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केसीआर की बेटी कविता का पार्टी-एमएलसी पद से इस्तीफा:चचेरे भाइयों पर परिवार तोड़ने का आरोप लगाया; कल ही BRS से निलंबित किया गया था

केसीआर की बेटी कविता का पार्टी-एमएलसी पद से इस्तीफा:चचेरे भाइयों पर परिवार तोड़ने का आरोप लगाया; कल ही BRS से निलंबित किया गया था

हैदराबाद2 मिनट पहले
बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) नेता के. कविता ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, इस दौरान उन्होंने पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया।

बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) नेता के. कविता ने बुधवार को पार्टी और एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया। इससे एक दिन पहले ही उन्हें बीआरएस से अनुशासनहीनता और पार्टी-विरोधी कामों के आरोप में निलंबित किया गया था।

कविता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने भाई और पार्टी नेता केटी राम राव (केटीआर) को चेतावनी दी कि वह चचेरे भाइयों हरीश राव और संतोष राव पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा,

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इन्हीं दोनों की वजह से सीबीआई उनके पिता और पार्टी प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की जांच कर रही है। ऐसे नेता ही निजी फायदे के लिए परिवार को तोड़ रहे हैं।

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दरअसल, कविता ने 1 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के सहयोगियों पर केसीआर की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। इसके बाद 2 सितंबर को केसीआर ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

कविता 2014 से 2019 तक निजामाबाद से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। लंबे समय से पार्टी नेतृत्व को लेकर उनके भाई केटी रामा राव और चचेरे भाई टी हरीश राव के बीच विवाद की खबरें आ रही थीं।

कविता बोलीं-केसीआर और केटीआर मेरे परिवार

कविता ने कहा कि केसीआर और केटीआर मेरे परिवार हैं। यह रिश्ता खून का है, इसे न तो पार्टी से निकाले जाने और न ही पद खोने से टूटना चाहिए। लेकिन कुछ लोग अपनी निजी और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए हमारे परिवार को तोड़ना चाहते हैं।

कविता ने आरोप लगाया कि पिता केसीआर पर उन्हें निलंबित करने का दबाव भी इन्हीं नेताओं ने डाला। उन्होंने कहा,

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मैं अपने पिता से अपील करती हूं कि आसपास के नेताओं की असली नीयत समझें। उन्होंने बीआरएस परिवार को तोड़ दिया और यह सब अपने स्वार्थ के लिए किया।

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कविता का आरोप- CM रेड्डी की परिवार तोड़ने की साजिश

कविता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी गंभीर आरोप लगाए कि रेड्डी ने बीआरएस के कुछ नेताओं से मिलकर परिवार को तोड़ने की साजिश रची। कविता ने कहा कि रेड्डी और हरीश राव ने एक विमान यात्रा के दौरान इस योजना को मिलकर तैयार किया। उनके मुताबिक,

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रेवंत रेड्डी ने बीआरएस के सभी नेताओं पर केस डाले, लेकिन हरीश राव को बख्श दिया। जब केलश्वरम प्रोजेक्ट शुरू हुआ, उस समय हरीश राव ही सिंचाई मंत्री थे, लेकिन तब रेड्डी ने उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा।

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कविता ने यहां तक आरोप लगाया कि हरीश राव ने चुनाव के समय ऐसा प्रचार अभियान चलाया, जिससे उनके पिता केसीआर और भाई केटीआर हार जाएं।

कविता ने हैदराबाद में 1 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

1 सितंबर- कविता के भाई केटी और पार्टी नेताओं पर 5 आरोप

  • भाई केटी रामा राव बीआरएस को भाजपा में मिलाना चाहते हैं। केटी पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट हैं।
  • सीनियर लीडर टी हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्ण रेड्डी उनके पिता को भ्रष्टाचार के मामले में बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।
  • तेलंगाना के कलेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट घोटाले में CBI जांच में पिता केजीआर का नाम है, लेकिन उस वक्त के सिंचाई मंत्री टी हरीश राव का नाम नहीं है। वो पांच साल तक सिंचाई मंत्री थे। लेकिन उनके ऊपर कोई केस नहीं हुआ, ऐसा कैसे हो सकता है।
  • मेरा नाम दिल्ली शराब नीति घोटाला में आया। इसकी CBI की जांच चल रही है। इसकी वजह भी हरीश राव हैं।
  • 2 मई को कविता ने अपने पिता को एक लेटर लिखा था। यह लेटर लीक हो गया। इसमें कहा था, “आपने भाजपा के खिलाफ मात्र 2 मिनट बोला। सबको लग रहा है आप भाजपा के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं।
भाई केटी रामा राव के साथ कविता।

​​​​​​2023 की हार के बाद बीआरएस में खींचतान चल रही

  • पार्टी के सुप्रीमो चंद्रशेखर राव 73 साल के हो गए हैं। बढ़ती उम्र और एक्टिव पॉलिटिक्स से धीरे-धीरे हटने की संभावना के बीच पार्टी में सवाल उठ रहे हैं कि अगला लीडर कौन होगा। चंद्रशेखर राव ने बेटे केटीआर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, लेकिन कविता भी खुद को असरदार नेता मानती हैं। विवाद की एक वजह यह भी मानी जा रही है।
  • 2023 में सत्ता से बाहर होने के बाद बीआरएस फंडिंग और कैडर मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में पार्टी के भविष्य को लेकर फैसले, टिकट बंटवारे और रणनीति में किसकी कितनी भूमिका होगी, इस पर केसीआर के परिवार में मतभेद हैं।
  • दिल्ली के शराब घोटाले में कविता आरोपी हैं। उनकी जांच चल रही है। इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ा है। केटीआर और उनके समर्थक नहीं चाहते कि पार्टी पर इसका और गलत असर पड़े।
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि केटीआर पार्टी को प्रोफेशनल तरीके से चलाना चाहते हैं, जबकि कविता का रुख ज्यादा इमोशन और ग्राउंड पॉलिटिक्स पर टिका है। दोनों के काम करने के तरीके का फर्क भी टकराव को बढ़ा रहा है।

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