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शाह बोले- 2029 में फिर NDA सरकार, मोदी भी आएंगे:विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A खुद को विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रखे

शाह बोले- 2029 में फिर NDA सरकार, मोदी भी आएंगे:विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A खुद को विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रखे

चंडीगढ़11 मिनट पहले
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी और में 24 घंटे जल आपूर्ति परियोजना के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (4 अगस्त) को चंडीगढ़ में कहा कि I.N.D.I.A ब्लॉक चाहे कुछ भी कर ले, 2029 लोकसभा चुनाव में NDA की ही सरकार बनेगी। नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। I.N.D.I.A ब्लॉक एक बार फिर से खुद को विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रखे।

शाह ने कहा कि विपक्ष अस्थिरता पैदा करना चाहता है। उन्हें विपक्ष में रहकर काम करने का तरीका सीखना चाहिए। विपक्ष के लोग बार-बार कहते हैं कि हमारी सरकार चलने वाली नहीं है। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि NDA सरकार कार्यकाल पूरा करेगी और 2029 में फिर आएगी।

शाह बोले- मोदी का तीसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले हर घर में स्वच्छ जल पहुंच जाएगा
चंडीगढ़ में वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट न्याय सेतु के उद्घाटन और स्मार्ट सिटी मिशन का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री ने कहा- विपक्ष को लगता है कि थोड़ी सफलता से वे चुनाव जीत गए। उन्हें नहीं पता कि तीन चुनावों में कांग्रेस को जितनी सीटें मिलीं, भाजपा को इस चुनाव में उससे ज्यादा सीटें मिली हैं।

शाह ने आगे ये भी कहा- मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से स्मार्ट सिटी पर फोकस रहा है और चंडीगढ़ इस सूची में पहले स्थान पर है। अब तक एक लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। देश के 74 फीसदी घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का मिशन पूरा हो चुका है। पानी से होने वाली बीमारियों में काफी कमी आई है।

मोदी जी के तीसरे कार्यकाल के खत्म होने से पहले देश के हर घर में स्वच्छ जल पहुंचाने का काम पूरा हो जाएगा। न्याय सेतु परियोजना के महत्व पर कहा- इस क्षेत्र के लोगों के लिए 24/7 फिल्टर-साफ पानी की आपूर्ति की जाएगी। यह परियोजना करीब 125 एकड़ में फैली हुई है।

केंद्र की NDA सरकार पर I.N.D.I.A ब्लॉक और दूसरे नेताओं ने क्या बोला

ममता बनर्जी (9 जून)- NDA और I.N.D.I.A गठबंधन में काफी अंतर है। जो लोग NDA में हैं, उनकी मांगें बहुत ज्यादा हैं, लेकिन हम I.N.D.I.A गठबंधन वालों को कुछ नहीं चाहिए। हम सिर्फ लोगों का भला चाहते हैं, देश का भला चाहते हैं।

राहुल गांधी (12 जून)- सच्चाई यह है कि आज हमारे पास (केंद्र में) एक अपंग सरकार है। इसे I.N.D.I.A गठबंधन ने बुरी तरह से हराया है कि यह सीधे नहीं चल सकती। यह निश्चित रूप से ऐसी सरकार नहीं है जो देश का नेतृत्व करने में सक्षम हो।

मल्लिकार्जुन खड़गे (14 जून)- NDA की सरकार गलती से बनी है। मोदी जी के पास जनादेश नहीं है। यह अल्पमत की सरकार है। यह सरकार कभी भी गिर सकती है।

मायावती (23 जून)- भाजपा की अगुआई वाली केंद्र की मौजूदा NDA की सरकार किसी भी वक्त गिर सकती है। ये सरकार पूर्ण रूप से स्थिर नहीं है।

लालू प्रसाद यादव ​​​​​​​(5 जुलाई)- मैं कार्यकर्ताओं से अपील करना चाहूंगा कि वो आगामी चुनाव के लिए खुद को तैयार रखें। चुनाव कभी भी हो सकते हैं। केंद्र सरकार बहुत कमजोर है। उसकी नींव बहुत कमजोर है। इस सरकार का अपना कोई सिद्धांत नहीं है। सिद्धांत को ताक पर रखकर यह सरकार सत्ता में आई है। बहुत मुमकिन है कि अगस्त तक यह सरकार गिर जाएगी।

अखिलेश यादव​​​​​​​ (21 जुलाई)- केंद्र में यह सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी और जल्द ही गिर जाएगी। ऐसी सांप्रदायिक ताकतें किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहती हैं, लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। जो लोग सत्ता में आए हैं, वे बस कुछ दिनों के मेहमान हैं।

तीन नए क्रिमिनल कानून का उद्देश्य सजा नहीं न्याय है
दोपहर में गृह मंत्री शाह चंडीगढ़ में ही ई-एविडेंस, न्याय सेतु, न्याय श्रुति और ई-समन सिस्टम का भी उद्धाटन किया। यहां उन्होंने कहा कि तीन नए क्रिमिनल कानून का उद्देश्य सजा नहीं न्याय देना है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में पिछले 10 सालों में जो भी सुधार हुए हैं, अगर कोई सुधार 10 साल बाद सबसे बड़ा सुधार साबित होता है, तो वह तीन आपराधिक कानूनों का लागू करना ही होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि किसी देश को स्वतंत्र कैसे माना जा सकता है, यदि उसकी आपराधिक न्याय प्रणाली वही है जो किसी दूसरे देश की संसद ने तब पारित की थी, जब वह स्वतंत्र नहीं था?

उन्होंने आगे कहा कि मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) तीनों ही हमारे लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा बनाए गए हैं। ये भारतीय संसद में बनाए गए भारतीय कानून हैं। इन कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं है। इनका उद्देश्य न्याय देना है, इसलिए यह दंड संहिता नहीं है, यह न्याय संहिता है।

शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद भारत में सबसे आधुनिक और तकनीक से लैस आपराधिक न्याय प्रणाली होगी। इन कानूनों के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत में पूरी दुनिया में सबसे आधुनिक और तकनीक से लैस आपराधिक न्याय प्रणाली होगी।

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