो-दो और जालना और यवतमाल में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
राज्य के विभिन्न हिस्सों से 11,800 से ज्यादा लोगों को बचाया गया। मराठवाड़ा क्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में बाढ़ आ गई है। मुंबई में शनिवार रात से भारी बारिश हो रही है।
नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। शहर में नदी के किनारे रामकुंड इलाके के कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। पूरे महाराष्ट्र में NDRF की 16 टीमें तैनात की गई हैं। दो टीमों को पुणे में स्टैंडबाय पर रखा गया है।
महाराष्ट्र में बारिश की 3 तस्वीरें…
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में जयकवाड़ी डैम के सभी 27 गेट खोले गए
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के 1219 गांवों में बाढ़ आ गई है। रविवार रात लगभग 12 बजे जिले के जयकवाड़ी डैम के सभी 27 गेट 10 फीट तक खोल दिए गए और गोदावरी नदी बेसिन में 3 लाख 6 हजार 540 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। चूंकि नदी बेसिन की क्षमता 1 लाख क्यूसेक है, इसलिए गोदावरी में भीषण बाढ़ आ गई।
छत्तीसगढ़: कल से भारी बारिश, 5 जिलों में अलर्ट; तेज हवाओं के साथ बिजली गिरेगी
छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से तेज बारिश की संभावना है। जांजगीर-चांपा, बालोद, बस्तर, गरियाबंद और रायगढ़ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।बिजली गिरने और आंधी चलने की भी आशंका है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।
