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अरुणाचल के गांव में एक वोट लेने जाएगी पोलिंग टीम:39 KM पैदल चलना होगा; राज्य के 68 मतदान केंद्रों तक पहुंचने में 2-3 दिन लगेंगे

अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित मालोगम में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के वोटिंग के लिए पोलिंग अफसरों की टीम सिर्फ एक वोट लेने जाएगी। इसके लिए वे 39 किलोमीटर पैदल सफर करेंगे। चीन बॉर्डर के पास स्थित मालोगम में सिर्फ एक महिला वोटर है। 44 साल की महिला का नाम सोकेला तायांग है।

अधिकारियों ने बताया कि मालोगम में गिने-चुने परिवार रहते हैं। सोकेला को छोड़कर सभी का नाम दूसरे मतदान केंद्र पर दर्ज है। सोकेला किसी अन्य मतदान केंद्र पर नहीं जाना चाहती हैं। उनका वोट लेने के लिए अफसरों, सुरक्षाकर्मियों के साथ एक पोलिंग टीम हेयुलियांग से दुर्गम पहाड़ी इलाकों से होते हुए मालोगम जाएगी।

2019 के लोकसभा चुनाव में सोकेला का वोट लेने के लिए पोलिंग अफसरों की टीम 4 दिनों की पैदल यात्रा करके मालोगाम पहुंची थी।

सुबह 7 से शाम 5 बजे तक बूथ पर रहेंगे अफसर
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर पवन कुमार सैन ने बताया कि ये सिर्फ एक वोट की बात नहीं है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी नागरिकों को उनकी बात कहने और सुनने का मौका मिले।

जॉइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर लिकेन कोयू ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि पोलिंग टीम 18 अप्रैल को हेयुलियांग से मालोगम के लिए निकलेगी। अधिकारियों को पैदल जाने में पूरे दिन का समय लगेगा।

कोयू ने कहा- पोलिंग टीम को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक बूथ में रहना पड़ सकता है, क्योंकि हमें नहीं पता कि सोकेला अपना वोट डालने कब आएंगी। सोकेला मालोगम में नहीं रहती हैं।

2014 के चुनाव में मालोगम में दो वोटर थे
​​​​​​​सोकेला ​​​​​ने बताया कि ​वो लोहित जिले के वाकरो में रहती है। वहां उनके खेत हैं। उनकी बेटी और बेटा कहीं और कॉलेजों में पढ़ते हैं। सोकेला किसी काम से या चुनाव के दौरान ही मालोगम आती हैं। वे 19 अप्रैल को वोट डालने के लिए 18 अप्रैल की शाम तक मालोगम ​​​​​​स्थित ​अपने घर पहुंचेंगी।

उन्होंने बताया कि वे पिछले 15 साल से अपने पति जेनेलम तायांग से अलग रहती हैं। 2014 के चुनाव में मालोगाम के मतदान केंद्र पर उनके पति भी वोटर थे। हालांकि, बाद में उनके पति ने अपना नाम दूसरे बूथ पर ट्रांसफर करवा लिया।

​​​​​​​मालोगम गांव हेयुलियांग विधानसभा क्षेत्र और अरुणाचल पूर्व लोकसभा क्षेत्र में आता है। अरुणाचल पूर्व सीट पर इस बार कांग्रेस के बोसीराम सिरम और भाजपा के तापिर गाओ आमने-सामने हैं। 2019 में गाओ ने कांग्रेस के लोवांगचा वांग्लाट को करीब 70 हजार वोटों से हराया था।​​​​​​​

67 मतदान केंद्रों तक पहुंचने में लगेंगे 2-3 दिन
अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा की दो और विधानसभा की 60 सीटें हैं। यहां 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव होंगे। 2 जून को विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती होगी। 4 जून को लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती होगी।

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अरुणाचल में कुल 2,226 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 228 मतदान केंद्रों तक सिर्फ पैदल ही पहुंचा जा सकता है। इनमें 61 केंद्र ऐसे हैं, जहां पहुंचने में दो दिन लगते हैं। 7 मतदान केंद्रों तक पहुंचने में तीन दिन तक का समय लगेगा।

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