शेख हसीना का साथ देना भारत की बड़ी गलती:खालिदा जिया की पार्टी के नेता मोइन बोले- हिंदुओं को अलग नहीं मानते
‘ऊपर से देखने पर ऐसा लगता है कि बांग्लादेश के लोगों की भारत से शिकायतें हैं। ऐसा है नहीं। हमें शिकायत भारत से नहीं, बल्कि सरकार की गलत नीतियों से है। आपको जो भारत विरोध दिख रहा है, वो हसीना सरकार का विरोध है, जो बाद में भारत के लिए हो गया। भारत सरकार ने हसीना सरकार का अंधा समर्थन किया है। वो दुनिया में कैसे बताएगा कि उसने हत्या करने वाली सरकार का सपोर्ट किया।’
ये डॉ. मोइन खान हैं। डॉ. खान बांग्लादेश की सबसे बड़ी अपोजिशन पार्टी BNP के सेंट्रल कमेटी मेंबर और इंटरनेशनल अफेयर्स कमेटी के एडवाइजर हैं। BNP को भारत विरोधी पार्टी माना जाता है। इसके नेता बांग्लादेश में इंडिया आउट कैंपेन चला चुके हैं। हालांकि डॉ. मोइन खान कहते हैं कि भारत हमारा अच्छा दोस्त रहा है। बस उसने एक पार्टी और उसकी सरकार को सपोर्ट करके गलती की।
दैनिक भास्कर रिपोर्टर वैभव पलनीटकर ने डॉ. मोइन खान से बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति, भारत से रिश्ते और अंतरिम सरकार के भविष्य पर बात की, पढ़िए पूरा इंटरव्यू।
सवाल: इस वक्त बांग्लादेश में राजनीतिक हालात क्या हैं?
जवाब: फिलहाल बांग्लादेश बड़े बदलाव से गुजर रहा है। पिछले 16 साल से बांग्लादेश में जो हुआ है, वो दुखद है। एक सरकार थी, जो लोकतांत्रिक होने का दावा करती थी। कहती थी कि वो लोकतांत्रिक पार्टी से चलती है, लेकिन उनका रवैया मिलिट्री रूल से भी बदतर था। पत्रकार, कारोबारी, नेता, जो भी सरकार के खिलाफ एक शब्द बोलता था, उसे टारगेट किया गया। उस सरकार ने महिलाओं, बच्चों को भी नहीं छोड़ा।
छात्रों ने जो आंदोलन चलाया है, बांग्लादेश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं दिखा। सैकड़ों छात्रों की हत्या की गई। स्कूल जाने वाले बच्चों को मारा गया। हजारों लोग घायल हुए। इसके बाद बांग्लादेश में ये बदलाव हुआ है।
सवाल: डॉ. यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी है, क्या आपको इस सरकार पर भरोसा है, आप उनसे क्या उम्मीद कर रहे हैं?
जवाब: हमें इस सरकार पर भरोसा है। अगर बांग्लादेश के लोगों का इस सरकार में यकीन नहीं होता, तो ये नहीं आ पाती। यही सच्चाई है। हम सरकार के समर्थन में है। उनके कंधों पर जिम्मेदारी है और वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इतनी मजबूत सरकार सैलाब में बह गई। कुछ दिनों में ही ढाका में सब कुछ सामान्य होने लगा है। सड़कों पर ट्रैफिक दुरुस्त हो गया है। देश में सब कुछ ठीक हो रहा है। ये संकेत है कि लोगों ने इस अंतरिम व्यवस्था को स्वीकार किया है।
सवाल: आपकी BNP चेयरपर्सन नेता खालिदा जिया से बात हुई है, वे मौजूदा हालात पर क्या सोचती हैं?
जवाब: वे इस वक्त हॉस्पिटल में हैं। उनके खिलाफ कई केस दायर किए गए थे। अब सारे केस हट गए हैं। उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने हॉस्पिटल से ही अपील की है कि लोग शांति बनाए रखें। ये देश के लिए बहुत मुश्किल वक्त है।
सवाल: शेख हसीना देश छोड़कर चली गईं, उन्होंने भारत में पनाह ली। आपका भारत सरकार को क्या मैसेज है?
जवाब: मैं इसके बारे में नहीं कह सकता। मैं बस यही कह सकता हूं कि भारत हमारा अच्छा दोस्त रहा है। आजादी की लड़ाई में भारत ने हमारा समर्थन किया था। भारत के लोगों और सरकार को बांग्लादेश के लोगों की साइकोलॉजी समझने की जरूरत है।
भारत के लीडर्स ने सबसे बड़ी गलती ये की है कि उन्होंने सिर्फ एक पार्टी को समर्थन करना शुरू कर दिया। अगर आप सिर्फ एक सरकार या पार्टी से संबंध बनाएंगे, तो सरकार गिरने के साथ दोस्ती भी खत्म हो जाएगी। भारत ने यही सबसे बड़ी गलती की है। मुझे लग रहा है कि वहां कुछ लोगों को ये बात समझ आ रही है।
सवाल: BNP बांग्लादेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। आपको एंटी इंडिया पार्टी कहा जाता है। अगर BNP सरकार में आती है, तो भारत के लिए क्या रुख रहेगा?
जवाब: ये बिल्कुल गलत धारणा है कि BNP एंटी इंडिया पार्टी है। 1991 में BNP सत्ता में आई थी, तब बेगम खालिदा जिया प्रधानमंत्री बनी थीं। उन्होंने पहला दौरा भारत का ही किया था और दोस्ती का हाथ बढ़ाया था।
आपके साउथ ब्लॉक में बैठे लोग ऐसा मानते होंगे कि BNP एंटी इंडिया है, लेकिन ये पूरी तरह से गलत है। BNP बांग्लादेश की उस विदेश नीति को मानती है, जिसमें सभी के साथ दोस्ती की बात होती है।
सवाल: आरोप है कि आपके पार्टी वर्कर्स ने हिंसा के दौरान अवामी लीग के नेताओं पर हमले किए?
जवाब: आप पिछले एक हफ्ते से यहां हैं। क्या आपने देखा कि एक भी अल्पसंख्यक की हत्या हुई हो। आप मुझे एक आदमी का नाम बताइए। भारतीयों को बांग्लादेश की सोच के बारे में समझना चाहिए। वे जब समझेंगे, तब पता चलेगा कि बंगाली पूरी दुनिया में सबसे दोस्ताना लोग हैं। उनकी ऐसी तस्वीर खड़ी करने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।
सवाल: शेख हसीना ने सेंट मार्टिन द्वीप का मुद्दा बनाकर, सरकार गिरने के पीछे अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है?
जवाब: वे 30 साल से ये थ्योरी बता रही हैं। 1991 में चुनाव हारीं, तब भी यही कहा था। 2001 में हारने के बाद भी यही कहा। वे तो सरकार में थीं, तब उन्होंने इससे जुड़े कागजात क्यों नहीं दिखाए। ये बिल्कुल बचकाना रवैया है। उन्हें सच को स्वीकारना होगा, जिससे उन्होंने मुंह मोड़ लिया है। कम से कम खुद की पार्टी के लोगों से सच बोलना चाहिए।
सवाल: अगर BNP सरकार में आती है तो क्या आप शेख हसीना पर केस चलाएंगे, क्या भारत सरकार से उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने के लिए कहेंगे?
जवाब: BNP बदले की राजनीति में भरोसा नहीं करती। हम लिबरल पॉलिटिकल पार्टी हैं। 1991 से लेकर हम कई बार सरकार में रहे हैं, कुछ मौके हो सकते हैं, जब ऐसा हुआ हो। मैं सच्चाई से बात करूंगा, लेकिन पिछले 15 साल में हसीना सरकार ने विपक्षी पार्टियों पर एक हजार से ज्यादा केस लगाए हैं। करीब 5 लाख लोगों को आरोपी बनाया गया।
दुनिया में कई तानाशाही सरकारें हैं, बांग्लादेश अकेला नहीं है। क्या और कोई देश है, जहां सरकार ने विपक्ष पर एक हजार केस दायर कर दिए हों। कोई सरकार ऐसा तभी करेगी, जब वो बंदूक के दम पर सत्ता में रहना चाहती हो।
सवाल: 5 अगस्त के आसपास अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। आप अल्पसंख्यकों, खासतौर पर हिंदुओं से क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: हम अल्पसंख्यकों को अलग नजरिए से नहीं देखते। हम सब बांग्लादेश के लोग हैं। हम सब एक ही हैं, साथ रहते हैं। 5 अगस्त को मैं लंदन में था, उसी दिन मैंने उनके लीडर्स को फोन करके भरोसा जताया था।
सवाल: BNP ने चुनाव की मांग की है, आपके हिसाब से अंतरिम सरकार कब तक चलनी चाहिए?
जवाब: पहले हमारे संविधान में केयरटेकर सरकार का प्रावधान था, लेकिन ऐसा सिर्फ 90 दिन के लिए ही था। ये सरकार 90 दिन से ज्यादा चलेगी। उसके बाद चुनाव होंगे। हसीना सरकार ने देश के सारे संस्थान तबाह कर दिए। एडमिनिस्ट्रेशन, पुलिस, ज्यूडिशियरी, इलेक्शन कमीशन हर संस्था बर्बाद कर दी।
नई सरकार इन सभी संस्थाओं में सुधार करेगी। पुलिस और बाकी संस्थाओं की सोच को ठीक करने की जरूरत है।
सवाल: इस सरकार को कब तक रहना चाहिए और चुनाव कब कराने चाहिए?
जवाब: अभी समय-सीमा नहीं बताई जा सकती। हम अभी देख रहे हैं, इंतजार कर रहे हैं और जो जरूरी हो सकता है, वही कर रहे हैं।
सवाल: प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट पॉलिटिकल पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं, अगर ऐसा होता है तो ये BNP के लिए कितनी बड़ी चुनौती होगी?
जवाब: सभी के पास ये अधिकार है कि वो अपनी पार्टी बनाए। छात्रों ने बांग्लादेश के पूरे इतिहास में अहम भूमिका निभाई है, इस बार भी ऐसा ही होगा।
सवाल: स्टूडेंट्स के लिए आपका क्या मैसेज है?
जवाब: लाखों छात्रों ने इस आंदोलन में योगदान दिया है। पूरी दुनिया उनके समर्थन में आगे आई है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं कि उन्होंने एक तानाशाही सरकार को हटा दिया। अब बारी है बैठने की, सोचने की और काम करने की।
BNP का इंडिया आउट कैंपेन
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने जनवरी 2024 में हुए आम चुनाव का बहिष्कार किया था। इसके बाद पार्टी के नेताओं ने भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ कैंपेन शुरू कर दिया। उन्होंने बांग्लादेश में विपक्ष की नाकामी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। कैंपेन की शुरुआत 17 जनवरी से हुई। सोशल मीडिया पर लोगों से भारतीय सामान के बायकॉट की अपील की गई। हालांकि ये कैंपेन फेल हो गया।
कैंपेन के दौरान BNP के जनरल सेक्रेटरी राहुल कबीर रिजवी ने अपनी भारतीय शॉल जमीन पर फेंककर आग लगा दी थी। इस पर तब प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना ने कहा था कि उनकी (विपक्षी नेता) पत्नियों के पास कितनी भारतीय साड़ियां हैं। वे अपने पार्टी ऑफिस के बाहर बीवियों की साड़ियां जलाएंगे, तब साबित होगा कि वे भारत में बनी चीजों का बायकॉट कर रहे हैं।
