नौतपा में भीषण गर्मी का सामना कर रहे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीन दिन बाद हीटवेव से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान में बिजली गरजने और चमकने की संभावना है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय मोहपात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजस्थान और गुजरात में नौ से 12 दिन हीटवेव चली है, जिसमें तापमान 45 से 50 के बीच रहा है। वहीं, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब में पांच से सात दिन हीटवेव चली है, जिसमें तापमान 44 डिग्री से 48 डिग्री तक रहा है।
वहीं, मौसम विभाग ने यह भी बताया कि केरल में अगले पांच दिन में मानसून के पहुंचने की स्थिति बनती नजर आ रही है। IMD ने पहले ही बताया था कि मानसून 31 मई तक केरल से टकराएगा। इसके केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इसके साथ ही इस साल सामान्य से बेहतर मानसून होने का अनुमान जताया गया है।
इससे पहले सोमवार को जैसलमेर में भारत-पाक सीमा पर तैनात BSF जवान की लू लगने से मौत हो गई। वहीं जोधपुर के पुलिस लाइन में तैनात एक कॉन्स्टेबल की गर्मी से जान चली गई। राजस्थान में 4 दिन में गर्मी से मरने वालों की संख्या 33 हो चुकी है। बिहार में भी नगालैंड के जवान की हीट स्ट्रोक से मौत हुई है।
नौतपा का तीसरा दिन आज, राजस्थान-पंजाब में कल भी हीटवेव का अलर्ट
आज नौतपा का तीसरा दिन है। बीते 2 दिन में राजस्थान के फलोदी में तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। नौतपा के पहले दिन यहां तापमान 50º, जबकि दूसरे दिन 51º रहा। रविवार को जम्मू में तापमान 42° और हिमाचल के ऊना में 44.4º तक पहुंच गया।
रविवार को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 37 जगहों का तापमान 45 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। एक दिन पहले यानी शनिवार को देश में सिर्फ 17 जगहों का तापमान 45 डिग्री या उससे ज्यादा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार के लिए राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में भीषण हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात में अलग-अलग इलाकों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया था।
देर रात बंगाल के तट से टकराया तूफान रेमल
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात रेमल रविवार शाम तूफान में बदल गया। देर रात पश्चिम बंगाल में तूफान का लैंडफॉल हुआ। इस दौरान करीब 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कोलकाता में तेज आंधी-बारिश के चलते कई जगह पेड़ उखड़ गए, घरों को भी नुकसान पहुंचा।
गृह मंत्रालय ने बंगाल के तटीय इलाकों में NDRF की 12 टीमें तैनात की थीं और 5 अतिरिक्त टीम को स्टैंडबाय पर रखा था। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड टीम भी इमरजेंसी के लिए मुस्तैद की गई थीं। इससे पहले प्रशासन ने बंगाल के तटीय इलाकों से करीब 1.10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया था।
तूफान रेमल इस सीजन में बंगाल की खाड़ी में बनने वाला पहला प्री-मानसून चक्रवात है। तूफान को रेमल नाम ओमान ने दिया है। रेमल अरबी शब्द है, जिसका मतलब होता है- रेत। पूरी खबर यहां पढ़ें…
