गिरफ्तारी-रिमांड के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर नहीं हुई सुनवाई:सुप्रीम
शराब नीति घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने रविवार को कहा कि हम मामले की सुनवाई इस महीने (अप्रैल) के आखिरी हफ्ते में करेंगे।
केजरीवाल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और ED की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने दलीलें रखीं। सिंघवी ने कोर्ट से कहा, ‘मैं कुछ चौंकाने वाले फैक्ट्स आपके सामने रखना चाहता हूं।’ इस पर कोर्ट ने कहा कि हमें नोटिस जारी करने दीजिए।
सिंघवी ने कहा- सुनवाई की तारीख पास रखिएगा, हो सके तो इस शुक्रवार। इस पर कोर्ट ने कहा- हम आपको करीब की तारीख दे सकते हैं, लेकिन वो तारीख नहीं जो आपने सुझाई है। सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी केवल इसलिए थी, ताकि केजरीवाल चुनाव प्रचार ना कर पाएं। कोर्ट ने कहा- हम इस महीने की आखिरी हफ्ते में सुनवाई करेंगे।
ED ने शराब नीति केस में केजरीवाल को 21 मार्च को अरेस्ट किया था। 22 मार्च को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 28 मार्च तक ED की रिमांड पर भेजा, जो बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ाई गई। कोर्ट ने 1 अप्रैल को उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया। केजरीवाल को 2 नंबर बैरक में रखा गया है।
कोर्ट रूम LIVE…
सिंघवी: मैं कुछ फैक्ट्स सामने रखना चाहता हूं, जो कोर्ट को चौंका देंगे।
जस्टिस खन्ना: हमें नोटिस जारी करने दीजिए।
सिंघवी: तारीख थोड़ी पास रखिएगा, इस शुक्रवार!
जस्टीस खन्ना: हम आपको करीब की तारीख दे सकते हैं, लेकिन वो तारीख नहीं जो आपने सुझाई है।
सिंघवी: हम केवल यह कह रहे हैं कि यह गिरफ्तारी सामान्य नहीं है। केजरीवाल का नाम ECIR या चार्जशीट में नहीं हैं। 15 बयान हैं। गिरफ्तारी केवल इसलिए थी, ताकि केजरीवाल चुनाव प्रचार ना कर पाएं।
सॉलिसिटर जनरल: हम इस दलील का विरोध करते हैं।
जस्टिस खन्ना: 29 अप्रैल से शुरू हो रहे हफ्ते में सुनवाई करेंगे।
सिंघवी: और जल्दी सुनवाई की अपील है।
जस्टिस खन्ना: जितनी जल्दी सुनवाई कर सकते हैं, उस दिन की तारीख आपको दी है।
9 अप्रैल को हाईकोर्ट ने कहा था- अरेस्ट सही, ED ने पर्याप्त सबूत दिए
केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और उसके बाद जांच एजेंसी की हिरासत में भेजे जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल को उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि केजरीवाल बार-बार समन भेजने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुए। इसलिए ED के पास उन्हें गिरफ्तार करने का ही विकल्प बचा था। ED ने हमारे सामने पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। हमने बयानों को देखा, जो बताते हैं कि गोवा के चुनाव के लिए शराब घोटाले का पैसा भेजा गया था।
केजरीवाल ने कहा था कि ED के पास पिछले 9 महीने से ऐसे बयान थे। इसके बावजूद उन्हें लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी और रिमांड की जांच कानून के हिसाब से होगी ना कि चुनाव की टाइमिंग को देखकर। हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद 10 अप्रैल को केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
सिसोदिया इसी मामले में जेल में, संजय सिंह जमानत पर
केजरीवाल से पहले शराब नीति केस में AAP नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह की भी गिरफ्तारी हुई थी। सिसोदिया 26 फरवरी 2023 से जेल में बंद हैं। संजय सिंह को ED ने 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया था। इसी महीने 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। तिहाड़ में छह महीने रहने के बाद 3 अप्रैल को वो बाहर आए थे।
