Headlines

तिहाड़ जेल से 872 दिन बाद बाहर आए सत्येंद्र जैन:आतिशी-सिसोदिया ने गले लगाया; मनी लॉन्ड्रिंग केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दी

तिहाड़ जेल से 872 दिन बाद बाहर आए सत्येंद्र जैन:आतिशी-सिसोदिया ने गले लगाया; मनी लॉन्ड्रिंग केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दी

नई दिल्ली7 मिनट पहले
तिहाड़ जेल के बाहर सत्येंद्र जैन से दिल्ली की सीएम आतिशी, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुलाकात की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन शुक्रवार रात करीब 8.16 बजे तिहाड़ से बाहर आ गए। वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 872 दिन से जेल में थे। उन्हें ED ने 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था।

जेल के बाहर दिल्ली की सीएम आतिशी, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और अन्य AAP कार्यकर्ताओं ने सत्येंद्र का स्वागत किया। सत्येंद्र ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल ने पहले ही कहा था कि आग का दरिया है तैर के जाना है, जेल जरूर जाना पड़ेगा ध्यान रखना। ये आतिशी जी हावर्ड से पढ़कर आई हैं। इनको भी जेल जाना पड़ेगा।’

उन्होंने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल जनता के लिए काम करते हैं और केंद्र सरकार केवल दो लोगों के लिए काम करती है। आम आदमी पार्टी जनता के लिए सोचती है। हम लोग अपना काम छोड़कर राजनीति में आए। जितने भी खांटी नेता हैं उन्हें इसी बात का दर्द है।’

तिहाड़ जेल के बाहर की तस्वीरें…

तिहाड़ से बाहर आए सत्येंद्र जैन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
तिहाड़ जेल से बाहर आए सत्येंद्र जैन को मनीष सिसोदिया ने गले लगाया।
तिहाड़ के बाहर AAP कार्यकर्ता मिठाई खाते हुए।

कोर्ट ने कहा- अभी ट्रायल के जल्द खत्म होने के आसार नहीं हैं शुक्रवार को दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत देते हुए कहा- अभी ट्रायल के जल्द खत्म होने के आसार नहीं हैं। कोर्ट ने सत्येंद्र को 50 हजार रुपए का निजी मुचलका भरने का भी आदेश दिया।

ED ने 24 अगस्त 2017 को CBI की तरफ से दर्ज की गई FIR को आधार बनाकर जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। ED ने आरोप लगाया था कि सत्येंद्र ने उनसे जुड़ी 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की।

ED का आरोप था कि जैन ने इन फर्जी कंपनियों के जरिए आए पैसे का इस्तेमाल 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के बीच कई लोगों के नाम पर चल संपत्तियां खरीदने में किया। इसके अलावा दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद के लिए लोन अदायगी में किया था।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि मामले में सत्येंद्र से पूछताछ की गई थी। जिसमें वे संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके थे। सत्येंद्र के अलावा उनकी पत्नी पूनम जैन, अजित प्रसाद जैन, सनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद सत्येंद्र को 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया गया था। तब से वे तिहाड़ जेल में थे।

सत्येंद्र जैन की ओर से सीनियर एडवोकेट एन हरिहरण और विवेक जैन ने दलीलें दीं, ED की ओर से जोहेब हुसैन ने पक्ष रखा, सुनावई स्पेशल जज विशाल गोगने ने की ।

कोर्ट रूम लाइव….

जज विशाल गोगने: ‘सत्येंद्र पहले ही हिरासत में काफी समय बिता चुके हैं। निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है। समाप्त होने की बात तो दूर की बात है। सिसोदिया मामले में तय मापदंडों के आधार पर सत्येंद्र जैन जमानत के हकदार हैं। सत्येंद्र PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में करीब 18 माह से जेल में बंद हैं।’

जैन के वकील: सत्येंद्र जैन के वकील एन हरिहरन और विवेक जैन ने दलील दी कि ईडी पिछले पांच सालों से इसकी जांच कर रही है और अब तक आरोप तय नहीं हुए हैं। इस मामले में आगे की जांच लंबित है। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया 17 माह तक हिरासत में रहे। उन्हें जमानत मिल गई। BRS नेता के कविता को 5 माह में जमानत मिल गई। जैन को जमानत दी जाती है तो गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं है और न ही उनके भागने का भी कोई खतरा है।

ED ने कहा: दो सह-आरोपियों ने कथित तौर पर केवल मुख्य आरोपी की सहायता की। ये देखें कि अदालत ने उस मामले में देरी से कैसे निपटा। देरी आरोपियों की वजह से हुई है। अगर आरोपी सहयोग करते तो हम मुकदमे के अगले फेज में होते। मनीष सिसोदिया के मामले में देरी एकमात्र कारण नहीं थी। मुकदमे में देरी यानी कि सजा की लंबी अवधि। सिसोदिया की ओर से कोई देरी नहीं हुई। यही अंतर है। कोई व्यक्ति स्थगन की मांग नहीं कर सकता और यह नहीं कह सकता कि मुकदमे में देरी हुई।

सत्येंद्र जैन की रिहाई पर किसने क्या कहा?

  • अरविंद केजरीवाल: सत्येंद्र जैन को भी दो साल से ज्यादा जेल में रहने के बाद बेल मिल गई। इनका कसूर क्या था? इनके यहां कई कई बार रेड हुई। एक पैसा भी नहीं मिला। इनका कसूर सिर्फ इतना था कि इन्होंने मोहल्ला क्लिनिक बनाए। गरीबों का फ्री इलाज रोकने के लिए मोदी जी ने इन्हें जेल में डाल दिया, लेकिन भगवान हमारे साथ है। आज ये भी रिहा हो गए।
  • मनीष सिसोदिया: मेरे, संजय भाई और अरविंद जी के बाद आज सत्येंद्र जैन भी रिहा हो गए हैं।
  • संजय सिंह: 873 दिन का लंबा संघर्ष, मोदी की यातनाओं की सारी कोशिश भी सत्येंद्र के हौसले को नहीं तोड़ पाई। ये आम आदमी के नेता है, इन पर झूठे मुकदमे चला सकते हो, लाठियां बरसा सकते हो, जेल में डाल सकते हो मगर इनके हौसले नहीं तोड़ सकते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024