मनरेगा मजदूर के बेटे की IAS बनने की कहानी:भाई की तैयारी के लिए बहनों ने पुराना मोबाइल खरीदा; मां मजदूरी कर भरती थी फीस
कच्चा घर। टूटी-फूटी दीवारें। पास में बंधे जानवर। चूल्हा और लकड़ियां। खपरैल के नीचे बैठी खिलखिलाती छोटी बहन और मुस्कुराती मां। वहीं पास में खामोश बैठे पिता। यह घर है UPSC क्रैक करने वाले 24 साल के पवन कुमार का। पवन की 239वीं रैंक आई है। पिता मुकेश कुमार मनरेगा मजदूर हैं। मां सुमन देवी…
