दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कश्मीरी नेता शेख अब्दुल राशिद और असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने शुक्रवार (5 जुलाई) को सांसद पद की शपथ ली। दोनों आज पैरोल पर बाहर आए और संसद भवन में शपथ ली।
56 साल के इंजीनियर राशिद को शपथ लेने के लिए तिहाड़ जेल से दो घंटे की पैरोल मिली थी। वहीं, 31 साल के अमृतपाल सिंह को 4 दिन की पैरोल मिली है। राशिद को परिवार से मुलाकात के बाद वापस तिहाड़ ले जाया गया। अमृतपाल को भी परिवार से मुलाकात के बाद असम ले जाया जाएगा।
इंजीनियर राशिद के शपथ ग्रहण के दौरान उसके बेटे असरार राशिद और अबरार राशिद, बेटी और पत्नी, भाई खुर्शीद अहमद शेख और दो अन्य लोग शामिल थे। हालांकि, राशिद या अमृतपाल के शपथ ग्रहण की कोई फोटो सामने नहीं आई है।
राशिद ने जेल में रहते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामूला सीट से 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। अमृतपाल पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव जीता है। जेल में रहने के कारण दोनों 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में 24 और 25 जून को अन्य सांसदों के साथ शपथ नहीं ले सके थे। नए सांसद के लिए 60 दिन के अंदर शपथ लेना जरूरी होता है। ऐसा न होने पर उसकी सदस्यता जा सकती है।
सेफ हाउस में एक घंटे तक परिवार से मिलेगा अमृतपाल
दिल्ली पुलिस संसद में शपथ के बाद अमृतपाल को उसके परिवार से मुलाकात करवाएगी। इसके लिए उसके परिवार को सेफ हाउस में लाया जा रहा है। यहां खडूर साहिब सांसद एक घंटे तक परिवार से मिलेगा। लोकसभा महासचिव की ओर से तय किए सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद रहेंगे। अमृतपाल को पैरोल की 10 शर्तों में परिवार से दिल्ली में मुलाकात की मंजूरी दी गई है।
अमृतपाल सिंह के माता-पिता और चाचा दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्हें अभी अमृतपाल से मिलने का समय नहीं बताया गया है। वहीं उसकी पत्नी किरणदीप कौर काफी समय से डिब्रूगढ़ में ही रुकी हुई है, वो दिल्ली नहीं पहुंचेगी।
अमृतपाल सिंह 1 साल 2 महीने 12 दिन के बाद डिब्रूगढ जेल से बाहर आया है। उसे जेल से लाने से लेकर उसकी सुरक्षा, ठहरने और वापसि की जिम्मेदारी अमृतसर रूरल के SSP सतिंदर सिंह को सौंपी गई है। अमृतपाल के जेल से निकलने की डिटेल्ड खबर पढ़ें…
