चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा है कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से फेक कंटेंट 3 घंटे में हटाएं। चुनाव आयोग के इन निर्देशों का मकसद राजनीतिक पार्टियों को सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार बनाना है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एक्टर आमिर खान और रणवीर सिंह के डीपफेक वीडियो सामने आए थे। इनको लेकर बाकायदा शिकायत दर्ज कराई गई थी।
चुनाव आयोग पार्टियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड टूल्स के गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दे चुका है। इससे गलत सूचनाएं फैलती हैं और प्रोपेगैंडा होता है।
वहीं, बंगाल के बीरभूम में ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चुनाव को जीतने के लिए झूठों का ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। बीरभूम से अभी भाजपा की शताब्दी रॉय सांसद हैं।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा के दो शीर्ष नेता पूरे देश को लूट रहे हैं और अपने पापों को छिपाने के लिए बंगाल को बदनाम कर रहे हैं। ममता ने पूछा- क्या आप दंगों की साजिश रचने वाले पीएम को वोट देंगे? वे (भाजपा) संदेशखाली को लेकर गलत नैरेटिव फैला रहे हैं। वे बंगाल की करोड़ों मांओं-बहनों का अपमान कर रहे हैं। आप लोगों को शर्म आनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि मोदी सरकार प्रचार के लिए प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन उन्होंने हमारे राज्य के गरीबों का पैसा रोककर रखा है।
