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पुलिस कस्टडी में नामांकन भरने पहुंचे कांग्रेस उम्मीदवार:अवैध खनन-मनी लॉन्ड्रिंग के ED केस में जेल में बंद पंवार, 5 घंटे की छूट मिली

पुलिस कस्टडी में नामांकन भरने पहुंचे कांग्रेस उम्मीदवार:अवैध खनन-मनी लॉन्ड्रिंग के ED केस में जेल में बंद पंवार, 5 घंटे की छूट मिली

सोनीपत1 घंटे पहले
सोनीपत में कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार नामांकन करने पहुंचे।

हरियाणा में सोनीपत से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र पंवार आज नामांकन करने लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उनके साथ उनकी कवरिंग कैंडिडेट पुत्र वधू समीक्षा पंवार भी मौजूद थीं। खास बात यह है कि सुरेंद्र पहले से ही अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं।

गिरफ्तारी के बाद से ही सुरेंद्र अंबाला जेल में बंद हैं। नामांकन के लिए सुरेंद्र पंवार को कड़ी सुरक्षा में ED की टीम और पुलिस ही लेकर पहुंची थी। इस दौरान मौके पर भीड़ भी जमा रही। कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने ही सुरेंद्र पंवार का नामांकन करवाया।

लघु सचिवालय में नामांकन के लिए पहुंचे सुरेंद्र पंवार के PHOTOS…

सुरेंद्र पंवार लोगों की भीड़ के बीच नामांकन करने के जाते हुए।
सोनीपत में कांग्रेस सांसद सतापल ब्रह्मचारी उम्मीदवार सुरेंद्र पंवार का नामांकन कराने पहुंचे।
पुत्र वधू समीक्षा पंवार ने सुरेंद्र पंवार के पांव छू कर आशीर्वाद लिया।
कांग्रेस वर्करों को लघु सचिवालय के अंदर जाने से रोकती पुलिस।
सोनीपत लघु सचिवालय में भीड़ और तैनात की गई पुलिस।

भीड़ बेकाबू हुई मौजूदा विधायक सुरेंद्र पंवार के सोनीपत आकर नामांकन भरने की सूचना पर पहले ही उनके समर्थकों के भीड़ लघु सचिवालय परिसर में जमा होने लगी थी। इसलिए, मौके पर एक्स्ट्रा पुलिसकर्मी भी तैनात करने पड़े। सुरेंद्र पंवार के आने के बाद जब उन्हें अंदर नामांकन के लिए ले जाने लगे तो भीड़ भी अंदर बढ़ने लगी।

लोगों को अंदर जाने से रोकने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सुरेंद्र पंवार के परिजन भी यहां पहुंचे थे। इसके बाद उनके नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई।

पुत्र वधू समीक्षा पंवार के साथ नॉमिनेशन भरते सुरेंद्र पंवार।

स्क्रूटनी में आएंगे सुरेंद्र पंवार कांग्रेस कैंडिडेट सुरेंद्र पंवार के वकील मुकेश पन्नालाल ने बताया है कि पंवार के नामांकन के लिए उन्होंने चुनाव आयोग को रिक्वेस्ट डाली थी। किसी भी कैंडिडेट को नामांकन का हक है, चाहे वह किसी भी स्थिति में हो। चुनाव आयोग ने उनकी प्रार्थना को स्वीकार किया और पंवार को नॉमिनेशन की इजाजत मिली।

इसके अलावा वकील ने बताया कि नामांकन के लिए सुबह 10 से 3 बजे की इजाजत मिली थी। उन्हें स्क्रूटनी के लिए भी लाया जाएगा। इसकी इजाजत भी आयोग से ली हुई है। मुकेश पन्नालाल का कहना है कि सुरेंद्र राजनीति के शिकार हुए हैं।

सुरेंद्र पंवार के वकील मुकेश पन्नालाल जानकारी देते हुए।

कांग्रेस ने दूसरी बार कैंडिडेट बनाया सुरेंद्र पंवार को कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार सोनीपत से कैंडिडेट बनाया है। पिछला चुनाव उन्होंने 32,878 वोट के बड़े मार्जिन से जीता था। उन्होंने भाजपा की 2 बार की विधायक कविता जैन को मात दी थी। इस बार भाजपा ने कविता का टिकट काटकर निखिल मदान को अपना उम्मीदवार बनाया है।

सुरेंद्र पंवार को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस और ED के अधिकारी।

दो महीने पहले पकड़े गए सुरेंद्र पंवार बता दें कि ED ने करीब 2 महीने पहले सुरेंद्र पंवार को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र पंवार अवैध खनन से जुड़े मामले में दिल्ली ED ऑफिस में पेश हुए थे। यहीं से टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

ED के वकील ने बताया था कि विधायक सुरेंद्र पंवार पर 25 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग ट्रायल का मामला भी है। विधायक के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं। एक मामला ED की टीम ने दर्ज कराया है। जनवरी 2024 में यह मामला दर्ज किया गया था।

पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के ठिकानों से ED की टीम को कैश, गोल्ड और विदेशी हथियार मिले थे।

खनन कारोबार को लेकर जनवरी में रेड हुई विधायक सुरेंद्र पंवार का हरियाणा के साथ राजस्थान में भी खनन कारोबार है। इसी साल 4 जनवरी को ED की टीम ने उनके सोनीपत में सेक्टर-15 स्थित आवास पर रेड की थी। खनन कारोबार में करीब 36 घंटे तक जांच हुई थी। जिसके बाद खनन कारोबार में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए टीम ने घर में रखे डॉक्यूमेंट खंगाले थे।

उसी दिन यमुनानगर के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के ठिकानों पर भी ED की टीम ने रेड की थी। उनके महाराणा प्रताप चौक के पास ऑफिस, सेक्टर-18 में खनन एजेंसी के ऑफिस और कलेसर में फार्म हाउस पर जांच की गई। उनके करीबियों संजीव गुप्ता, इंद्रपाल सिंह उर्फ बबल के घर, ट्रांसपोर्टर गुरबाज सिंह के ऑफिस पर भी टीमें पहुंची थीं।

5 दिन रेड के बाद 8 जनवरी को दिलबाग सिंह को ED ने गिरफ्तार कर लिया था। ED ने दावा किया था कि रेड के दौरान दिलबाग के घर से 5 करोड़ रुपए कैश, 3 गोल्ड बिस्किट, विदेशी शराब की 100 से ज्यादा बोतलें, विदेश में बनाई कई संपत्तियों के कागजात, 5 विदेशी राइफलें, 300 कारतूस समेत अन्य चीजें बरामद की।

जिसके बाद यमुनानगर में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट में 2 केस दर्ज किए गए थे। एक महीने बाद दिलबाग सिंह को जमानत मिल गई थी।

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