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भाजपा बोली-खेड़ा की पत्नी के पास भी 2 वोटर आईडी:डिटेल शेयर की; कांग्रेस नेता का नाम भी 2 लिस्ट में होने का दावा किया था

भाजपा बोली-खेड़ा की पत्नी के पास भी 2 वोटर आईडी:डिटेल शेयर की; कांग्रेस नेता का नाम भी 2 लिस्ट में होने का दावा किया था

नई दिल्ली58 मिनट पहले

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाजपा और चुनाव आयोग (EC) पर वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच भाजपा ने बुधवार को दावा किया है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ ही उनकी पत्नी के पास भी दो वोटर आईडी हैं।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने x पर लिखा कि खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा का नाम तेलंगाना की खैरताबाद और दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में है। मालवीय ने कहा,

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यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि कांग्रेस नेताओं की वोट चोरी की रणनीति है। जो लोग आम नागरिकों पर वोट चोरी का इल्जाम लगाते हैं, वही खुद कई जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराते हैं।

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मालवीय ने इससे पहले मंगलवार को खेड़ा के भी दो वोटर कार्ड होने का दावा किया था और इसको लेकर डिटेल भी शेयर की थी। वहीं, दिल्ली के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) ने पवन खेड़ा को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि दो जगह की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की पत्नी के 2 एपिक नंबर…

मालवीय के X पोस्ट के अनुसार, पहले वोटर आईडी की डिटेल

  • नाम: कोटा नीलिमा
  • पति का नाम: पवन खेड़ा
  • EPIC नंबर: TDZ2666014
  • विधानसभा: 60-खैरताबाद
  • भाग संख्या: 214
  • क्षेत्र: गफ्फर खान कॉलोनी रोड नं. 10
  • क्रम संख्या: 314

दूसरा वोटर आईडी कार्ड

  • नई दिल्ली में दूसरा वोटर आईडी
  • नाम: के. नीलिमा
  • पति का नाम: पवन खेड़ा
  • EPIC नंबर: SJE0755975
  • विधानसभा: 40-नई दिल्ली
  • भाग संख्या: 78
  • क्षेत्र: काका नगर
  • क्रम संख्या: 821

मालवीय बोले-गड़बड़ी केवल पवन खेड़ा और उनके परिवार तक सीमित नहीं

मालवीय ने कहा कि गड़बड़ी केवल पवन खेड़ा और उनके परिवार तक सीमित नहीं है। यह सिलसिला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक जाता है। 1980 में सोनिया गांधी, जो उस समय इटली से आई थीं, उनका नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़ा गया था। यही कारण है कि कांग्रेस और INDI गठबंधन अवैध प्रवासियों का बचाव करते हैं और अपने ही देशवासियों को निशाना बनाते हैं।

मालवीय का दावा- राहुल की वजह से युवाओं और मजदूरों को परेशानी हुई

मालवीय का दावा है कि राहुल गांधी ने बिना ठीक से जांच किए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्दोष वोटरों की पहचान उजागर कर दी। इससे नौकरीपेशा युवा और रोजाना मजदूरी करने वाले लोगों को परेशानी हुई है। वहीं, राहुल अब इस बड़े खुलासे पर चुप्पी साधे हुए हैं कि उनके नजदीकी नेता के परिवार के पास दो-दो वोटर आईडी कार्ड हैं।

3 सितंबरः मालवीय का दावा- पवन खेड़ा के 2 एपिक नंबर…

अमित मालवीय ने मंगलवार को X पर लिखा, ‘राहुल गांधी ने जोर-जोर से ‘वोट चोरी’ चिल्लाया लेकिन जैसे वो ये बताना भूल गए कि उनकी मां सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया था, वैसे ही अब ये बात सामने आई है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो गांधी परिवार से अपनी नजदीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, के पास दो सक्रिय एपिक नंबर हैं।’

मालवीय के X पोस्ट के अनुसार, पहले वोटर आईडी की डिटेल

  • नाम – पवन खेड़ा
  • पिता का नाम- एचएल खेड़ा
  • एपिक नंबर- एक्सएचसी1992338
  • विधानसभा- 41 जंगपुरा
  • पार्ट नंबर- 28
  • पार्ट नाम – निजामुद्दीन ईस्ट
  • सीरियल नंबर- 929

दूसरा वोटर आईडी कार्ड

  • नाम – पवन खेड़ा
  • पिता का नाम- एचएल खेड़ा
  • एपिक नंबर- एसजेई 0755967
  • विधानसभा- 40 नई दिल्ली
  • पार्ट नंबर- 78
  • पार्ट नाम- काका नगर
  • सीरियल नंबर- 820 है.

खेड़ा बोले- नई दिल्ली में वोट कौन डाल रहा है?

पवन खेड़ा ने आगे कहा, ‘अब मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि नई दिल्‍ली विधानसभा में किससे वोट डलवाया जा रहा है? मैं ये जानना चाहता हूं, मुझे वहां का सीसीटीवी फुटेज चाहिए। मेरा नाम अब तक उस विधानसभा की वोटर लिस्‍ट में क्‍यों है?

मैं 2016 में वहां से शिफ्ट कर गया था। तब मैंने नाम कटवाने की पूरी प्रक्रिया का पालन किया था, फिर अभी तक नाम क्‍यों है। इसी बात को राहुल गांधी 7 अगस्‍त से आज तक चुनाव आयोग से पूछ रहे हैं, सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ये चल क्‍या रहा है?’

कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच वोट चोरी के आरोपों पर विवाद जारी

राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर वोट चोरी का आरोप लगाया था

राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव चोरी किया। उन्होंने कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा कि इसमें संदिग्ध वोटर हैं और इसी मॉडल से महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में नतीजे प्रभावित हुए। राहुल ने कहा कि मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट न देना शक को और मजबूत करता है।

इसके जवाब में 17 अगस्त को चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि राहुल के प्रेजेंटेशन में दिखाया गया डेटा उनका नहीं है। आयोग ने चुनौती दी कि राहुल या तो हलफनामा देकर आरोप साबित करें या फिर देश से माफी मांग

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