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चीन ने अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें दिखाईं:विक्ट्री डे परेड में माओ जैसी ड्रेस में पहुंचे राष्ट्रपति जिनपिंग; कहा- हम डरते नहीं, आगे बढ़ते हैं
दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने पर चीन में बुधवार को विक्ट्री डे परेड मनाया गया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राजधानी बीजिंग के थियानमेन चौक पर परेड की सलामी ली। जिनपिंग के भाषण के बाद सैन्य परेड निकाली गई।
जिनपिंग ने कहा कि चीन किसी की धमकियों से नहीं डरता और हमेशा आगे बढ़ता रहता है। उन्होंने लोगों से इतिहास याद रखने और जापान के खिलाफ लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देने की अपील की।
BBC ने बताया कि परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, YJ-21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और JL-3 पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शामिल थी।
वहीं DF-5C न्यूक्लियर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का एडवांस वर्जन 6F भी दिखाया गया। यह मिसाइल अमेरिका तक मार सकती है।
चीन की विक्ट्री डे परेड की तस्वीरें…
1. जिनपिंग का रौब
2. परेड में सैनिकों का मार्च
3. हथियारों का प्रदर्शन
4. परेड से इतर मुलाकातें
यह चीन की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड है। परेड से पहले शी जिनपिंग के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन समेत दुनिया के 25 देशों के नेता मंच पर दिखाई दिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजिंग इस परेड के जरिए यह साबित किया कि वह अमेरिका का विकल्प है और दुनिया में गैर-पश्चिमी देशों का नेतृत्व करने की ताकत रखता है।
भारत के पड़ोस से पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू परेड में मौजूद रहे।
चीन की विक्ट्री डे परेड से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
पुतिन ने किम को रूस आने का न्योता दिया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन को रूस आने का न्योता दिया। दोनों के बीच चीन की राजधानी बीजिंग में द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई।
इसके अलावा करीब 1 घंटे तक बंद कमरे में गोपनीय बातचीत भी चली। दोनों नेता यहां चीन की 80वीं विक्ट्री डे परेड में शामिल होने पहुंचे थे।
चीन आधुनिक हथियारों और तकनीक पर पैसा लगा रहा
चीन ने परेड में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ ड्रोन और अंडरसी रोबोट जैसी उन्नत तकनीक भी प्रदर्शित की। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक यह दिखाता है कि चीन आधुनिक हथियारों और तकनीकी क्षमताओं में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है।
चीन ने पहली हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल CJ-1000 दिखाई
विक्ट्री डे परेड के दौरान चीन ने अपनी पहली हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल CJ-1000 का प्रदर्शन किया।
चीन ने दिखाई अंतरिक्ष में हमला करने वाली मिसाइल
बिना पायलट के उड़ने वाला फाइटर जेट, पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन; विक्ट्री डे परेड के PHOTOS
सैन्य परेड में अंतरिक्ष में हमला करने वाली मिसाइल, बिना पायलट के उड़ने वाला फाइटर जेट, पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन समेत कई आधुनिक इक्यूपमेंट को दिखाया गया।
परेड में 100+ हथियार, 45+ सैन्य टुकड़ियां और 100+ विमान देखे गए। इनमें से कई हथियार पहली बार दुनिया के सामने
पुतिन-किम की बंद कमरे में एक घंटे बातचीत
रूसी सरकारी मीडिया TASS के मुताबिक, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बंद कमरे में बातचीत एक घंटे से ज्यादा समय तक चली।
रिपोर्ट- परेड में पाकिस्तानी आर्मी चीफ भी पहुंचे
चीन की परेड में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी शामिल हुए। पहले उनकी मौजूदगी की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि CNN ने पाकिस्तानी सूत्रों ने पुष्टि की कि वे परेड में मौजूद थे।
चीनी मीडिया का दावा- पूरी दुनिया DF-5C मिसाइल की जद में
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की DF-5C परमाणु मिसाइल की मारक क्षमता 20 हजार किलोमीटर से ज्यादा है। इसका मतलब है कि पूरी दुनिया इस मिसाइल की रेंज में आती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि DF-5C की उड़ान गति मैक-10 तक पहुंच सकती है, जिससे यह बेहद तेज रफ्तार, सटीकता और न्यूनतम अवरोध के साथ किसी भी रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम है।
किम बोले- रूस की मदद करना हमारा फर्ज
पुतिन से मुलाकात में किम ने कहा, अगर किसी भी तरह हम रूस की मदद और समर्थन कर सकते हैं, तो हम हमेशा करेंगे। यह हमारा भाईचारे का फर्ज है।
पुतिन बोले- दोनों देशों के रिश्ते सच्चे गठबंधन में बदले
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की मुलाकात शुरू हो गई है।
मुलाकात के दौरान पुतिन ने किम से कहा कि अब दोनों देशों के रिश्ते एक सच्चे गठबंधन में बदल चुके हैं।
पुतिन ने कहा कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र की आजादी में उत्तर कोरिया की स्पेशल यूनिट्स ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि हम उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे।
किम जोंग उन की बहन भी बीजिंग परेड में दिखीं
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग भी बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड में मौजूद रहीं।
पुतिन और किम की मुलाकात तय, तैयारी शुरू
पुतिन और किम जोंग उन की मुलाकात तय हो गई है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। थोड़ी ही देर में दोनों नेता मिल सकते हैं।
पहली बार एक साथ दिखे पुतिन, जिनपिंग और किम जोंग उन
बीजिंग में हुई विक्ट्री डे परेड में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन शामिल हुए।
यह पहला मौका था जब जिनपिंग, पुतिन और किम जोंग उन एक साथ सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए। शी जिनपिंग ने खुद को एक वैश्विक नेता की तरह पेश किया।
पुतिन-किम जोंग उन की मुलाकात हो सकती है
रूसी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक परेड खत्म होने के बाद अब पुतिन और किम जोंग उन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है।
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा था कि
परेड और रिसेप्शन में किम जोंग उन और पुतिन साथ रहेंगे। हमें उम्मीद है कि बातचीत होगी।

पुतिन और किम की पिछली मुलाकात जून 2024 में प्योंगयांग में हुई थी। इससे पहले किम ने रूस का दौरा कर व्लादिवोस्तोक और वस्तोच्नी स्पेस सेंटर में पुतिन से मुलाकात की थी।
पहली बार एयरोस्पेस, साइबरस्पेस और इंफॉर्मेशन सपोर्ट फोर्स शामिल
चीन की सैन्य परेड में इस बार पहली बार एयरोस्पेस फोर्स, साइबरस्पेस फोर्स और इंफॉर्मेशन सपोर्ट फोर्स की टुकड़ियां शामिल हुईं।
रक्षा विश्लेषक माइकल रास्का के मुताबिक, बीजिंग यह संदेश देना चाहता है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को अब डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जॉइंट ऑपरेशनों पर फोकस कर दोबारा खड़ा किया जा रहा है।
रास्का सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में मिलिट्री ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
ताइवान बोला- दूसरा विश्वयुद्ध हमने जीता, चीन ने नहीं
चीन यह दावा करता है कि एशिया में जापान के खिलाफ दूसरे विश्वयुद्ध का नेतृत्व उसने किया था। लेकिन ताइवान ने इससे इनकार किया है। ताइवान ने कहा कि चीन हाल के वर्षों में बार-बार तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।
ताइवान ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने जापान के खिलाफ जंग नहीं लड़ी थी, जब चीन, जापानियों से लड़ रहा था तब पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का अस्तित्व ही नहीं था।
पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ परेड से नदारद रहे
चीन की सैन्य परेड में पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ नजर नहीं आए।
82 वर्षीय हू जिंताओ आखिरी बार दिसंबर 2022 में पूर्व जियांग जेमिन के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से दिखे थे।
इससे करीब दो महीने पहले, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस के दौरान उन्हें अचानक मंच से बाहर ले जाए जाने की घटना सुर्खियों में आई थी।
सुरक्षा के मद्देनजर पत्रकारों को सुबह 3 बजे पहुंचना पड़ा
परेड के आयोजन स्थल पर सुरक्षा इतनी सख्त थी कि कई सड़कें पहले से बंद कर दी गई थीं। पत्रकारों को सुबह 3 बजे से पहले ही जमा होने के लिए कहा गया और परेड शुरू होने से तीन घंटे पहले थियानमेन चौक ले जाया गया।
चीन में मिलिट्री परेड से गायब क्यों रहे PM मोदी
CNN के मुताबिक विक्ट्री डे परेड की गेस्ट लिस्ट में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम साफ तौर पर गायब था। मोदी सिर्फ 2 दिन पहले चीन में ही थे लेकिन वे बाकी नेताओं की तरह वहां नहीं रुके। रिपोर्ट के मुताबिक विक्ट्री डे परेड में हिस्सा न लेना मोदी की कूटनीतिक रणनीति है।
परेड से दूर रहकर, मोदी एक संदेश दे रहे हैं कि चीन से उनके सामान्य रिश्ते तब तक नहीं हो सकते जब तक चीन सीमा पर आक्रमण करता रहे और साथ ही भारत के मुख्य प्रतिद्वंद्वी, पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से सहारा देता रहे।
अगर वे इस परेड में शामिल होते तो इसे चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मौन समर्थन के रूप में देखा जाता। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान ने पिछले 5 साल में जितने हथियार खरीदे हैं, उनका 81% चीन ने दिया है।
इसमें से कई हथियारों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने मई में भारत के खिलाफ भी किया था।इसके अलावा, जापान के औपचारिक आत्मसमर्पण के बाद, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित परेड में मोदी का शामिल होना, नई दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार, टोक्यो में नकारात्मक रूप से देखा जाएगा।
80 हजार कबूतर और गुब्बारे छोड़े
परेड के समापन पर, थियानमेन स्क्वायर में 80,000 शांति कबूतर और गुब्बारे छोड़े गए।
1. गुब्बारे
2. कबूतर
एंटी शिप मिसाइल DF-26D CG DF-26D गुआम किलर
परेड में चीन ने एंटी शिप मिसाइल DF-26D CG DF-26D गुआम किलर पेश की। यह एक मध्यम दूरी की मिसाइल है।
DF-26D को एक एंटी शिप बैलिस्टिक मिसाइल माना जाता है, जिसे पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जा सकती है। इसकी मारक क्षमता 5,000 किमी (3,107 मील) तक है।
इसे गुआम किलर नाम दिया गया है क्योंकि इसका इस्तेमाल गुआम में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
चीन ने नई DF-5C मिसाइल पेश की
चीन की नई DF-5C मिसाइल जल्द ही सेना को मिल जाएगी। इसका हाल ही में अनावरण किया गया है।यह चीन के पहले इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल जखीरे DF-5 सीरीज का एडवांस वर्जन है।
इसकी मारक क्षमता 13000 किमी से अधिक है। माना जाता है कि DF-5C में 10 री-एंट्री व्हीकल वॉरहेड्स ले जाने की क्षमता है।
चीन की नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल DF-61
चीन ने अपनी नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का नाम DF-61 रखा है। यह बड़ी मिसाइल आठ पहियों वाले ट्रक पर रखकर ले जाई जाती है। परेड से पहले इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिखाई दी थीं।
परेड में DF-61 को और भी ताकतवर हथियारों के साथ पेश किया गया। इसमें JL-1 हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, JL-3 पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल और जमीन से दागी जाने वाली ICBM DF-31 का नया वर्जन शामिल था।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि लंबी दूरी की मिसाइलों का यह समूह पहली बार चीन की थल, जल और वायु, तीनों जगहों से परमाणु ताकत दिखाता है। इसे चीन की संप्रभुता और गरिमा की रक्षा के लिए इसे ‘तुरुप का पत्ता’ बताया गया।
चीन ने पहली बार एडवांस हेलिकॉप्टर दिखाया
परेड में पहली बार एडवांस हेलिकॉप्टर का भी प्रदर्शन किया गया। अभी इसकी डिटेल सामने नहीं आई ह
चीन ने हाइपरसोनिक मिसाइल YJ-17 दिखाई
चीन ने परेड में एंटी शिप मिसाइल YJ 17 को दिखाया। चीन आम तौर पर अपनी इन मिसाइलों के YJ के लिए इस्तेमाल करता है।
इसी वजह से माना जा रहा है कि YJ-17, DF-17 मिसाइल का नया वर्जन है। इसका जिक्र पहली बार 2014 में हुआ था। DF-17 एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिस पर हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन लगाया गया है।
चीन ने पानी के अंदर चलने वाले दो ड्रोन दिखाए
परेड में पहली बार चीन के दो बेहद बड़े पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन (XLUUVs) दिखाए गए। पनडुब्बी विशेषज्ञ एच. आई. सटन के मुताबिक, समुद्री जंग में इस तरह के ड्रोन की संख्या के मामले में चीन दुनिया में सबसे आगे है।
सटन ने कहा कि ये दोनों XLUUVs नए हैं और माना जा रहा है कि ये चीन के तीन साल के परीक्षण कार्यक्रम के सफल नतीजे हैं।
पहला ड्रोन, जिसे AJX002 कहा गया है, करीब 18 से 20 मीटर (59 से 66 फीट) लंबा है और इसकी मोटाई 1 से 1.5 मीटर (3 से 5 फीट) है।
दूसरा ड्रोन लंबाई में तो लगभग उतना ही है, लेकिन यह ज्यादा चौड़ा है। करीब 2 से 3 मीटर। इस पर दो मस्तूल लगे हैं, जबकि AJX002 पर कोई मस्तूल नहीं है।
इन ड्रोन का असली इस्तेमाल अभी साफ नहीं है। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इन्हें टॉरपीडो या माइंस से लैस किया जा सकता है, या फिर ये सिर्फ निगरानी (रेकी) के काम आ सकते हैं।
चीन का मल्टिपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम PHL-16
चीन ने अपनी विजय दिवस परेड में PHL-16 मल्टिपल रॉकेट लॉन्चर दिखाया। इसे PCL-191 भी कहा जाता है। इसे ताइवान के अमेरिका से खरीदे गए लॉकहीड मार्टिन हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) का चीनी वर्जन माना जाता है।
चीन ने एंटी सबमरीन मिसाइलों का प्रदर्शन किया
चीन ने नया टाइप 99B मेन बैटल टैंक पेश किया
चीन ने अपनी विजय दिवस परेड में नया टाइप 99B मेन बैटल टैंक पेश किया। यह टाइप 99 सीरीज का नवीनतम तीसरी पीढ़ी का टैंक है।
टाइप 99A का वजन 55 टन है और इसमें 125 मिमी की तोपें हैं। इसमें एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम भी है, जिसमें एक डिफेंसिव लेजर शामिल है, जो जमीन पर वाहनों और हेलीकॉप्टरों को निशाना बना सकता है।
पिछले साल सितंबर में टाइप 99B को देखा गया था, जिसमें दो प्रोजेक्टाइल लॉन्चर और चार फायर कंट्रोल रडार थे, जो ड्रोन जैसे खतरों को रोकने और नष्ट करने के लिए बनाए गए हैं।
परेड में इस बार कोई विदेशी सैनिक नहीं
राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस, उत्तर कोरिया और ईरान सहित कई अन्य देशों के नेताओं के साथ परेड देख रहे हैं, लेकिन इस परेड में कोई विदेशी सैनिक भाग नहीं लेंगे।
2015 में 70वीं वर्षगांठ परेड के दौरान 17 देशों के लगभग 1000 सैनिकों ने तियानमेन स्क्वायर से मार्च किया। इनमें पाकिस्तान, रूस, बेलारूस, क्यूबा, मिस्र, कजाखस्तान, किरगिस्तान, मेक्सिको, मंगोलिया, सर्बिया, और ताजिकिस्तान जैसे देशों के सैन्य दल शामिल थे।
परेड में शामिल चीनी वायुसेना के हेलिकॉप्टर
परेड में आधुनिक हथियार दिखा रहा चीन
- लड़ाकू विमान: J-20 और J-35 जैसे स्टील्थ जेट
- मिसाइलें: DF-31AG और DF-41 बैलिस्टिक मिसाइलें, DF-ZF हाइपरसोनिक मिसाइल
- ड्रोन: FH-97 स्टील्थ ड्रोन
- एयर डिफेंस सिस्टम: HQ-19, HQ-26
- टैंक और बख्तरबंद वाहन: VN17
- वॉरशिप: फुजिया
चीन में विक्ट्री डे परेड जारी, लाइव फुटेज
जिनपिंग बोले- मानव सभ्यता को बचाने में चीन का बड़ा योगदान
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने परेड में भाषण दिया। उन्होंने कहा कि जापानी आक्रमण के खिलाफ लड़ा गया युद्ध बहुत कठिन लेकिन महान संघर्ष था। यह आधुनिक समय में किसी विदेशी आक्रमण पर चीन की पहली बड़ी जीत थी।
शी जिनपिंग ने बताया कि यह जीत चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के नेतृत्व और देश की एकजुटता की वजह से मिली।जिनपिंग ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध में चीन के लोगों ने भारी बलिदान दिए और मानव सभ्यता को बचाने तथा विश्व शांति की रक्षा करने में बड़ा योगदान किया।
अपने भाषण में शी जिनपिंग ने दुनिया के देशों से कहा कि वे युद्ध की असली वजहों को खत्म करें और पुराने दुखद हादसों को दोबारा न होने दें। उन्होंने कहा कि सच्ची सुरक्षा तभी मिल सकती है जब सभी देश बराबरी से पेश आएं, आपसी मेलजोल रखें और एक-दूसरे का सहयोग करें।
जिनपिंग ने कहा कि आज मानवता के सामने फिर से यह चुनाव है कि वह शांति चुने या युद्ध, संवाद करे या टकराव।
जिनपिंग ने कहा कि चीन शांति और विकास के रास्ते पर चलेगा और दुनिया के दूसरे देशों के साथ मिलकर ऐसा समुदाय बनाएगा, जहां सबका भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हो।शी जिनपिंग ने चीनी सेना (PLA) को विश्वस्तरीय ताकत बनने, राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की मजबूती से रक्षा करने की सलाह दी।
परेड में आधुनिक हथियारों के साथ 10 हजार सैनिक मौजूद
10,000 से ज्यादा सैनिकों और सैकड़ों आधुनिक हथियारों के साथ यह परेड कर रहे हैं। चीन की मीडिया के मुताबिक बीजिंग में सैन्य परेड को देखने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए हैं।
जिनपिंग ने कहा- चीन इतिहास के सही पक्ष में है
जिनपिंग ने कहा कि जापानी आक्रमण के विरुद्ध युद्ध यह जीत आधुनिक इतिहास में चीन की पहली पूर्ण विजय थी, इतिहास हमें याद दिलाता है कि विभिन्न देशों को ऐसी त्रासदी को फिर से दोहराने को रोकने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया अब फिर से संवाद या टकराव, शांति या युद्ध के सवाल का सामना कर रही है, चीनी लोग इतिहास के सही पक्ष पर खड़े हैं।
जिनपिंग बोले- ये भविष्य की तरफ देखने का अवसर
शी जिनपिंग ने अपने भाषण की शुरुआत यह कहकर की कि यह इतिहास का सम्मान करने और भविष्य की ओर देखने का अवसर है।
उन्होंने युद्ध की विजय में योगदान देने वाले दिग्गजों, साथियों और देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परेड में शामिल होने वाले विश्व नेताओं का भी स्वागत किया।
तानाशाह किम के साथ बेटी किम जू आए भी चीन पहुंचीं
जिनपिंग ने परेड में रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन परेड में शामिल होने पहुचे
नॉर्थ कोरियाई लीडर किम जोंग उन परेड में शामिल होने पहुंचे
