मुजफ्फरनगर में मोदी के मंत्री बोले-क्या धर्म पूछकर हाथ मिलाएंगे:कुर्ते पर भी नाम लिख लें, यूपी सरकार नेमप्लेट वाला फैसला वापस ले
यूपी में कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानदारों के नाम लिखवाने के योगी सरकार के फैसले से NDA के सहयोगी दल सहमत नहीं हैं। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा- यह फैसला ज्यादा सोच-समझकर नहीं लिया गया। अब फैसला ले लिया है तो सरकार उस पर टिकी हुई है।
जयंत चौधरी ने नेमप्लेट वाले फैसले को वापस लेने की बात कही। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- अभी भी समय है, सरकार को फैसला वापस लेना चाहिए। अब कहां-कहां लिखें, अपना नाम। क्या अपने कुर्ते पर भी लिख लें अपना नाम कि नाम देखकर हाथ मिलाओगे मुझसे?
जयंत चौधरी ने यह बातें रविवार को मुजफ्फरनगर में कहीं। RLD अध्यक्ष भोपा क्षेत्र के यूसुफपुर गांव में बलिदानी की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे।
जयंत की 3 बड़ी बातें पढ़िए
सेवा करने से पहले जाति-धर्म नहीं पूछते: कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर आते हैं। उनकी सेवा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। वे सेवा करने से पहले यह नहीं पूछते कि उनकी जाति और धर्म क्या है?
मैकडॉनल्ड्स और बर्गर किंग क्या नाम लिखेंगे: मैकडॉनल्ड्स और हमारे यहां खतौली में बर्गर किंग है, अब ये लोग क्या नाम लिखेंगे। बहुत से ब्रांड हैं और बड़ी कंपनियां हैं, जो इस नाम से संचालित होती हैं, क्या अब कुर्ते पर भी नाम लिखवाया जाएगा।
बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला: क्या नाम पूछकर और धर्म पूछकर हाथ मिलाया जाएगा। यह ठीक नहीं है। सरकार ने बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में फैसला लिया है। इसे वापस लेना चाहिए। रालोद का स्टैंड शुरू से क्लियर है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वही हमारा भी मत है।
पढ़िए अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी, बाबा रामदेव और केएल शर्मा ने क्या कहा?
यूपी में भाजपा नफरत फैला रही: कोलकाता में अखिलेश यादव ने कहा- उत्तर प्रदेश में भाजपा नफरत फैला रही है। वे इसमें सफल नहीं होंगे। अभी अभी हारे हैं। उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें शून्य पर कर देगी।
रहमान को अपनी पहचान बताने में दिक्कत क्यों?: बाबा रामदेव ने कहा, अगर रामदेव को अपनी पहचान बताने में दिक्कत नहीं है तो रहमान को अपनी पहचान बताने में क्यों दिक्कत होनी चाहिए? अपने नाम पर गौरव सबको होता है। नाम छिपाने की कोई जरूरत नहीं है, काम में शुद्धता चाहिए बस।
खुले तौर पर भेदभाव किया जा रहा: AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- हमने इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि यदि कोई सरकार संविधान के खिलाफ कोई निर्देश पास करती है तो उस पर केंद्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। इससे छूआ-छूत को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने किस बुनियाद के अनुसार ये निर्णय दिया? खुले तौर पर भेदभाव किया जा रहा है।
सरकार को राजधर्म का पालन करना चाहिए: अमेठी के सांसद केएल शर्मा ने कहा- योगी सरकार का आदेश देश के लिए ठीक नहीं है। अगर बाहर के देश हमारे नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव करें तो कैसा लगेगा। सरकार जनता के लिए होती है। सभी धर्म व जातियों का विकास करना और सब की भावना का ख्याल रखना सरकार का कार्य होता है। सरकार को राजधर्म का पालन करना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर
