तेलंगाना के नलगोंडा जिले में बुधवार (3 अप्रैल) को एक पानी की टंकी में 30 बंदरों की लाश मिली। जिस टंकी में बंदरों की लाश मिली थी, उससे 200 घरों में पानी सप्लाई किया जाता था।
जानकारी के अनुसार, यह मामला नलगोंडा इलाके के नंदीकोंडा नगर पालिका वार्ड का है। यह मामला तब सामने आया, जब आसपास के रहने वाले लोगों ने पानी से बदबू आने की शिकायत की। शिकायत करने के बाद मामला दर्ज हुआ और जांच शुरू की गई।
लोगों का आरोप- जो हुआ, वह अधिकारियों की लापरवाही
पुलिस का कहना था कि जब जांच शुरू हुई तब उन्होंने देखा कि पानी में बंदरों की लाशें तैर रहीं थी। सभी लाशों को नगर निगम कर्मचारियों ने बाहर निकाला। वार्ड लोगों का कहना है कि नलगोंडा में अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ऐसा हुआ। मामले में जांच के दौरान पता चला कि यह घटना लापरवाही की वजह से हुई। 10 दिनों से बंदरों की लाशें टैंक के अंदर थीं। टैंक का ढक्कन खुला रह गया था। जब बंदर पानी पीने गए तो वे उसमें फंस गए और डूबने की वजह से उनकी मौत हो गई। फिलहाल विभाग लोगों के लिए पानी सप्लाई की व्यवस्था कर रहा है।
BRS विधायक बोले- कांग्रेस सरकार का ध्यान राजनीति पर
तेलंगाना के पूर्व मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायक केटी रामाराव ने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार ने लोगों की सेहत से ज्यादा राजनीति पर ध्यान दिया। तेलंगाना नगर निगम में मामलों की कितनी खराब स्थिति है। समय-समय पर होने वाली साफ-सफाई के लिए बनाए प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया जा रहा है।
वहीं, नलगोंडा जिले के नागार्जुन सागर हिल कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने इस लापरवाही के लिए नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
