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सौरभ भारद्वाज बोले- शेल्टर होम के एडमिनिस्ट्रेटर भ्रष्ट:LG ने उन्हें कैसे नियुक्त किया, उपराज्यपाल का जवाब- उन्हें समाज कल्याण मंत्री ने अपॉइंट किया था

दिल्ली के आशा किरण शेल्टर होम में 14 लोगों की मौत को लेकर AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के LG वीके सक्सेना पर नियुक्ति में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

उन्होंने शनिवार को 2016 की पेपर कटिंग दिखाकर कहा- राहुल अग्रवाल को CBI ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने बतौर SDM 50 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। उन्हें 5 साल के लिए निलंबित किया गया था।

LG साहब सिस्टम को सही तरीके से चलाने के लिए हमसे ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार छीने थे, लेकिन इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील सेंटर के एडमिनिस्ट्रेटर का जिम्मा उन्होंने भ्रष्ट अधिकारी को कैसे सौंप दिया।

इन आरोपों पर शनिवार देर रात को गवर्नर का जवाब भी आया। राजनिवास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारद्वाज का बयान गलत और भ्रामक है। आशा किरण होम के एडमिनिस्ट्रेटर को समाज कल्याण विभाग ने इंटरनली अपॉइंट किया था।

यह विभाग मुख्यमंत्री और समाज कल्याण मंत्री के अंडर में आता है। राहुल को LG ने नियुक्त नहीं किया था। उन्हें तो तत्कालीन LG की मंजूरी के बाद समाज कल्याण विभाग में तैनात किया गया था। यह तैनाती 15 फरवरी 2021 में हुई थी। इसके बाद राहुल को समाज कल्याण मंत्री ने इस शेल्टर होम के प्रशासक पद पर नियुक्त किया था।

आशा किरण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए दिल्ली में एकमात्र सरकारी संस्था है।

2021 में राजकुमार आनंद थे समाज कल्याण मंत्री
राहुल अग्रवाल की नियुक्ति के समय समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद थे। उन्होंने 10 अप्रैल 2024 को आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद से इस विभाग के हेड का पद खाली है। तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसी भी मंत्री को विभाग का जिम्मा नहीं सौंपा है।

भाजपा ने कहा कि शेल्टर होम मामले की पूरी जिम्मेदारी आतिशी को लेनी होगी। भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा- राजकुमार आनंद के जाने के इस्तीफे के बाद SC-ST कल्याण डिपार्टमेंट और समाज कल्याण विभाग का कोई मंत्री नहीं था। ऐसे में दूसरे मंत्रियों को खाली विभागों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

सचदेवा ने कहा कि 14 अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी हुई थी, जिसमें कहा गया था कि आतिशी को समाज कल्याण विभाग का प्रभार दिया जा रहा है। आतिशी को दिल्ली के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

शेल्टर होम में इस साल 25 मौतें, 6 पॉइंट में समझिए मामला

  • रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम दिल्ली सरकार की तरफ से संचालित एकमात्र संस्था है, जहां मानसिक रूप से कमजोर लोगों की देखभाल की जाती है।
  • न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शेल्टर होम में फरवरी 2024 से अबतक कुल 25 मौतें हुई हैं। इनमें से 14 मौतें केवल जुलाई 2024 में हुई हैं।
  • शेल्टर होम की ओर से दिल्ली सरकार को दी गई रिपोर्ट में दस्त और बेहोशी से मौत होने की बात कही गई है। साथ ही हल्का बुखार और उल्टी की बात भी शामिल हैं।
  • मामले में दिल्ली की राजस्व मंत्री आतिशी ने राजस्व विभाग को मजिस्ट्रेट जांच करने और 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
  • TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1989 में बने इस शेल्टर होम में 500 लोगों के भर्ती होने की क्षमता है, लेकिन यहां 1000 लोग भर्ती हैं।
  • इनके इलाज के लिए यहां सिर्फ 6 डॉक्टर और 17 नर्स हैं। शेल्टर होम में महिलाओं और पुरुषों के लिए 10-10 डॉरमेट्री हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष का दावा- शेल्टर होम में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के शेल्टर होम मासूमों की मौत का जाल बन गए हैं। आशा किरण की क्षमता 250 है, उसमें 450 लोग भर्ती हैं। उन्हें ढंग का खाना, पानी और इलाज नहीं मिल रहा है। मरीजों को गंदा पानी देने के लिए आतिशी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

BJP महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष बोलीं- बच्चों को खाना नहीं मिलता

BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा गुप्ता ने कहा कि 2024 में 27 लोगों की मौत हुई है।

इस मामले में BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा गुप्ता कहती हैं कि शेल्टर होम में लगातार मौतें हो रही हैं। 2024 में 27 लोगों की मौत हुई है। केवल जुलाई में ही 17 लोगों की मौत हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन कारण नहीं बता रहा। एसडीएम जांच में क्या है, हमें नहीं पता, सभी अधिकारी गेट बंद करके बैठे हैं। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।

रेखा ने आरोप लगाया कि यहां बच्चों को गंदा पानी मिल रहा है, उन्हें खाना नहीं मिलता, इलाज नहीं मिलता। इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी इसमें शामिल हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मृतकों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे
मृतकों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अब तक शेल्टर होम में 27 बच्चों की मौत हुई है। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की जांच में शेल्टर होम में मौतों का खुलासा हुआ है।

हालांकि, दिल्ली सरकार ने शेल्टर होम में जनवरी से अब तक 14 मौतों की बात कही है। मौतों का असली कारण फिलहाल पता नहीं चल सका है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मरने वाले लोगों में दस्त और उल्टी के एक जैसे लक्षण थे।

आशा किरण मेडिकल केयर सेंटर के डेटा के अनुसार जनवरी 2024 से हर महीने 2-3 मौतें हो रही हैं, लेकिन जुलाई में ये आंकड़ा तेजी से बढ़ा।

शेल्टर होम पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
साल 2015 में कैग ने अपनी रिपोर्ट में शेल्टर होम की फंक्शनिंग पर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट के अनुसार 2009 से 2014 के बीच 148 मौतें हुई थीं। दिल्ली महिला आयोग की 2017 की रिपोर्ट में भी यहां की सुविधाओं पर चिंता जताई थी।

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