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उच्च शिक्षामंत्री बोले-भारत वास्कोडिगामा नहीं, व्यापारी चंदन की खोज:दीक्षांत समारोह में इंदर परमार ने कहा- अमेरिका भी कोलंबस की डिस्कवरी नहीं

भारत की खोज वास्कोडिगामा ने नहीं ,चंदन नाम के व्यापारी ने की थी। वास्कोडिगामा ने खुद लिखा है कि, व्यापारी चंदन का जहाज उसके जहाज के आगे चल रहा था। हमें गलत इतिहास पढ़ाया गया है। अमेरिका की खोज भी कोलंबस ने नहीं की, बल्कि हमारे पूर्वजों ने की है, जिसके रिकॉर्ड आज भी मौजूद हैं।’

यह कहना है मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का। वे मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटीं।

राज्यपाल ने कहा- राष्ट्र निर्माण छात्रों की बड़ी जिम्मेदारी

राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा विकसित भारत के निर्माण की महती (बड़ी) जिम्मेदारी सौंपी है। शिक्षक इस दिशा में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें। विकसित भारत के कर्णधार हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करते रहना छात्रों की जिम्मेदारी है।’

राज्यपाल ने कहा, ‘जिन्हें दीक्षांत मिला है, उनमें 90 प्रतिशत लड़कियां हैं। इस साल के अलावा बाकी वर्षों की अंकसूची और उपाधियां डिजिटली दी जाएं। विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए गौरव की बात है कि वे शहीद बरकतउल्ला के नाम पर संचालित विश्वविद्यालय के छात्र हैं। इस विश्वविद्यालय को पीएम उषा योजना से 100 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय को बधाई देते हैं।’

राज्यपाल मंगुभाई पटेल, CM डॉ. मोहन यादव, मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटीं।

सीएम बोले- नि:शुल्क उपाधि देगा विश्वविद्यालय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- ‘बरकतउल्ला विश्वविद्यालय पात्र छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क उपाधि देगा। यादव ने कहा कि विद्यालय के बाद विश्वविद्यालय और इसके बाद नए जीवन की ओर प्रवेश शुरू होता है। इसके लिए वे सभी को बधाई देते हैं।

स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल, उपाधियां दी गईं राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए। कला, वाणिज्य, विज्ञान समेत कई संकायों के स्टूडेंट्स को शैक्षणिक सत्र 2022-23 की पीएचडी उपाधियां मंच से दी गईं।

दीक्षांत समारोह में पीले रंग की पगड़ी पहनकर बैठे स्टूडेंट्स।

ऑनलाइन डिजिटल मार्कशीट देने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विश्वविद्यालय के छात्रों को ऑनलाइन डिजिटल मार्कशीट और डिग्री देने की सुविधा की शुरुआत की। इस दौरान स्टूडेंट तनु गुलाटी को डिग्री और अनुपमा कुजूर को पीएचडी की उपाधि डिजिटल स्वरूप में दी गई।

बताया गया कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ऑनलाइन डिजिटल मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध कराने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार के लिए विश्वविद्यालय को बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की सामरिक और योग पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया।

स्वस्तिवाचन के साथ शोभायात्रा ने हॉल में एंट्री की

विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रोफेसर जैन ने विद्यार्थियों को दिए उपदेश में शपथ का वाचन कराया। शपथ के अंतर्गत तैतरेय उपनिषद के 11वें अनुच्छेद से लिए गए अंश का संस्कृत में विद्यार्थियों से वाचन कराया गया। इससे पहले विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा ने स्वस्तिवाचन के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रवेश किया।

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