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NHAI से पूछा- अजमेर हाईवे का कट वैध-अवैध:BPCL से भी सवाल-LPG टैंकर चलाने की गाइडलाइन क्या है? जयपुर ब्लास्ट में अब तक 19 मौत

NHAI से पूछा- अजमेर हाईवे का कट वैध-अवैध:BPCL से भी सवाल-LPG टैंकर चलाने की गाइडलाइन क्या है? जयपुर ब्लास्ट में अब तक 19 मौत

जयपुर1 घंटे पहले

जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे 1 और व्यक्ति ने गुरुवार सुबह 9:20 बजे सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसी के साथ इस हादसे में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। इसमें एक पूर्व IAS भी शामिल हैं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह दिल दहलाने वाली घटना हुई थी।

उधर, इस मामले का संज्ञान हाईकोर्ट ने लिया तो पुलिस भी एक्टिव हुई है। पुलिस ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरशन लिमिटेड (BPCL) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र लिखकर 6 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें टैंकर, उसके मालिक, हाईवे के कट आदि को लेकर सवाल किए गए हैं।

SMS हॉस्पिटल के डॉक्टर राकेश जैन से बताया – 28 साल के लालाराम 60 फीसदी झुलस गए थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनकी आज सुबह मौत हो गई। अभी भी SMS हॉस्पिटल के बर्न वॉर्ड में गंभीर रूप से झुलसे 20 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों में 3 वेंटिलेटर पर हैं। लालाराम की बॉडी SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवा दी गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव परिजनों को दिया जाएगा।

रुक नहीं रहा मौतों का सिलसिला
जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए हादसे के शिकार लोगों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बुधवार (25 दिसंबर) को 3 और मंगलवार (24 दिसंबर) को 2 मरीजों की मौत हो गई थी। 3 मरीजों को 23 दिसंबर को और 2 को 24 दिसंबर को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था।
25 दिसंबर की सुबह करीब 4 बजे विजिता मीणा (22) निवासी प्रतापगढ़ (राजस्थान) और सुबह करीब साढ़े नौ बजे विजेंद्र (36) निवासी भुरीबड़ाज, पावटा (जयपुर) ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद दोपहर एक बजे के आसपास घायल बंशीलाल (35) निवासी भीलवाड़ा की भी मौत हो गई थी। विजेता और विजेंद्र क्रमश: 70-70 प्रतिशत झुलसे थे।
24 दिसंबर को भी 2 लोगों की मौत हुई थी। इसमें एटा (यूपी) के रहने वाले नरेश बाबू और नूंह (हरियाणा) के यूसुफ शामिल हैं।

20 दिसंबर की सुबह जयपुर-अजमेर हाईवे इसी तरह सुलग रहा था। करीब 40 गाड़ियां आग की चपेट में आ गई थीं।
हाईवे पर 4 जिंदा जल गए थे, 9 ने उसी दिन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया था
जयपुर के अजमेर रोड पर भांकरोटा (DPS के पास) में 20 दिसंबर को हुए हादसे में 4 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए थे। 8 लोगों ने उसी दिन सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। 1 मौत जयपुरिया हॉस्पिटल में हुई थी।

टैंकर से निकली गैस आग का गोला बनकर हाईवे पर फैली थी
पुलिस को जयवीर सिंह (LPG टैंकर ड्राइवर) ने बताया कि हादसे के दौरान टैंकर में वह अकेले था। बिना समय गंवाए मैं भागने लगा। टैंकर से निकली गैस आग का गोला बन कर सड़क पर फैलने लगी। तब तक मैं रिंग रोड पर आ चुका था। मैंने फोन कर ट्रक मालिक अनिल कुमार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मोबाइल को बंद कर लिया।

हादसे में आग की चपेट में आने जली गाड़ियों को क्रेन की मदद से घटनास्थल से हटाया गया था।
40 गाड़ियों और फैक्ट्री में लगी थी आग
आग इतनी तेजी से फैली थी कि 40 से ज्यादा गाड़ियां उसकी चपेट में आ गई थी। टैंकर के ठीक पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई थी। एक्सीडेंट की वजह से बस का दरवाजा एक ट्रक से चिपक गया। इस कारण उसमें सवार 34 लोगों को बाहर निकलने की जगह ही नहीं मिली। बड़ी मुश्किल से ड्राइवर वाले गेट से लोगों को बाहर निकाला गया। आग बुझने के बाद कई शवों को पोटली में डालकर अस्पताल ले जाया गया था।

जयपुर-अजमेर हाईवे पर एलपीजी ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बीपीसीएल और एनएचएआई को एक लेटर भेजकर रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने लिखा है कि हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया है। इसके कारण संबंधित विभाग जल्द से जल्द पूछे गए सवालों का जवाब देकर रिपोर्ट भेजें। सिंधी कैंप थाने के सीआई की तरफ से ये लेटर लिखा गया है।

बीपीसीएल से ये जानकारी मांगी गई…

1. बीपीसीएल के एलपीजी गैस टैंकर नम्बर HR 38 S 0741 के संबंध में यह बताएं कि एलपीजी गाड़ी के सड़क परिवहन के संबंध में क्या दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) हैं?

2. एलपीजी गाड़ी की सुरक्षा के संबंध में क्या दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) निर्धारित किए गए हैं?

3. दुर्घटनाग्रस्त टैंकर नंबर HR 38 S 0741 का मैप क्या है। इसका निर्माण कब हुआ। यह टैंकर इस काम में कब से था।

4. दुर्घटनाग्रस्त टैंकर का मालिक और ड्राइवर कौन है। टैंकर मालिक के अन्य कितने टैंकर गैस परिवहन में लगे हुए हैं।

5. टैंकर कहां से किस तारीख को भरा गया। कहां जा रहा था। इसमें एलपीजी गैस की मात्रा क्या थी।

6. दुर्घटनाग्रस्त टैंकर गंतव्य स्थान पर कब पहुंचना था। क्या समय से था या देरी से था। एलपीजी गैस वाहन के रात को परिवहन से संबंधित क्या दिशा-निर्देश हैं ?

NHAI को दिए गए पत्र में पूछे गए सवाल…

1. अजमेर से आने वाले भारी वाहन, जिनको रिंग रोड पर जाना है, उनके लिए भांकरोटा के आसपास जो क्लोवर लिफ (सुगम यातायात के लिए) बनाया जाना था। उसके बनाए जाने की अन्तिम तारीख क्या थी?

2. क्लोवर लिफ का निर्माण कार्य प्रारम्भ होने की तिथि क्या थी। निमार्ण कार्य पूरा कब तक होना था?

3. अजमेर रोड भांकरोटा में क्लोवर लिफ बनाने का काम अब तक किन कारणों से पूरा नहीं हुआ?

4. क्लोवर लिफ बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से क्या प्रयास किए गए। समय पर काम पूरा नहीं होने पर एनएचएआई द्वारा किस अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई?

5. वर्तमान में क्लोवर लिफ का काम किस स्थिति में है। इसका निर्माण कब तक पूरा होगा?

6. अजमेर रोड भांकरोटा में डीपीएस स्कूल के पास रोड कट कब से चालू है। यह रोड कट अवैध है या वैध है। पूर्व में यातायात पुलिस और प्रशासन या अन्य एजेन्सी द्वारा इस कट को बंद करने या सुधार करने बाबत क्या कोई सुझाव दिया गया था। यदि दिया गया तो कब दिया गया था, तथा एनएचएआई द्वारा इस पर क्या किया गया है।

तस्वीरों में देखिए दिल दहलाने वाला हादसा…

हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने गाड़ियों में फंसे शवों को कपड़ों, कट्टों व पोटलियों में समेटकर निकाला।
रेस्क्यू टीमों ने घटनास्थल पर एक टैंकर पर पानी डालकर उसको फटने से बचाया।

घटनास्थल पर धुएं के चलते रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी आ रही थी।
घटनास्थल के आसपास इस तरह के कपड़े के ढेर मिले। जलने के बाद लोगों ने जैसे-तैसे अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए थे।

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