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राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को चुनाव:NDA के पास 101 सीटें, यह बहुमत के आंकड़े से 13 कम

राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को चुनाव:NDA के पास 101 सीटें, यह बहुमत के आंकड़े से 13 कम

नई दिल्ली17 मिनट पहले
राज्यसभा में कुल सांसदों की संख्या 245 है। फिलहाल 226 सांसद हैं। इसमें बहुमत का आंकड़ा 114 है।

राज्यसभा की 12 खाली सीटों के लिए 3 सितंबर को चुनाव होगा। चुनाव आयोग ने बुधवार को इसका ऐलान किया है। इन 12 सीटों में 2-2 सीटें असम, बिहार, महाराष्ट्र की हैं, जबकि 1-1 सीट हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, त्रिपुरा, तेलंगाना और ओडिशा की है। चुनाव के नतीजे 3 सितंबर शाम 5 बजे सामने आएंगे।

राज्यसभा में सांसदों की कुल संख्या 245 है। इसमें बहुमत का आंकड़ा 114 है। फिलहाल राज्यसभा में 225 सांसद हैं, जबकि 20 सीटें खाली हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से 4 और नामित सदस्यों की 4 सीटें हैं। इन सीट्स को छोड़कर बाकी 12 सीट पर चुनाव होगा।

भाजपा के पास 86 सीटें, NDA के पास 101
राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा 114 है। भाजपा के पास 86 सीटें और सहयोगी दलों को मिलाकर यानी NDA के पास 101 सीटें हैं। NDA की बहुमत के आंकड़े से 13 सीटें कम हैं। इस लिहाज से देखें तो सरकार को बिल पास कराने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

13 जुलाई को राज्यसभा में पार्टी के 4 मनोनीत सदस्य सेवानिवृत्त हो गए। इसके चलते चार साल बाद राज्यसभा में भाजपा की स्ट्रेंथ 90 से नीचे से चली गई है।

10 साल में 55 से 101 तक पहुंची भाजपा
राज्यसभा में भाजपा 10 साल में 55 से 101 तक पहुंच गई। भाजपा के 2014 में 55 और 2019 में 78 सांसद थे। जून 2020 में यह संख्या 90 हो गई। इसके बाद पार्टी ने 11 सीटें जीतीं। इससे सदस्यों की संख्या 101 तक पहुंच गई। 1990 के ऐसा पहली बार हुआ था, जब किसी पार्टी ने 100 का आंकड़ा पार किया था।

NDA को 7 राज्यों से राज्यसभा सीट मिलने की उम्मीद
इन 12 सीट में से भाजपा और सहयोगी दलों को 7 राज्यों से सीटें मिलने की उम्मीद है। NDA के गणित के मुताबिक, उन्हें बिहार, महाराष्ट्र और असम से 2-2 और हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा से 1-1 राज्यसभा सीट मिल सकती है।

वहीं माना जा रहा है कि जिन 4 लोगों को राज्यसभा में नॉमिनेट किया गया है, वे भी सरकार का समर्थन करेंगे, क्योंकि उन्हें उच्च सदन में सरकार ही लेकर आई है। सामान्य रूप से राज्यसभा में नामित सदस्य स्वतंत्र होते हैं, लेकिन परंपरागत रूप से वे उसी का समर्थन करते हैं, जिस दल ने उन्हें नॉमिनेट किया है।

कैसे खाली हुई हैं राज्यसभा की सीटें
राज्यसभा की कुल 20 खाली सीट में से जम्मू-कश्मीर से 4 और नामित सदस्यों की 4 सीटें हैं। 10 सीटें राज्यसभा सांसदों के लोकसभा चुनाव लड़ने और जीतने के कारण खाली हुई हैं। इसके अलावा एक सीट भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के. केशव राव के कांग्रेस में जाने से खाली हुई है। दूसरी सीट ओडिशा से BJD सांसद ममता मोहंता के इस्तीफे के बाद खाली हुई। उन्होंने 31 जुलाई को पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दिया और भाजपा में शामिल हो गईं।

अभी 7 मनोनीत सदस्य मौजूद, ये किसी भी दल से संबद्ध नहीं
हाल ही में जो मनोनीत सदस्य राज्यसभा से रिटायर हुए, उनमें राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी शामिल हैं। 7 मनोनीत सदस्यों ने किसी भी दल की सदस्यता नहीं ली हुई यानी वे असंबद्ध सदस्य हैं। केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति कुल 12 सदस्यों को राज्यसभा के लिए मनोनीत करते हैं।

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