रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी टैरिफ पर विवाद के बीच कहा कि कोई भी देश परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता है। सिर्फ परमानेंट इंटरेस्ट होता है। राजनाथ ने यह बात एनडीटीवी डिफेंस समिट में शनिवार को कही।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ट्रेड वॉर जैसे हालात हैं। विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं। भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन हम राष्ट्रीय हित और लोगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
राजनाथ के इस बयान को ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ भारत, रूस और चीन के करीब आने की खबरों से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी आज ही जापान से चीन के दौरे पर रवाना हुए हैं। वे यहां एससीओ समित मे दोनों देश के राष्ट्रपति से मिलेंगे।
सिंह ने कहा,
हमारे लिए अपने लोगों का, किसानों का, छोटे व्यापारियों का, देशवासियों का हित सबसे ऊपर है। चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, लेकिन भारत किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

सिंह बोले- भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 24 हजार करोड़
- “दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं की गवाह है। जिस तरह से हमारी सेनाओं ने स्वदेशी उपकरणों के साथ पाकिस्तान पर सटीक हमले किए, उससे पता चलता है कि कोई भी मिशन बिना दूरदर्शिता और तैयारी के सफल नहीं हो सकता।”
- “2014 में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 700 करोड़ रुपए से कम था। आज यह बढ़कर लगभग 24 हजार करोड़ रुपए हो गया है, जो एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल खरीदार नहीं रहा बल्कि निर्यातक बन रहा है।”
वायुसेना उप प्रमुख ने कहा- जंग खत्म करना आसान नहीं है
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के सटीक हमलों के तीन महीने बाद वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर के नए वीडियो और जानकारी साझा की। एनडीटीवी डिफेंस समिट में कहा कि पाकिस्तान को युद्धविराम की मेज पर लाने के लिए भारतीय वायुसेना ने 50 से भी कम हथियार दागे।
उन्होंने कहा, ‘युद्ध शुरू करना बहुत आसान है, लेकिन उसे खत्म करना उतना आसान नहीं है और यह एक महत्वपूर्ण बात थी, जिसे ध्यान में रखना जरूरी था, ताकि हमारी सेनाएं सक्रिय रहें, तैनात रहें और किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें।’
