AAP नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके शराब घोटाले के पीछे भाजपा का हाथ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है।
जांच एजेंसी ED ने TDP सांसद मंगुटा रेड्डी और उनके पिता राघव रेड्डी पर दबाव डालकर केजरीवाल के खिलाफ बयान दिलवाया है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि मंगुटा रेड्डी अब प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाकर चुनाव लड़ रहे हैं। दरअसल, आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी (TDP), NDA की सहयोगी पार्टी है।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार शाम संजय सिंह तिहाड़ जेल से रिहा हुए। वे छह महीने से जेल में बंद थे।
संजय सिंह के 2 बड़े बयान…
1. संजय सिंह ने कहा कि एक व्यक्ति हैं; मगुंटा रेड्डी, जिन्होंने 3 बयान दिए, उनके बेटे राघव मगुंटा ने 7 बयान दिए। 16 सितंबर को जब मगुंटा रेड्डी से पहली बार ED ने पूछा था कि क्या वह अरविंद केजरीवाल को जानते हैं, उन्होंने सच बताया और कहा कि उनकी मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई थी, लेकिन चैरिटेबल ट्रस्ट की जमीन के मामले में। उसके बाद उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया और 5 महीने जेल में रखने के बाद उनके पिता ने अपना बयान बदल दिया।
2. संजय सिंह ने आगे कहा कि 10 फरवरी से 16 जुलाई तक राघव मगुंटा के 7 बयान लिए गए। इनमें से 6 बयानों में उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ कुछ नहीं कहा, लेकिन 16 जुलाई को 7वें बयान में उन्होंने अपना रुख बदल लिया और साजिश का हिस्सा बन गए। 5 महीने की प्रताड़ना के बाद उन्होंने अपना बयान बदल दिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खड़े हो गए।
जेल से लेटर लिखकर सिसोदिया बोले- जल्दी बाहर मिलेंगे
दिल्ली शराब नीति केस में तिहाड़ में बंद पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने जेल से अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों को चिट्ठी लिखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें उन्होंने लिखा- हम जल्दी बाहर मिलेंगे। शिक्षा क्रांति जिंदाबाद, लव यू ऑल। पूरी खबर पढ़ें…
रिहाई के बाद संजय सिंह ने कहा था- हम किसी से डरने वाले नहीं
शराब नीति केस में गिरफ्तारी के बाद सांसद संजय सिंह 6 महीने बाद 3 अप्रैल को रात 8:15 बजे तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। जेल से निकलकर उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था- जश्न मनाने का वक्त नहीं आया है, संघर्ष का वक्त है। हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अरविंद केजरीवाल, सत्येन्द्र जैन और मनीष सिसौदिया को सलाखों के पीछे रखा जा रहा है। मुझे विश्वास है कि जेल के ताले टूटेंगे और वे बाहर आएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
शराब नीति लागू होने से रद्द होने तक AAP के तीन बड़े नेताओं की गिरफ्तारी की कहानी…
नवंबर 2021: नई शराब नीति लागू हुई
दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस नीति से शराब की दुकानें निजी हाथों में चली जाएंगी। सिसोदिया से जब नई नीति लाने का मकसद पूछा गया तो उन्होंने दो तर्क दिए। पहला- माफिया राज खत्म होगा। दूसरा- सरकारी खजाना बढ़ेगा।
17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू कर दी गई। इससे शराब कारोबार से सरकार से बाहर हो गई और ये बिजनेस निजी हाथों में चला गया। कई बड़े डिस्काउंट देने से शराब की जमकर बिक्री हुई। इससे सरकारी खजाना तो बढ़ा, लेकिन इस नई नीति का विरोध होने लगा।
जुलाई 2022 : शराब नीति में घोटाले का आरोप लगा
8 जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नई शराब नीति में घोटाला होने का आरोप लगाया। उन्होंने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट LG वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी। इसमें बताया गया कि सिसोदिया ने लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उधर, LG ने भी कहा है कि उनकी और कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही शराब नीति में बदलाव कर दिए।
अगस्त 2022: CBI और ED ने केस दर्ज किया
LG सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर CBI जांच की मांग की। 17 अगस्त 2022 को जांच एजेंसी ने केस दर्ज किया। इसमें मनीष सिसोदिया, तीन रिटायर्ड सरकारी अफसर, 9 बिजनेसमैन और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया। सभी पर भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
19 अगस्त को सिसोदिया के घर और दफ्तर समेत सात राज्यों के 31 ठिकानों पर छापेमारी की। इस पर सिसोदिया ने दावा किया कि CBI को कुछ नहीं मिला। इधर, 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CBI से मामले की जानकारी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया।
जुलाई 2022: सरकार ने नई नीति को रद्द किया
विवाद बढ़ता देख 28 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति को रद्द कर दिया। फिर से पुरानी नीति लागू करने का फैसला लिया। 31 जुलाई को सरकार ने कैबिनेट नोट में बताया कि शराब की ज्यादा बिक्री के बाद भी सरकार की कमाई कम हुई, क्योंकि खुदरा और थोक कारोबारी शराब के धंधे से हट रहे थे।
26 फरवरी, 2023: CBI ने सिसोदिया को गिरफ्तार किया
सिसोदिया के पास एक्साइज डिपार्टमेंट था, इसलिए उन्हें कथित तौर पर इस घोटाले का मुख्य आरोपी बनाया गया। कई बार पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने 26 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वे जेल में हैं। CBI ने सिसोदिया पर आरोप लगाया कि एक्साइज मिनिस्टर होने के नाते उन्होंने मनमाने और एकतरफा फैसले लिए, जिससे खजाने को भारी नुकसान पहुंचा और शराब कारोबारियों को फायदा हुआ।
4 अक्टूबर, 2023: ED ने संजय सिंह को गिरफ्तार किया
संजय सिंह का नाम कथित शराब घोटाले में ED की चार्जशीट में सामने आया था। ये चार्जशीट 2022 में दायर की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कथित शराब घोटाला मामले में अभियुक्त से गवाह बने दिनेश अरोड़ा के बयान के बाद संजय सिंह की गिरफ्तारी हुई।
दिनेश अरोड़ा, दिल्ली के चर्चित रेस्तरां कारोबारी हैं। वे नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सदस्य भी हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दिनेश अरोड़ा ने ED को बताया कि संजय सिंह के कहने पर उन्होंने मनीष सिसोदिया को 82 लाख रुपए दिए, जिसका इस्तेमाल दिल्ली विधानसभा चुनावों में किया गया।
21 मार्च, 2024: ED ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया
