कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को पार्टी ऑफिस में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज के शासक विभाजनकारी सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। वे नफरत फैलाने के लिए विभाजन विभीषिका दिवस मना रहे हैं।
खड़गे ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि संघ परिवार ने अपने फायदे के लिए अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति को बढ़ावा दिया। जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे कांग्रेस पार्टी को सलाह देते हैं। वे बिना किसी योगदान के शहीदों में गिने जाना चाहते हैं।
खड़गे की स्पीच की बड़ी बातें…
- भाईचारा नष्ट करने की कोशिश कर हो रही : कुछ ताकतें जबरन अपने विचार थोपकर हमारे भाईचारे को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। हमें संविधान की रक्षा के लिए बलिदान देने के लिए तैयार रहना होगा। यह भी कहा कि यह चिंता की बात है कि संवैधानिक और ऑटोनॉमस संस्थाओं को सरकार ने कठपुतलियों में बदल दिया है। लोकतंत्र और संविधान 140 करोड़ भारतीयों की सबसे बड़ी ढाल हैं और हम अपनी आखिरी सांस तक उनकी रक्षा करेंगे।
- विपक्ष लाेकतंत्र के लिए ऑक्सीज की तरह : विपक्ष लोकतंत्र के लिए ऑक्सीजन की तरह है। सरकार के असंवैधानिक रवैये को रोकने के साथ-साथ यह जनता के मुद्दों को भी उठाता है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सपना विविधता में एकता बनाए रखना था। लेकिन कुछ ताकतें जबरन अपने विचार देश पर थोपकर हमारे भाईचारे को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि हम सभी संविधान में अभिव्यक्ति, जीवन, खान-पान, पहनावे, पूजा-पाठ के तरीकों और कहीं भी आने-जाने की आजादी के बारे में अलर्ट रहें।
- आर्थिक असमानता से मुक्ति चाहती है जनता : देश की जनता हर घर नौकरी और हर घर न्याय चाहती है। यह देश आर्थिक असमानता और बेरोजगारी से मुक्ति चाहता है। इन मुद्दों को टाला नहीं जा सकता। इनमें जितनी देर होगी, समस्याएं उतनी ही बढ़ेंगी। मोदी सरकार अपने ग्यारहवें साल में है, लेकिन लोग बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से जूझ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर मैं सभी लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, भ्रष्टाचार और असमानता के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। यही हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राहुल गांधी ने कहा- लोकतंत्र हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता एक सुरक्षा कवच है, जो संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में समाया हुआ है। हमारे लिए, स्वतंत्रता केवल एक शब्द नहीं है – यह संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में बुना हुआ हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। यह अभिव्यक्ति की शक्ति है, सच बोलने की क्षमता है और सपनों को पूरा करने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण में नेहरू का नाम न होने पर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में स्वतंत्रता आंदोलन की हस्तियों में जवाहरलाल नेहरू का नाम न होने पर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस का आरोप है कि यह भारत के पहले प्रधानमंत्री को इतिहास से मिटाने के अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश के मुताबिक, 14 अगस्त1947 को आधी रात के आसपास जवाहरलाल नेहरू ने सेंट्रल हॉल में ‘भाग्य से मिलन’ भाषण दिया था।
राष्ट्र के नाम उनका संदेश 15 अगस्त 1947 की सुबह अखबारों में छपा था। रमेश ने X पर एक पोस्ट में लिखा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन में भारत के पहले प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया गया, जिन्होंने 10 साल ब्रिटिश जेलों में बिताए।
राष्ट्रपति का देश के नाम पूरा संबोधन पढ़ें…
स्वतंत्रता दिवस पर हुए अन्य आयोजन…
जेपी नड्डा ने अपने घर पर तिरंगा फहराया
