पुरी केस- नाबालिग को दिल्ली AIIMS एयरलिफ्ट किया जा रहा:70 फीसदी झुलसी, हालत गंभीर; 3 आरोपियों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी
ओडिशा के पुरी में शनिवार को जलाई गई 15 साल की नाबालिग 70 फीसदी झुलसी है। अभी तक उसका भुवनेश्वर AIIMS में इलाज चल रहा था। रविवार को उसे दिल्ली AIIMS एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
भुवनेश्वर AIIMS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशुतोष बिस्वास ने कहा- नाबालिग के इलाज में डॉक्टरों की 14 सदस्यीय टीम जुटी है।
उन्होंने कहा- नाबालिग ICU में ऑक्सीजन सपोर्ट पर है, लेकिन बात कर पा रही है। अगले 48 घंटे बहुत अहम हैं। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया है।
दरअसल, पुरी के बायाबर गांव में दोस्त के घर जा रही नाबालिग को बाइक सवार 3 युवकों ने रोका। उसे भार्गवी नदी के किनारे ले गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
पूरी घटना पीड़ित के घर डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हुई। छात्रा को आग क्यों लगाई, अभी तक इसकी कोई वजह सामने नहीं आई है। आरोपियों की तलाश में ओडिशा पुलिस की 4 टीमें लगी हुई हैं।
चश्मदीद बोला- लड़की जल रही थी, हमने आग बुझाई
श्याम सेनापति नाम के ग्रामीण ने बताया- जब लड़की मेरे घर की तरफ आई तो वह आग में घिरी हुई थी। मेरे परिवार ने उसकी आग बुझाई, उसे पानी पिलाया। इसके बाद लड़की के कपड़े बदले। उसके परिवार वालों को बुलाकर पिपिली सरकारी अस्पताल भेजा। यहां से उसे भुवनेश्वर AIIMS रेफर किया गया।
नवीन पटनायक बोले- राज्य में अपराधी बेखौफ हो गए हैं
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि इस घटना की मुझे बेहद पीड़ा है। दिनदहाड़े एक बच्ची को जलाने की कोशिश की गई, यह बेहद डरावनी बात है। एक हफ्ते पहले ही एफएम कॉलेज की छात्रा ने न्याय न मिलने पर खुद को आग लगा ली थी। एक महीना पहले गोपालपुर में भी एक भयानक घटना हुई थी।
पटनायक ने सवाल किया, ‘क्या अब सरकार जागेगी? क्या अपराधियों को जल्द पकड़ा जाएगा? और क्या आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे? ओडिशा की बेटियां इसका जवाब चाहती हैं।’
TMC बोली-बेटी बचाओ का नारा कहां गया?
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को आपराधिक लापरवाही बताया। TMC ने X पर लिखा, ‘बेटी बचाओ का नारा कहां गया? पीएम मोदी, यह आपके हाथों पर खून है।’ वहीं, लड़की के परिवार ने किसी निजी दुश्मनी या प्रेम संबंध से इनकार किया है।
8 दिन पहले ओडिशा में एक अन्य छात्रा ने आग लगा ली थी, आरोपी अरेस्ट
- छात्रा फकीर मोहन कॉलेज में इंटीग्रेटेड BEd कोर्स में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। उसने 12 जुलाई को हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HoD) के सेक्शुअल हैरेसमेंट से परेशान होकर कॉलेज कैंपस में खुद पर केरोसीन छिड़ककर आग लगा ली थी।
- घटना से पहले वह प्रिंसिपल के पास गई थी, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे अपनी शिकायत वापस लेने को कहा था। इसके बाद उसने आत्मदाह कर लिया था। छात्रा को पहले बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डॉक्टरों ने AIIMS भुवनेश्वर रेफर कर दिया था।
- ओडिशा पुलिस ने 12 जुलाई को ही आरोपी HoD समीर कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया था। राज्य सरकार ने कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष को सस्पेंड किया था। हालांकि, राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन के बीच 14 जुलाई को पुलिस ने प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार कर लिया।
- छात्रा 95 फीसदी से ज्यादा जल चुकी थी। उसने 14 जुलाई की देर रात भुवनेश्वर AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
17 जुलाई: कांग्रेस सहित 8 पार्टियों का प्रदर्शन
ओडिशा में सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकार छात्रा की मौत को लेकर विपक्ष ने 17 जुलाई को ओडिशा बंद बुलाया था। प्रदर्शनकारियों ने भद्रक में ट्रेन को रोका था। भुवनेश्वर में बसों का चक्काजाम किया गया था।
भद्रक जिले के चेन्नई-कोलकाता हाईवे पर टायर जलाए गए थे, जिसके चलते ट्रकों की लंबी कतार लग गई थी। मयूरभंज में भी लोग सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे थे
कांग्रेस सहित 8 विपक्षी पार्टियां इस प्रदर्शन में शामिल हुईं थीं। इनमें बीजू जनता दल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी CPI(M), सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (SUCI) के नेता-कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में नजर आए थे। पूरी खबर पढ़ें…
