शाह बोले- पहलगाम हमला करने वाले 3 आतंकी ढेर:इनके नाम सुलेमान, फैजल और जिब्रान; भास्कर ने तीनों नाम पहले ही बता दिए थे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि जिन आतंकियों ने बैसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें सोमवार को ढेर कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑपरेशन महादेव चलाया। इन आतंकियों के नाम सुलेमान, फैजल अफगान और जिब्रान हैं। सुलेमान लश्कर का कमांडर था। इसके ढेरों सबूत हैं। अफगान और जिब्रान ए श्रेणी के आतंकी थे।
उन्होंने कहा कि ये तीनों पहलगाम हमले के आतंकी थे और तीनों मारे गए। आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों की भी पहचान हो गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भास्कर ने एक दिन पहले ही बताए आतंकियों के नाम और पहचान
भास्कर ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कश्मीर के लिडवास एरिया के जंगलों में मारे गए आतंकियों की पहचान और पहलगाम हमले में उनके शामिल होने की जानकारी दी थी। इसमें बताया था कि सुलेमान के साथ मारे गए बाकी दो आतंकी जिब्रान और हमजा उर्फ फैजल अफगानी हैं। तीनों पाकिस्तान के रहने
लोकसभा की कार्यवाही को जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…
लाइव अपडेट्स
अखिलेश बोले- चीन से आतंकवाद जितना ही खतरा
सपा अध्यक्ष ने कहा- हमारे पड़ोसी देश या तो अतिक्रमण कर रहे हैं या हमारे साथ नहीं है। ये तो मंत्री जी जानते होंगे कि पड़ोसी देश कितना अतिक्रमण कर रहा है। सरकार के ऐसे मामलों में सतर्कता से काम लेना होगा।
सरकार जवाब दे कि पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश खड़ा है। हमें चीन से उतना ही खतरा है, जितना आतंकवाद से हैं। सरकार की नीतियां, फैसले ऐसे हैं, जिनसे खतरा है, उन्हें मदद मिल रही है। सरकार ने देश को ट्रेडर्स कंट्री बनाकर छोड़ दिया है।
करप्शन जगह जगह लीक होकर टपक रहा है। सरकार को अपनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों के लिए SIR लाने की जरूरत है। सरकार की यही कोशिश होती है कि चूक कहकर हम बच जाएं।
अखिलेश बोले- किस दबाव के चलते सीजफायर स्वीकार किया
अखिलेश यादव ने कहा कि कनिमोझी बोलकर गई हैं। उन्हें विपक्ष के लोगों की बधाई मिल रही है। सत्ता पक्ष के लोग बोलकर गए, लेकिन उनकी तरफ से उनके लोगों को बधाई नहीं मिली। मैं भाजपा के लिए कहना चाहता हूं- मैं दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर मुझसे रुठा जा रहा है।
हमें अपनी फौज पर गर्व है। सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू किया तो टेरर कैंप और वहां के एयरबेस को भी ध्वस्त किया। जब हमारी सेना पाकिस्तान को एक सबक सिखा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं कर पाए।
कुछ लोग कह रहे थे कि 6 महीने का मौका मिल जाए, PoK हमारा होगा। सीजफायर की घोषणा सरकार करती तो अच्छा था। लेकिन सरकार ने किस दबाव के चलते सीजफायर स्वीकार किया?
सरकार जनता के इमोशंस का फायदा उठा रही है। हमले के दिन हर पर्यटक पूछ रहा था कि कोई हमारी रक्षा करने वाला, बचाने वाला क्यों नहीं था। जो सरकार दावा करती है कि 370 के बाद कश्मीर में कोई घटना नहीं होगी।
वहां लोग सरकार के आश्वासन पर गए थे। आखिर वहां सिक्योरिटी लैप्स की जिम्मेदारी कौन लेगा? पहलगाम की घटना इसी वजह से है। सरकार को ये जरूर बताना चाहिए कि भविष्य में ये न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
कनिमोझी बोलीं- केंद्र सरकार ने देश को निराश किया
DMK सांसद कनिमोझी ने कहा- हमें इन प्रतिनिधिमंडलों (ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच पर सांसदों के प्रतिनिधिमंडल) में जाना पड़ा क्योंकि शांति व्यवस्था विफल हो गई थी और आपने (केंद्र सरकार ने) भारत के लोगों को निराश किया था।
उन्होंने कहा- पहली बार भाजपा ने विपक्ष पर थोड़ा भरोसा दिखाया है। उन्होंने हमें इस देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए (सांसदों के) प्रतिनिधिमंडलों के नेता के तौर पर भेजा है। मैं उनका धन्यवाद करती हूं, लेकिन साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगी कि अगर इन प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने का अवसर न आया होता तो हम ज्यादा खुश और आभारी होते।
उन्होंने कहा कि आज गृह मंत्री ने अपने भाषण में सिर्फ विपक्ष को दोष देने का इरादा किया। आज यह एक दोषारोपण का खेल बन गया है। आज गृह मंत्री ने अपने भाषण में सिर्फ विपक्ष को दोष देने का इरादा किया।
शाह ने मनमोहन सरकार की आतंकी घटनाओं का जिक्र किया
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा- साल 2004-14 में अखंड मनमोहन की सरकार थी। इस दौरान 1770 लोग मारे गए, जबकि 2015 में 357 मारे गए। टेररिस्ट्स के मारे जाने में 123% का इजाफा किया। अनुच्छेद 370 हटाकर हमने टेरर इकोसिस्टम को खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा- एक जमाना था, कश्मीर में जनाजे में 10-10 हजार लोग रहते थे। अब जो आतंकी मारा जाता है, उसे वहीं दफना दिया जाता है। इनके दौर में स्टोन पेल्टिंग होती थीं, अब नहीं होती। इनके दौर में घाटी में 132 दिन हड़ताल रहती थी, अब घाटी हमेशा खुली रहती है।
शाह ने कहा कि हम हुर्रियत से कोई बात नहीं करते। ये टेरर आउटफिट हैं। हम बात करेंगे तो कश्मीर के युवाओं से बात करेंगे। गोगोई जी, आप कश्मीर गए हो? पाकिस्तान तो कई बार गए हो। बर्फ में-ठंड में जवान तैनात हैं। वहां से कोई आएगा तो मारा जाएगा। आपके समय में तो वो सीधे आते थे, आप उन्हें वीजा देते थे।
शाह ने UPA सरकार में पाकिस्तान भागे आतंकियों के नाम गिनाए
इन लोगों (विपक्ष) को लगता था कि बायसरन (पहलगाम) के गुनहगार पाकिस्तान भाग गए, लेकिन CRPF ने ठोक दिया। ये मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उठाइए, मेरे पास सलमान खुर्शीद का वीडियो सेव करके लाया हूं। दिखाना हो तो समय तय कर लीजिए।सैयद सलाहुद्दीन भागा, कांग्रेस की सरकार थी। दाऊद इब्राहिम भागा। टाइगर मेमन भागा। रियाज भटकल 2007 में भागा। शादाब बेग 2009 में भागा। आतंकी जब भी भागे, कांग्रेस की सरकार थी।
शाह बोले- कांग्रेस पार्टीशन नहीं स्वीकारती तो ये नहीं होता
संबोधन के दौरान गृह मंत्री शाह ने कहा- मैं सदन में कहना चाहता हूं कि आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है। अगर कांग्रेस पार्टीशन स्वीकार नहीं करती तो ये सब नहीं होता। ये टेररिज्म की बात करते हैं। देश की जनता को 20 साल की बातों से अवगत कराता हूं।
उन्होंने कहा कि 2002 अटल सरकार पोटा कानून लाई। पोटा कानून का विरोध किसने किया? मजबूरन हमें संयुक्त सत्र बुलाना पड़ा और तब ये पास हुआ। कांग्रेस पोटा कानून रोककर किसे बचाना चाहती थी? आप वोट बैंक लिए उल्लू सीधा करना चाहते थे।
- 2004 में मनमोहन सरकार ने पोटा कानून रद्द किया। मैं पूछना चाहता हूं कि इसके बाद क्या हुआ।
- 2005 में रामलला के टेंट पर हमला हुआ।
- 2006 में मुंबई में ट्रेन धमाके में 186 लोग मारे गए। 2007 लखनऊ-वाराणसी में मौतें हुई।
- 2008 मुंबई में 246 लोग मारे गए।
- 2008 में दिल्ली में हुए 5 धमाके हुए।
शाह ने कहा कि इन्होंने (पाकिस्तान की तरफ से) 2005 से 2011 के बीच 27 हमले किए, करीब 1000 लोग हुए, आपने क्या किया? 2014 से 2025 से एक भी घटना नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में अब आतंकी नहीं बनते। एक बार टीवी पर सलमान खुर्शीद रो पड़े। उन्होंने बताया था कि बाटला हाउस की घटना पर सोनिया गांधी फूट-फूटकर रोने लगीं।
शाह बोले- 30 हजार वर्गकिमी एरिया अक्साई चीन को दिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 1962 में चीन के साथ युद्ध में क्या हुआ? मैं पूछना चाहता हूं कि तब क्या हुआ? 30 हजार वर्गकिमी अक्साई चिन चीन को दे दिया।
जवाहर लाल नेहरू ने क्या कहा था- उस जगह तो घास का एक तिनका भी नहीं उगता। त्यागी जी ने कहा था कि आपके (नेहरू) आपके सिर पर भी बाल नहीं उगता, इसे में भी चीन को दे दें।नेहरू जी ने तो आकाशवाणी पर असम को बाय-बाय कह दिया था।
इस पर कांग्रेसी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। शाह बोले- जोर से बोलकर सच छिपाया नहीं जा सकता।
इसके बाद शाह ने नेहरू का पत्र कोट किया- अमेरिका ने भारत को सुरक्षा परिषद में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था। नेहरू ने कहा कि इससे चीन से हमारे संबंधों पर खराब असर पड़ेगा और चीन को बुरा लगेगा।
शाह बोले- सिंधु जल समझौते में 80% पानी पाकिस्तान को
गृह मंत्री ने कहा- मैंने कहा कि पाक को क्लीन चिट दे रहे हो, कनिमोझी जी बोलीं- हम नहीं दे रहे। ठीक है आप नहीं बोल रहीं, लेकिन जिसके साथ बैठ रही हैं, उसका दोष तो आपके सिर आएगा न।
गृह मंत्री शाह ने सिंधु जल समझौते पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा- सिंधु जल समझौते में भारत ने 80% अपना पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। हाजी पीर को पाकिस्तान को लौटा दिया। 1971 में भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए।
उन्होंने कहा- हम सब इंदिरा जी का सम्मान करते हैं। 93 हजार युद्धबंदी हमारे पास और 15 हजार वर्गकिमी जमीन भी हमारे पास थी, शिमला समझौते में पाक के कब्जे वाला कश्मीर मांगना ही भूल गए। अगर ऐसा हो जाता तो न रहता बांस, न बजती बांसुरी। युद्धबंदी और 15 हजार वर्गकिमी जमीन भी दे दी।
शाह ने कहा कि थल सेना के पूर्व चीफ सैम मानेकशॉ ने कहा था- ‘भुट्टो ने भारत के नेतृत्व को मूर्ख बनाया।’
शाह ने बताया पहलगाम हमले के बाद का पूरा एक्शन
- 30 अप्रैल को फिर CCS की बैठक हुई। सुरक्षा बलों को कार्रवाई की पूरी आजादी दी गई। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ।
- 6-7 मई की रात 1.04 से संयमित हमला हुआ। हमने पाकिस्तान और PoK के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन किसी भी सामान्य आदमी को नुकसान नहीं हुआ।
- सर्जिकल और एयर स्ट्राइक में हमने PoK (ये तो हमारा ही हिस्सा है) में हमला किया। ऑपरेशन सिंदूर में हमने पाकिस्तान के 100 किमी अंदर घुसकर हमला किया। इसमें जैश और लश्कर के कई आतंकी मारे गए।
- ये लोग पूछ रहे थे कि पहलगाम के दोषी कहां गए। मैंने 10 नाम पढ़े, आपके समय में जो छिप गए थे, नरेंद्र मोदी सरकार ने उन्हें चुन-चुनकर मारा। इस बार 100 आतंकियों को मारा। क्या आप (विपक्ष) इस पर भी गर्व नहीं कर सकते। 6-7 मई की रात 1.22 बजे ऑपरेशन खत्म हो गया। हमारे DGMO ने उनके DGMO को फोन पर जानकारी दे दी।
- हमने पाकिस्तान के टेररिस्ट ठिकानों पर हमला किया, पाकिस्तान ने इसे खुद पर हमला मान लिया। दूसरे दिन पाकिस्तान में आतंकियों का श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। जनाजे में आईएसआई के अफसर, सरकार के मंत्री शामिल थे। ये सामने आ गया कि पाकिस्तान में स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म है।
- हमारी मिसाइलों से पाक का कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ। उनके जैकोबाबाद, रहीमयार खान समेत 8 एयरबेस इतने सटीक तरीके से नष्ट किए गए कि पाकिस्तान देखता रह गया। ये (विपक्ष) हर चीज में पॉलिटिक्स करते हैं। जब पाकिस्तान ने हमारे रिहाइशी इलाकों पर हमला किया, हमने उनके इलाकों को निशाना नहीं बनाया।
- हमने उनके डिफेंस सिस्टम पर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान के पास हमारी शरण में आने के अलावा कोई चारा नहीं रहा। 12 मई की शाम 5 बजे दोनों देशों के DGMO ने बात की और संघर्ष विराम कर दिया।
गृह मंत्री ने चिदंबरम का जिक्र किया, हंगामा
अमित शाह ने कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम के बयान की भी सदन में आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमारे पास प्रूफ है, जो मैं सदन के सामने रखूंगा। आज कांग्रेस से आए पूर्व गृह मंत्री सबूत मांग रहे हैं। इस बीच सदन में हंगामा शुरू हो गया गया। गृह मंत्री ने विपक्ष से कहा कि धैर्य रखें, अभी शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, ‘मैं घटनाक्रम की पूरी जानकारी दूंगा।’
चीनी डिवाइस की वजह से मारा गया पहलगाम का मास्टरमाइंड
भास्कर ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कश्मीर के लिडवास एरिया के जंगलों में मारे गए आतंकियों की पहचान और पहलगाम हमले में उनके शामिल होने की जानकारी दी थी। इसमे बताया था कि सुलेमान के साथ मारे गए बाकी दो आतंकी जिब्रान और हमजा उर्फ फैजल अफगानी हैं। तीनों पाकिस्तान के रहने वाले थे। यहां क्लिक करके पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
