Headlines

महाराष्ट्र के अमरावती में पुलिस पर पथराव, 21 पुलिसवाले घायल:1200 लोगों पर केस दर्ज; हिंदू संत के विवादित बयान से भड़के लोगों ने पथराव किया

महाराष्ट्र के अमरावती में पुलिस पर पथराव, 21 पुलिसवाले घायल:1200 लोगों पर केस दर्ज; हिंदू संत के विवादित बयान से भड़के लोगों ने पथराव किया

अमरावती9 घंटे पहल
नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर देर रात पथराव के बाद पुलिस जवानों की तैनाती बढ़ाई गई।

महाराष्ट्र के अमरावती में शुक्रवार देर रात को नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर पथराव हुआ। इसमें 21 पुलिसवाले घायल हुए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को संभाला।

दरअसल, 29 सितंबर को गाजियाबाद में नरसिंहानंद महाराज ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था। इससे गुस्साई भीड़ ने शुक्रवार देर रात पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की।

अमरावती पुलिस कमिश्नर नवीन चंद्र रेड्डी ने बताया कि रात करीब 8.15 बजे कुछ लोग नरसिंहानंद के खिलाफ केस दर्ज कराने नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन आए। थाना प्रभारी ने उन्हें बताया कि नरसिंहानंद के खिलाफ FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है, जिसके बाद वो लोग लौट गए थे।

कुछ देर बाद बहुत सारे लोग पुलिस स्टेशन आए। उन्होंने नारेबाजी करना शुरू की। थाने में अधिकारियों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिए, जिससे 21 अधिकारी घायल हुए और 10 वैन डैमेज हुईं।

हमला करने वाले 1,200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से अब तक 26 लोगों की पहचान हो चुकी है। उन पर BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

पथराव की 3 तस्वीरें…

नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर पथराव से खिड़कियों के कांच टूट गए।
पुलिस स्टेशन पर पथराव के बाद पुलिस फोर्स बढ़ाई गई।
पुलिस स्टेशन के आसपास खड़ी गाड़ियों के कांच भी पथराव में टूटे।

कमिश्नर बोले- सीनियर अधिकारियों ने स्थिति संभाली अमरावती पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सीनियर अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को संभाला। नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर तुरंत पुलिस फोर्स बढ़ाई गई। इलाके में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई। 5-6 से ज्यादा लोगों के एकजुट होने पर रोक लगा दी गई।

पथराव के बाद नरसिंहानंद के खिलाफ एक और FIR दर्ज पुलिस ने बताया कि यति नरसिंहानंद महाराज के खिलाफ नागपुरी गेट थाने में BNS की धारा 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है), 302 (जानबूझकर किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्द कहना), 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई) के तहत FIR दर्ज की गई है।

नरसिंहानंद ने मॉस्को से पढ़ाई की, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर भी हैं

गाजियाबाद में 29 सितंबर को हुए कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद ने यह बयान दिया।

यति नरसिंहानंद सरस्वती का असली नाम दीपक त्यागी है। वे 1989 में केमिकल टेक्नोलॉजी की डिग्री लेने मॉस्को चले गए थे। उन्होंने मॉस्को में ही इंजीनियर के तौर पर नौकरी की। 1997 में वे भारत लौटे। 1998 में संन्यास लेकर दीपक त्यागी ने अपना नाम दीपेंद्र नारायण सिंह रखा लिया। बाद में वे यति नरसिंहानंद गिरि नाम से जाने गए। 2007 से वह गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर है। फिलहाल जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर भी हैं। नरसिंहानंद के 4 विवादित बयान, जो चर्चा में रहे

  • जिहाद कैंसर की तरह फैल रहा, हिंदू अपनी रक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें।
  • मौलाना कहते हैं कि अगर मोहम्मद के बारे में बोला तो सिर काट देंगे, ये भय हिंदू अपने दिमाग से निकाल दें।
  • मुसलमान का सबसे बड़ा फर्ज है कि जो भी मोहम्मद ने किया था, हर मुसलमान वही काम करे। अगर मुसलमान वही काम करता है तो ये दुनिया के लिए बहुत खतरनाक होगा।
  • देश के बंटवारे की नींव AMU में रखी गई है। जिहादी मानसिकता वाले ऐसे संस्थानों को नष्ट कर देना चाहिए।

यति नरिसंहानंद के खिलाफ UP के 2 जिलों में प्रदर्शन

1. बुलंदशहर में नमाज के बाद बवाल, पुलिस पर पथराव

बुलंदशहर में प्रदर्शन के बाद वेस्ट UP में अलर्ट जारी किया गया

4 अक्टूबर की देर शाम बुलंदशहर में नमाज के बाद लोग नरसिंहानंद के बयानों को लेकर भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। किसी तरह हालात काबू में किए गए। मौके पर भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया। एसएसपी ने बताया घटना में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं नहीं हुआ। पूरी खबर पढ़ें…

2. गाजियाबाद में मंदिर के बाहर प्रोटेस्ट, पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला

गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के बाहर शुक्रवार देर रात करीब 2000 लोग प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे।

4 अक्टूबर को ही गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के बाहर यति नरसिंहानंद के बयानों से नाराज होकर करीब 2000 लोग प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे। सिचुएशन को काबू में करने के बाद पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च निकाला। इसके बाद रातभर शांति समितियों की बैठकें हुईं। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024