यूपी की नदियां उफान पर हैं। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती समेत 12 जिलों के करीब 800 गांवों में बाढ़ के हालात हैं। सबसे भयावह स्थिति पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में है। गांव के गांव डूब गए हैं। हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में लगी हैं।
सीएम योगी ने गुरुवार को श्रावस्ती में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। लोगों को राहत सामग्री बांटी। शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ का पानी घुटनों तक भर गया। मरीजों को स्ट्रेचर से दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। इस दौरान कई एम्बुलेंस पानी से बंद हो गईं।
बाराबंकी में सरयू नदी से सटे गांव जलमग्न हो गए हैं। घुटनों तक पानी भरा है, इसके चलते दूल्हे को नाव से बारात लेकर जाना पड़ा, फिर शादी की सारी रस्में निभाई गईं। इसके बाद दूल्हा नाव से ही दुल्हन लेकर लौटा। प्रदेश में 24 घंटे में बाढ़-बारिश से जुड़े हादसों में 32 लोगों की मौत हुई है। आज 37 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
आगे कैसा रहेगा मौसम: 16 जुलाई तक बारिश होने की उम्मीद है। वेस्ट यूपी में कहीं-कहीं ही बारिश या बादल गरजने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। 12 जुलाई को 59 जिलों में बारिश का अलर्ट है।
