फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ का मामला बढ़ता जा रहा है। इस सिलसिले में गुरुवार को तेलंगाना फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और प्रोड्यूसर दिल राजू, एक्टर नागार्जुन और वेंकटेश दग्गुबती के साथ कई फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्तियां तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात करने पहुंचीं।
सूत्रों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर और फिल्म निर्माताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार फिल्म इंडस्ट्री के साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
एक्टर नागार्जुन ने सीएम रेवंत रेड्डी को शॉल उड़ाते हुए सम्मानित किया।
पुष्पा-2 टीम ने विक्टिम फैमिली को ₹2 करोड़ दिए
हैदराबाद में पुष्पा-2 की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला के परिवार को पुष्पा फिल्म की टीम ने 2 करोड़ रुपए की मदद की है। अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद ने जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि अल्लू अर्जुन ने 1 करोड़ रुपए दिए, जबकि पुष्पा के डायरेक्टर सुकुमार और मैत्रेयी प्रोडक्शन हाउस ने 50-50 लाख रुपए दिए हैं।
तेलंगाना CM ने हादसे के लिए अल्लू अर्जुन को जिम्मेदार ठहराया था
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शनिवार को ही भगदड़ के मामले में विधानसभा में बयान दिया था।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा था- अल्लू अर्जुन लापरवाह थे और मौत की सूचना मिलने के बावजूद थिएटर से बाहर नहीं निकले और रोड शो किया।
हादसे में जान गंवाने वाली महिला रेवती ने अपने बेटे श्रीतेज का हाथ इतनी मजबूती से पकड़ा था कि पुलिस उन्हें अलग नहीं कर पाई। पीड़ित परिवार हर महीने 30 हजार रुपए कमाता है, लेकिन हर टिकट पर ₹3000 खर्च करता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि बेटा अल्लू अर्जुन का फैन है।
जानें क्या है पूरा मामला
हैदराबाद में 4 दिसंबर को फिल्म पुष्पा-2 की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मचने से एक महिला की मौत हो गई थी, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने एक्टर अल्लू अर्जुन, थिएटर और सिक्योरिटी एजेंसी पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
मृतक के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 118(1) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत अल्लू अर्जुन, उनकी सिक्योरिटी टीम और थिएटर मैनेजमेंट के खिलाफ चिक्काडपल्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया था।
अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर को दोपहर 12 बजे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 4 बजे उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था। अल्लू ने अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट में अपील की थी।
शाम 5 बजे उन्हें 50 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर अंतरिम जमानत मिल गई थी। इसी दौरान अल्लू को चंचलगुडा सेंट्रल जेल ले जाया गया था। वहां उन्हें क्लास-1 बैरक में रखा गया था। इसके बाद अल्लू को 14 दिसंबर की सुबह करीब 6.30 बजे चंचलगुडा सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। उनके पिता अल्लू अरविंद और ससुर कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी उन्हें लेने जेल पहुंचे थे।
अल्लू अर्जुन के घर की गई थी तोड़फोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार हुए थे
हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी के कुछ लोगों ने 22 दिसंबर को अल्लू अर्जुन के घर तोड़फोड़ की थी। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 6 लोगों को 23 दिसंबर को जमानत दे दी गई थी।
यह तस्वीर 22 दिसंबर की है, जब अल्लू अर्जुन के घर तोड़फोड़ की गई थी।
