लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। तापस ने सोमवार (4 मार्च) को अपना फैसला मीडिया को बताया। उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी में मेरे घर पर ED के छापे पड़े। इस दौरान पार्टी ने मेरा साथ नहीं दिया।
तापस ने कहा- मैं महसूस कर रहा था कि पार्टी में इज्जत नहीं हो रही है। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है। ED की टीम 12 जनवरी को मेरे घर पर आई थी। इतने दिन गुजर गए, लेकिन पार्टी ने कोई सपोर्ट या सहानुभूति नहीं जाहिर की। मैंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब मैं आजाद पक्षी हूं।
तापस रॉय बोले- आगे क्या करूंगा, ये अभी नहीं सोचा
तापस ने कहा- तृणमूल मेरे लिए नहीं है। जहां भी मैं देखता हूं वहां इस पार्टी में भ्रष्टाचार दिखता है। कोई दूसरा अपराध करे और बाकी सबको उसकी सजा भुगतनी पड़े, ये सही नहीं है। मैं कई तरह के विवाद झेल रहा था।
मैं पार्टी के कामकाज के तरीके से निराश हूं। मैं पार्टी और सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से तंग आ चुका हूं। इन सब के बीच बंगाल सरकार ने संदेशखाली मुद्दे को जिस तरह से हैंडल किया, मैं उसका समर्थन नहीं करता।
तापस ने कहा- मैं लंबे अरसे से विधानसभा भी नहीं गया। पार्टी के कार्यक्रमों में भी नहीं जा रहा था। आज मैंने इस्तीफा दे दिया है। आगे क्या कदम उठाऊंगा, इसके बारे में अभी नहीं सोचा।
5 बार विधायक रह चुके हैं तापस
तापस रॉय बंगाल के बारानगर से TMC के विधायक हैं। वे 5 बार विधायक के रूप में चुने गए हैं। तापस बंगाल में योजना और सांख्यिकी राज्य मंत्री थे। उन्होंने कोलकाता नगर निगम के पार्षद के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वे छात्र नेता भी रह चुके हैं।
3 दिन पहले TMC प्रवक्ता कुणाल ने सभी पदों से इस्तीफा दिया था
तृणमूल कांग्रेस को 3 दिन में ये दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने 1 मार्च को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वो प्रवक्ता और महासचिव के पद पर नहीं रहना चाहते। वो सिस्टम में फिट नहीं बैठ रहे हैं।
इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बायो बदलकर सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार कर दिया। हालांकि कुणाल घोष ने कहा था कि वे पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ममता बनर्जी को अपना लीडर बताया था।
