जिस 6 एकड़ जमीन पर कब्जा, उसकी कीमत ₹20 करोड़:3 मंजिला स्कूल बिल्डिंग भी जद में; भोपाल के ‘मछली’ परिवार की दखल की पड़ताल शुरू
भोपाल के अनंतपुरा कोकता में पशुपालन विभाग की 65 में से करीब 6 एकड़ जमीन में कब्जा साबित हो गया है। इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 20 करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं, इस पर अभी करोड़ों रुपए का स्ट्रक्चर खड़ा है। एक मीडिल स्कूल की 3 मंजिला बिल्डिंग भी कब्जे की जद में है। जिस पर मछली परिवार के दखल की पड़ताल भी शुरू हो गई है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड सिटी में 3 मंजिला स्कूल बिल्डिंग है, जो डेढ़ से दो हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बनी है। अफसरों को आशंका है कि इस स्कूल बिल्डिंग पर मछली परिवार का सीधे तौर पर नहीं, पर दखल जरूर है। इसलिए बिल्डिंग से जुड़ी सभी जांच की जा रही है। हालांकि, मछली परिवार से जुड़े वकील पहले ही गोविंदपुरा एसडीएम को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सीमांकन कार्रवाई में अनपात्ति है।
मछली परिवार का यह तर्क शावेज अहमद की ओर से वकील विशेष नामदेव ने एसडीएम को आवेदन दिया कि मेरे या मेरे परिजनों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खसरा नंबर-43, 44, 49/19, 50/21, 51/8, 54/43, 55/44, 57/43, 58/8, 60/36, 79/3 पर कभी कोई स्वामित्वाधिकार, कब्जा या अतिक्रमण नहीं रहा है और न ही वर्तमान में है।
यदि किसी कारणवश मेरे या परिवार के विरुद्ध उक्त भूमि संबंधित कब्जे या अतिक्रमण का संदेह, अभियोग प्रस्तुत किया गया है तो वह पूर्णत: असत्य, निराधार और विधिक दृष्टि से अवैध है। इस जमीन के सीमांकन, जांच या किसी भी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई में मेरी या परिवार की वैधानिक कार्रवाई में कोई आपत्ति नहीं है।
गोविंदपुरा एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव के अनुसार, सीमांकन करने के बाद अब रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
तीन दिन तक सीमांकन, यह कब्जा सामने आया जानकारी के अनुसार, पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन का तीन दिन का सीमांकन किया गया। इसमें करीब 40 बिल्डिंग, प्लाट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, एक स्कूल समेत दो-तीन कॉलोनियों के भी कब्जे मिले हैं।
रिपोर्ट तैयार करने में जुटा प्रशासन शुक्रवार को सीमांकन कार्य पूरा होने के बाद शनिवार को पटवारियों की टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। किस रकबे में किसका और कितना कब्जा है? ये रिपोर्ट में बताया जाएगा। यह रिपोर्ट एसडीएम श्रीवास्तव के पास पहुंचेंगी। फिर सोमवार को कलेक्टर सिंह के सामने रखी जाएगी। इसके बाद चिंह्नित कब्जाधारियों को पशुपालन विभाग से नोटिस भेजे जाएंगे। यदि कब्जाधारी जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन तोड़ने की कार्रवाई करेगा।
इसलिए किया गया सीमांकन 34 साल बाद पशुपालन विभाग को सीमांकन के पीछे भोपाल के मछली परिवार पर हुई कार्रवाई है। ड्रग्स और रेप केस के मामले में इस परिवार के दो सदस्य जेल में बंद है, जबकि अन्य पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद 30 जुलाई और फिर 21 अगस्त को जिला प्रशासन ने दो बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 बड़े अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए। ये सभी सरकारी जमीन पर बनाए जाना सामने आए। इस जमीन की कीमत सवा सौ करोड़ रुपए आंकी गई।
इसी बीच पशुपालन विभाग ने गोविंदपुरा एसडीएम श्रीवास्तव और तहसीलदार वर्मा को एक आवेदन दिया, जिसमें कहा गया कि उनकी जमीन पर भी कब्जा हो सकता है। इसलिए सीमांकन किया जाए। प्रशासन ने पड़ताल की तो कब्जे की बात सही निकली। इसके बाद मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस दिए गए। इन्हें भी सीमांकन के दौरान मौजूद रहने को कहा गया था।
