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अजित बोले-पत्नी को बहन के खिलाफ चुनाव लड़ाना गलती:राजनीति को घर में घुसने नहीं देना चाहिए; दोनों ने बारामती सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था

अजीत पवार, सुनेत्रा पवार (बीच में), सुप्रिया सुले।- फाइल फोटो

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में पत्नी सुनेत्रा पवार को चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ाना गलती थी। उन्होंने कहा कि राजनीति को घर में नहीं आने देना चाहिए।

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट से सुप्रिया सुले जीत हासिल की थी। उन्होंने सुनेत्रा पवार को 158333 वोटों से हराया था। सुप्रिया को 732312 वोट मिले थे। सुनेत्रा को 573979 वोट मिले थे। हालांकि, सुनेत्रा पवार बाद में राज्यसभा के लिए चुनी गईं थीं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अजित पवार पूरे राज्य में​​​​ जन सम्मान यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने मंगलवार (13 अगस्त) को मराठी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। वहीं, अजित के बयान पर सुप्रिया सुले ने कहा है कि मुझे उनके बयान के बारे में नहीं पता है।

अजित बोले- शरद पवार सीनियर लीडर, हमारे परिवार के मुखिया

  • ‘मैं अपनी सभी बहनों से प्यार करता हूं। राजनीति को घर में घुसने नहीं देना चाहिए। मैंने अपनी बहन के खिलाफ सुनेत्रा को मैदान में उतारकर गलती की। ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन संसदीय बोर्ड (NCP अजति पवार) ने फैसला किया था, लेकिन अब मुझे लगता है कि यह गलत फैसला था।
  • रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने जाने के सवाल पर अजित ने कहा, ‘मैं इस समय दौरे पर हूं, यदि मैं और मेरी बहनें रक्षाबंधन पर एक ही जगह मौजूद रहे तो मैं उनसे मिलने जरूर जाऊंगा।’
  • चाचा शरद पवार सीनियर लीडर हैं और हमारे परिवार के मुखिया हैं। मैं उनकी किसी भी आलोचना का जवाब नहीं दूंगा। महायुति के सहयोगियों को भी समझना चाहिए कि वे चाचा शरद पवार पर क्या बोल रहे हैं। जब हम साथ बैठते हैं तो मैं अपनी राय व्यक्त करता हूं।
  • मैंने केवल किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर बोलने का फैसला किया है। मैं अपने खिलाफ आलोचना का जवाब नहीं दूंगा। मुख्यमंत्री लड़की बहन योजना का उद्देश्य महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
तस्वीर 22 जुलाई 2022 की है। अजित पवार के जन्मदिन पर बहन सुप्रिया सुले ने उनका टीका किया।

नवंबर 2024 को बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) सरकार का कार्यकाल खत्म होगा
महाराष्ट्र में अक्टूबर 2024 में चुनाव हो सकते हैं। राज्य में इस वक्त बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) की सरकार है। इसका कार्यकाल 8 नवंबर 2024 को खत्म हो रहा है। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 2019 में चुनाव हुए थे। बीजेपी 106 विधायकों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी।

मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी गठबंधन में बात नहीं बन पाई। 56 विधायकों वाली शिवसेना ने 44 विधायकों वाली कांग्रेस और 53 विधायकों वाली NCP के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी बनाकर सरकार बनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।

मई 2022 महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी। वह बीजेपी के साथ मिल गए। 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।

इसके साथ ही शिवसेना पार्टी दो गुटों में बंट गई। एक धड़ा शिंदे गुट और दूसरा उद्धव गुट का बना। 17 फरवरी, 2023 को चुनाव आयोग ने आदेश दिया कि पार्टी का नाम ‘शिवसेना’ और पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष और तीर’ एकनाथ शिंदे गुट के पास रहेगा।

शरद गुट बोला- भाजपा चाहती है कि अजित महायुति छोड़ें
NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 17 जुलाई को दावा किया था कि भाजपा अजित पवार गुट से महाराष्ट्र में ‘महायुति’ गठबंधन छोड़ने को कह रही है। RSS से जुड़ी एक मराठी साप्ताहिक मैगजीन में छपी रिपोर्ट के हवाले से ये बयान दिया था।

क्रैस्टो ने कहा था कि भाजपा को एहसास हो गया है कि अजित पवार के साथ गठबंधन में पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती है। साप्ताहिक मैग्जीन ‘विवेक’ की रिपोर्ट में कहा गया कि 2023 में NCP के साथ गठबंधन के बाद से ही जनता की भावनाएं भाजपा के खिलाफ तेजी से बढ़ी, जिसके कारण हाल में हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी का खराब प्रदर्शन रहा और भाजपा चुनाव हार गई। पूरी खबर पढ़ें…

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