Headlines

मुख्तार अंसारी की मौत जहर से नहीं हुई:विसरा रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत; मुख्तार ने कहा था- खाने में दिया जा रहा पॉइजन

मुख्तार अंसारी की मौत जहर से नहीं हुई:विसरा रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत; मुख्तार ने कहा था- खाने में दिया जा रहा पॉइजन

बांदा2 घंटे पहले
मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को चित्रकूट के अस्पताल में मौत हो गई थी- फाइल फोटो

मुख्तार अंसारी की मौत के 26 दिन बाद उसकी विसरा रिपोर्ट आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें कहा गया है कि मुख्तार की मौत जहर से नहीं, बल्कि हार्ट अटैक से हुई थी। विसरा रिपोर्ट न्यायिक जांच टीम को भेज दी गई है।

यह रिपोर्ट इसलिए अहम है क्योंकि 21 मार्च यानी मौत से 7 दिन पहले खुद मुख्तार ने बाराबंकी कोर्ट में एप्लिकेशन दी थी। इसमें उसने दावा किया था कि जेल में उसकी हत्या की साजिश हो रही है। उसे खाने में स्लो पॉइजन दिया जा रहा है।

मुख्तार की मौत के बाद उसके सांसद भाई अफजाल अंसारी और बेटे उमर अंसारी ने भी मुख्तार को जहर दिए जाने का आरोप लगाया था। अफजाल अंसारी ने कहा था कि उनके पास जेल में मुख्तार को जहर देने के सबूत हैं, जिसे समय आने पर सबके सामने रखूंगा।

चित्रकूट एसपी ने मुख्तार की बिसरा रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।

ये फुटेज 28 मार्च का है, जब मुख्तार को बांदा जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लाया गया था। थोड़ी देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

28 मार्च को मौत, पीएम रिपोर्ट में भी हार्ट अटैक का दावा
मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद था। 28 मार्च की रात उसे बेहोशी की हालत में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लाया गया था। 9 डॉक्टर्स ने उसका इलाज किया, लेकिन मुख्तार को बचाया नहीं जा सका। 29 मार्च को ढाई घंटे तक मुख्तार का पोस्टमॉर्टम हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया कि मौत हार्ट अटैक से हुई।

हालांकि, पोस्टमॉर्टम से पहले बेटे उमर अंसारी ने डीएम को लेटर लिखा था। इसमें दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की गई थी। ऐसे में पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया था। उसे जांच के लिए लैब भेजा गया था। अब बिसरा रिपोर्ट सामने आई है।

29 मार्च को ही मुख्तार के शव को देर रात गाजीपुर पैतृक घर ले जाया गया। 30 मार्च की सुबह कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। फिलहाल, मुख्तार की मौत की जांच न्यायिक टीम कर रही है। 30 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपनी है। न्यायिक टीम अब तक 3 बार जेल के अंदर जाकर जांच-पड़ताल कर चुकी है।

जांच टीम ने जेल में मुख्तार की बैरक की जांच की। उन बर्तनों से सैंपल कलेक्ट किए थे, जिनमें मुख्तार को खाना परोसा जाता था। अगर वक्त नहीं बढ़ता तो 5 दिन के अंदर न्यायिक टीम को रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

अब पढ़िए मुख्तार के भाई-बेटे ने जहर को लेकर क्या आरोप लगाए थे…

2005 से जेल में बंद था मुख्तार
इंटरस्टेट गैंग 191 का सरगना मुख्तार अंसारी 25 अक्टूबर, 2005 से जेल में बंद था। उसके खिलाफ यूपी, दिल्ली, पंजाब में 65 मुकदमे दर्ज थे। 2017 में योगी सरकार आने से पहले वो पंजाब की रोपड़ जेल में था। उसे पंजाब से UP लाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी।

2021 में मुख्तार को बांदा जेल में शिफ्ट किया गया। जेल में उस पर 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी होती थी।

मुख्तार को 17 महीने में 8 बार सजा हुई थी। इसमें से 2 उम्रकैद की सजा थी। मुख्तार को पहली सजा 23 सितंबर 2022 को हुई थी। 8वीं सजा 13 मार्च 2024 को हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024