Headlines

केएल शर्मा बोले-मैं गांधी परिवार की नौकरी नहीं करता:कांग्रेस का वॉलंटियर हूं, मैंने टिकट मांगा नहीं, पार्टी ने दिया

VIP इंटरव्यू

केएल शर्मा बोले-मैं गांधी परिवार की नौकरी नहीं करता:कांग्रेस का वॉलंटियर हूं, मैंने टिकट मांगा नहीं, पार्टी ने दिया

अमेठी2 घंटे पहलेलेखक: विकास श्रीवास्तव

‘मैं गांधी परिवार की नौकरी नहीं करता हूं, कांग्रेस का वॉलंटियर हूं। मैंने टिकट नहीं मांगा था, पार्टी ने खुद दिया। मैंने पार्टी के आदेश को सिर-आंखों पर लिया और अमेठी से चुनाव लड़ने आया हूं।’ ये बातें अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा ने कहीं।

अमेठी से राहुल गांधी डर कर भाग गए। स्मृति ईरानी के इस बयान पर दैनिक भास्कर से केएल शर्मा ने कहा- गांधी परिवार न अंग्रेजों से डरा है, न अब डरता है, न बाद में डरेगा। आजादी के बाद पैदा होने वालों को गांधी परिवार का इतिहास नहीं पता। अब वो क्या बताएंगी?

राहुल ने प्रियंका को लड़ने नहीं दिया। प्रमोद कृष्णम् के इस बयान पर उन्होंने कहा- वह संत हैं, संत ही रहें। राजनीति में उनकी बात का कोई महत्व नहीं।

पढ़िए केएल शर्मा का पूरा इंटरव्यू…

केएल शर्मा रायबरेली में सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिधि थे।

सवाल: आप अमेठी में जीत के लिए कितना आश्वस्त हैं, कितने प्रतिशत चांस लग रहे?
जवाब: 
यह जनता के ऊपर निर्भर करता है। अगर मैं पहले से कुछ कहूंगा, तो यह मेरा अहंकार होगा। जो चीज जनता के मत से हमको मिलेगी, वह जनता के हक की है। अगर मैं यह कह दूं कि हमें इतने मत से जीत मिल रही, तो यह मेरा अहंकार बोलेगा। राजनीति के अंदर लोकतंत्र होना चाहिए, अहंकार नहीं।

सवाल: भाजपाई कह रहे कांग्रेस अमेठी से हार रही थी, इसलिए आपको उतारा गया?
जवाब: 
भाजपाई क्या कह रहे हैं, क्या नहीं, यह 4 जून को फैसला हो जाएगा। 4 तारीख को रिजल्ट सामने आ जाएंगे। सभी चीजें साफ हो जाएंगी।

सवाल: राहुल गांधी अमेठी से क्यों नहीं लड़े? स्मृति ईरानी कह रहीं डर कर भाग गए?
जवाब: 
राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे या नहीं, यह हाईकमान का फैसला था। मैं उस मीटिंग में नहीं था। मुझे जो आदेश मिले, मैंने पालन किया। स्मृति ईरानी को कांग्रेस का इतिहास नहीं पता। गांधी परिवार जब अंग्रेजों से नहीं डरा, तो अब क्यों डरेगा और आगे क्यों डरेगा? आजादी के बाद पैदा हुए लोगों को गांधी परिवार का इतिहास कहां से मालूम होगा? अब वो क्या बता पाएंगी?

सवाल: प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि राहुल ने प्रियंका को चुनाव नहीं लड़ने दिया। राज्यसभा में नहीं जाने दिया। क्या सही है?
जवाब: 
प्रमोद कृष्णम् जी संत हैं, तो वह संत ही रहें। राजनीति में उनकी बात का कोई महत्व नहीं।

सवाल: प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि राहुल राम मंदिर का फैसला बदलना चाहते हैं?
जवाब : 
मैंने तो ऐसा कहीं नहीं सुना। राहुल ने ऐसा नहीं कहा। प्रमोद कृष्णम् क्या कह रहे हैं, क्या नहीं, उनकी बात मुझसे न पूछिए।

सवाल: क्या आपने टिकट मांगा या पार्टी की तरफ से अमेठी भेजा गया?
जवाब: मुझे पार्टी का आदेश हुआ। मैंने पार्टी के आदेश को सिर-आंखों पर लिया और अमेठी से चुनाव लड़ने आया हूं। पार्टी के प्रति समर्पित हूं।

सवाल: पुरानी और नई कांग्रेस में कितना फर्क है, आप इसे कैसे देखते हैं?
जवाब: 
पुरानी कांग्रेस में युवाओं को अगर आप यहां पर देखते हैं, तो अमेठी में तीसरी जेनरेशन भी कांग्रेस में काम कर रही। जब मैं 22 साल की उम्र में यहां पर आया था, तब जो मैंने जोश देखा था वही जोश आज भी है। आज जब काफी बुजुर्ग लोग मेरी सभाओं में बैठते हैं, तब उसी जोश में रहते हैं। अब उनके आगे की तीसरी पीढ़ी बैठी है। उस (पुरानी) पीढ़ी ने आज की पीढ़ी को साथ लिया है। यही कांग्रेस की मजबूती है।

सवाल: प्रियंका अमेठी और रायबरेली में रहेंगी, उनका रोडमैप क्या होगा?
जवाब : हां, वो दोनों जगह प्रचार करेंगी। रोडमैप तैयार है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा।

सवाल: प्रियंका और राहुल गांधी में आप किसे प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं?
जवाब: 
यह तो देश की जनता तय करेगी। जनता के चुने हुए सांसद तय करेंगे।

सवाल: 62 साल की उम्र में आप कांग्रेस का चेहरा बनकर आए, क्या कहना चाहेंगे?
जवाब : मैं 22 साल से पॉलिटिक्स में एक्टिव हूं। मुझे 25 साल की उम्र में टिकट मिला था। मैं जब यहां आया, तब पार्टी का जनरल सेक्रेटरी था। मुझे पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे निभाता गया। 1985 के इलेक्शन में मुझे टिकट मिला था, लेकिन तब मेरी उम्र साढ़े तीन महीने कम थी। वरना मैं तब ही MLA बन गया होता।

सवाल: आप ऐसा क्यों कह रहे थे कि मैं गांधी परिवार के लिए नौकरी नहीं कर रहा था, नेता हूं?
जवाब: 
देखिए, कुछ लोग ऐसा कह रहे थे कि मैं गांधी परिवार का नौकर हूं। उसी को लेकर मैंने कहा था कि मैं कांग्रेस का वॉलंटियर हूं। गांधी परिवार से मैंने सेवा का भाव सीखा है। कोई कुछ भी कहे, इससे मेरी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। लोग जानते हैं कि मैं क्या हूं, ऐसे में वो इस तरह की बात कर रहे हैं, तो उनके संस्कारों में कमी है।

सवालसूरत और इंदौर के कांग्रेस प्रत्याशियों ने जो किया उस पर क्या कहेंगे?
जवाब : यह मुझसे जुड़ा सवाल नहीं है, आप मुझसे अमेठी के बारे में सवाल करिए।

सवालअभी आपकी क्या तैयारियां हैं? किस मुद्दे के साथ जनता के बीच जा रहे?
जवाब: हम लोकल मुद्दों पर ध्यान दे रहे। इसके अलावा मोदी सरकार ने जनता से जो वादाखिलाफी की, उस पर बात कर रहे हैं। विकास का मुद्दा है। हम जनता से यही पूछ रहे हैं कि क्या वादे पूरे हुए हैं? अगर वादा पूरा हुआ है और काम किया है तो वोट दीजिए, नहीं किया है तो अपना प्रतिनिधि बदलिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024