सपा और कांग्रेस अफवाह फैला रही हैं कि भाजपा से राजपूत नाराज हैं। मगर, मैं ये कहना चाहता हूं कि सपा-कांग्रेस से तो पूरा यूपी ही नाराज है। राजपूत समाज हमारा है, हम उसे मना लेंगे।
सहारनपुर में 11 अप्रैल को एक चुनावी रैली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही। उनके इस बयान से एक बात साफ है कि यूपी में भाजपा के कोर वोटर राजपूतों में कुछ तो चल रहा है।
पश्चिम यूपी में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर में राजपूत समुदाय ने भाजपा के विरोध में महापंचायतें कीं। यही नहीं, शनिवार को कैराना में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी की पत्नी प्रचार करने पहुंचीं, तो राजपूतों ने विरोध में नारेबाजी की।
यह नाराजगी क्यों? इसका जवाब राजपूत उत्थान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सोम देते हैं। कहते हैं- राजनीति में ठाकुरों की हिस्सेदारी नहीं है, तो भाजपा को वोट क्यों दें? अभी गांव-गांव में पोस्टर लगे हैं। अब हम गांव-गांव में पंचायत करेंगे।
आज संडे बिग स्टोरी में जानेंगे कि यूपी का ठाकुर समुदाय कितना नाराज है? भाजपा को इससे कितना नुकसान हो सकता है और डैमेज कंट्रोल के लिए क्या जतन हो रहे हैं?
दरअसल, यूपी में भाजपा ने 10 साल में 50% ठाकुर प्रत्याशियों के टिकट काट दिए हैं। इस बार पश्चिम की 26 सीटों में से सिर्फ मुरादाबाद में भाजपा ने ठाकुर प्रत्याशी को टिकट दिया। जबकि गाजियाबाद से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का भी टिकट काट दिया। संगीत सोम जैसे फायर ब्रांड नेताओं को भी टिकट नहीं मिल पाया।
प्रदेश में राजपूतों की आबादी 10% है। 80 में से 15 लोकसभा सीटों पर मजबूत दखल है। यही वजह है कि राजपूतों की नाराजगी दूर करने की कमान दो बड़े नेताओं राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथ में ले रखी है।
सबसे पहले बताते हैं ठाकुर समाज में कब-कहां गुस्सा दिखा…
मेरठ में भाजपा के खिलाफ महापंचायत की
मेरठ में ठाकुर वोटर्स 2.5 लाख से ज्यादा हैं। यहां ठाकुर समुदाय के कई गांव हैं, जिन्हें ठाकुर चौबीसी कहा जाता है। संगीत सोम इनके बड़े नेता माने जाते हैं। मगर सोम को भाजपा से टिकट नहीं मिला। इससे ठाकुर समाज नाराज है। 11 अप्रैल को राजपूतों ने महापंचायत की। इसमें नेताओं ने कहा कि भाजपा हमें राजनीतिक तौर पर खत्म करना चाहती है।
सहारनपुर में पोस्टर लगाया-कमल का फूल, हमारी भूल
सहारनपुर में ठाकुर वोटर्स 2.5 लाख के करीब हैं। 7 अप्रैल को नानौता गांव में ठाकुर समुदाय की महापंचायत हुई। इसके संयोजक पूरन सिंह ने कहा-90% ठाकुर भाजपा को वोट देता है। भाजपा ने ठाकुर प्रत्याशियों के टिकट काट दिए। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। ठाकुर बाहुल्य इलाकों में भाजपा विरोधी पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें लिखा है- कमल का फूल हमारी भूल।
गाजियाबाद में वीके सिंह का टिकट कटने पर भाजपा प्रत्याशी को घेरा
गाजियाबाद में करीब 3 लाख ठाकुर वोटर्स हैं। भाजपा ने यहां से सांसद वीके सिंह का टिकट काटकर अतुल गर्ग को दे दिया। इससे नाराज ठाकुर समाज के लोगों ने अतुल गर्ग और महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को धौलाना में हाईवे पर रोक लिया। इसके बाद जमकर नारेबाजी की। ठाकुर समाज ने भाजपा के खिलाफ एक बड़ी महापंचायत की। इसमें नेताओं ने समुदाय के लोगों से भाजपा को वोट न देने की बात कही।
मुजफ्फरनगर में संजीव बालियान के काफिले पर हमला
मुजफ्फरनगर में करीब 2 लाख ठाकुर वोटर हैं। यहां ठाकुर बाहुल्य गांव मडकरीम में 30 मार्च को भाजपा प्रत्याशी संजीव बालियान के काफिले पर पथराव हुआ। बालियान ने आरोप लगाया कि ये पथराव भाजपा नेता संगीत सोम के इशारे पर हुआ। संगीत सोम को टिकट न मिलने से यहां ठाकुर समुदाय नाराज है। इस हमले के बाद संगीत सोम ने कहा था कि बालियान का स्तर मुझसे बात करने का नहीं है।
अलीगढ़ में भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम का विरोध
अलीगढ़ में करीब 1.5 लाख ठाकुर वोटर हैं। सांसद सतीश गौतम को दोबारा टिकट देने से ठाकुर समुदाय नाराज है। ठाकुर नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण की बजाय क्षत्रिय को टिकट देना चाहिए था। यहां 2 बड़े ठाकुर नेता टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने उनकी अनदेखी की। 6 अप्रैल को ठाकुर समुदाय ने महापंचायत की। इसमें लोगों ने बैनर ले रखा था। लिखा था-अमित शाह क्षत्रिय विरोधी हैं।
सिर्फ टिकट नहीं, और भी हैं नाराजगी के कारण…
1- वेस्ट में सिर्फ 1 सीट पर ठाकुर समुदाय से प्रत्याशी
पश्चिम की 26 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी उतार चुकी है। इसमें 2019 में हारी हुई केवल एक सीट मुरादाबाद में सर्वेश सिंह ठाकुर को टिकट दिया। सरधना से पूर्व विधायक संगीत सोम भी नोएडा और मेरठ से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह का टिकट भी कट गया। वहीं, भाजपा नेता सुरेश राणा और चंद्र मोहन को साइड-लाइन कर दिया गया।
2- गुजरात में करणी सेना के अध्यक्ष की गिरफ्तारी
केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के क्षत्रिय समुदाय की महिलाओं के जौहर प्रथा पर टिप्पणी के बाद करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने उनका विरोध किया। इस मामले में शेखावत को 9 अप्रैल को गांधीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया। रूपाला के बयान और राज शेखावत की गिरफ्तारी के बाद गुजरात में क्षत्रिय समाज विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
3- सम्राट मिहिर भोज की जाति पर विरोध
पश्चिम में सम्राट मिहिर भोज की जाति विवाद को लेकर भी ठाकुर नाराज हैं। ठाकुर पूरन सिंह कहते हैं- भाजपा लगातार हमारे महापुरुषों का अपमान कर रही है। क्षत्रियों ने महापुरुषों की हजारों प्रतिमाएं लगाईं। मगर महापुरुष के नाम के आगे राजपूत सम्राट नहीं लिखा। भाजपा हमारे सम्राट मिहिर भोज को जबरन गुर्जर बताने पर जुटी है। जबकि वो ठाकुर थे। हमारे समाज को राजनीतिक दुश्मनी के चलते कमजोर किया जा रहा है।
4- धनंजय सिंह को सजा, समर्थक नाराज
पश्चिम के साथ ही पूर्वांचल में भी ठाकुरों में भाजपा से नाराजगी है। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इसके बाद रंगदारी के एक मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई। इस मामले में कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई। इसे लेकर उनके समर्थक सरकार को दोषी मानते हैं। खुद धनंजय सिंह भी भाजपा पर आरोप लगा चुके हैं कि उन्हें चुनाव से हटाने के लिए यह किया गया।
डैमेज कंट्रोल के लिए BJP ने बनाई यह रणनीति…
1- सीएम योगी: 3 सीटों पर 15 दिन में 4 सभाएं कीं
सहारनपुर मंडल की मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर लोकसभा सीट पर सीएम योगी ने 15 दिन में 4 जनसभाएं कीं। इस दौरान सीएम ने रैलियों में महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा की वीर कथाओं का जिक्र किया। यही नहीं, सहारनपुर में बड़गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित किए। सीएम ने संगीत सोम और बालियान से आपसी विवाद छोड़कर एकजुट होने के लिए भी समझाया।
2- राजनाथ सिंह: पश्चिम में 3 रैली की, कहा-हम ठाकुरों को मना लेंगे
राजनाथ सिंह ने पश्चिम में संभल, बुलंदशहर और सहारनपुर में रैली की। सहारनपुर में उन्होंने कहा- अफवाह फैलाई जा रही है कि भाजपा से राजपूत नाराज हैं। राजपूत समाज हमारा है, हम उसे मना लेंगे। वहीं, राजनाथ के बेटे नीरज सिंह ने भी मीडिया से बातचीत में कहा- ठाकुरों की भाजपा से नाराजगी की सिर्फ अफवाह फैलाई जा रही है। देश के रक्षा मंत्री और यूपी के सीएम खुद इसी समुदाय से हैं।
विरोध सामने आने के बाद भाजपा ने प्रत्याशियों की 10वीं लिस्ट में मैनपुरी से ठाकुर समुदाय से आने वाले जयवीर सिंह को टिकट दिया। राजनीतिक जानकार इसे भी डैमेज कंट्रोल मान रहे हैं।
ठाकुर समुदाय की नाराजगी पर 2 बड़े नेताओं ने दैनिक भास्कर से क्या कहा…
1- क्षत्रिय समाज के पक्ष में उतरेगा परिवार: राजा भैया के भाई
पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के चचेरे भाई और प्रतापगढ़ से MLC अक्षय प्रताप सिंह ने कहा- सरकार देश में जिस तरह क्षत्रियों का अपमान कर रही है। ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुजरात में करणी सेना के अध्यक्ष की गिरफ्तारी तानाशाही रवैया है। केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उनका विरोध जायज था। राजा भैया का परिवार क्षत्रिय समाज के साथ खड़ा है।
2- भाजपा कम कर रही ठाकुरों की भागीदारी: राघवेंद्र सिंह राजू
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा- भाजपा लगातार राजपूतों की भागीदारी में कटौती कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं है। हमारे समाज के बड़े नेताओं के टिकट काट दिए। हमारे महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी की जा रही है। हम पूरे देश में इसको लेकर विरोध जताएंगे। जल्द प्रयागराज ,बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर में क्षत्रिय महासम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं।
यूपी में अब तक 10 सीटों पर भाजपा गठबंधन ने उतारे ठाकुर प्रत्याशी
भाजपा और उसके सहयोगी गठबंधन ने अब तक यूपी की 76 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया है। इसमें 10 सीटों पर ठाकुर प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं। इनमें लखनऊ से राजनाथ सिंह, मुरादाबाद से कुंवर सर्वेश सिंह, बलिया से नीरज शेखर, मैनपुरी से जयवीर सिंह, डुमरियागंज से जगदंबिका पाल, जौनपुर से कृपाशंकर सिंह, गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह, फैजाबाद से लल्लू सिंह, हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, अकबरपुर से देवेंद्र सिंह भोले को उतारा है। अब सिर्फ 4 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान बाकी है।
