दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मां ने IVF तकनीक के जरिए 17 मार्च को बच्चे को जन्म दिया। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर पंजाब सरकार को लेटर लिख रिपोर्ट मांगी है।
लेटर में असिस्टेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एक्ट का हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया है कि इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से बच्चा पैदा करने के लिए महिला की उम्र 21 से 50 साल के बीच होनी चाहिए, लेकिन सिद्धू की मां चरण कौर ने 58 की उम्र में इस तकनीक से प्रेग्नेंट होकर बच्चे को जन्म दिया है। केंद्र ने इसी नियम के उल्लंघन पर जांच के बाद एक्शन के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का लेटर…
बच्चे का नाम शुभदीप रखा गया, यही सिद्धू मूसेवाला का नाम था
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर ने अपने नवजात बच्चे का नाम शुभदीप रखा है। मूसेवाला का असली नाम यही था। मूसेवाला ने 2022 में मानसा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान मां चरण कौर ने कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर एफिडेविट भरा था। तब चरण कौर ने अपनी उम्र 56 साल बताई थी।
इसके अनुसार उनकी उम्र अब तकरीबन 58 साल है और बलकौर सिंह की उम्र तकरीबन 60 साल है। मूसेवाला की मई 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या का आरोप लॉरेन्स गैंग पर है।
सिद्धू के पिता ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाए
स्वास्थ्य विभाग के नोटिस पर बलकौर सिंह ने पंजाब सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके बलकौर सिंह ने कहा कि प्रशासन बच्चे के लीगल डॉक्यूमेंट्स पेश करने को लेकर बार-बार परेशान कर रहा है। CM मान उन्हें जेल भेजकर जांच करा सकते हैं।
पंजाब के मंत्री बोले- सिद्धू के पिता के आरोप गलत
पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने मूसेवाला के पिता के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा- हमारी तरफ से सिद्धू मूसेवाला के परिवार को तंग नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने जानकारी मांगी है। हम वादा करते हैं कि हमारी तरफ से मूसेवाला परिवार को परेशान नहीं किया जाएगा।
बेदी बोले- 2021 में ही बना ART एक्ट, सारे IVF सेंटर जवाबदेह
इंडियन सोसाइटी ऑफ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की चंडीगढ़ ब्रांच के फाउंडर डॉ. जीके बेदी के मुताबिक, भारत में IVF तकनीक से गर्भधारण करने से जुड़ा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट (ART) साल 2021 में ही बना है। इस एक्ट के मुताबिक देश में 50 साल से अधिक उम्र की कोई महिला इस तकनीक के जरिए गर्भ धारण नहीं कर सकती।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ART एक्ट के साथ ही इसे सही तरह से लागू करवाने के लिए नेशनल लेवल की रेगुलेटरी बॉडी भी बना दी है। उसके बाद सारे राज्यों में भी रेगुलेटरी बॉडी बन गई है। यही रेगुलेटरी बॉडी ART एक्ट से जुड़े सारे केस देखती है। IVF तकनीक से गर्भधारण करवाने वाले सारे अस्पताल इन रेगुलेटरी बॉडी के प्रति जवाबदेह होते हैं।
किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर वह संबंधित अस्पताल को शोकॉज नोटिस देकर सवाल-जवाब कर सकती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एक्ट के मुताबिक कार्रवाई होती है।
अगर कोई महिला किसी दूसरे देश में IVF तकनीक से गर्भधारण करने के बाद भारत आ जाती है तो वह यहां सामान्य महिलाओं की तरह अपना ट्रीटमेंट करवा सकती है।
विपक्ष ने भी AAP सरकार को घेरा
बलकौर सिंह का वीडियो आने के बाद विपक्ष ने भी पंजाब की AAP सरकार को घेरा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि भगवंत मान शायद अकेले पंजाबी हैं, जिन्होंने अभी तक बलकौर सिंह को उनके नवजात बेटे के जन्म पर बधाई नहीं दी है।
भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के पिता का बयान बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का प्रशासन बच्चे की वैधता साबित करने के लिए पिता को नवजात शिशु के दस्तावेज दिखाने के लिए मजबूर किए जा रहा है। सीएम मान साहब, आप कितना नीचे गिर सकते हैं।
कांग्रेस के विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बेशर्मी की हद है। बच्चे के जन्म की खुशी पूरा पंजाब और दुनियाभर के लोग मना रहे है।
पूर्व मंत्री दलजीत चीमा ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और आपराधिक कृत्य है, जिसने पंजाब की आप सरकार का घिनौना चेहरा उजागर कर दिया है।
