सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु CM एम के स्टालिन के बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन को उनके बयान “सनातन धर्म को खत्म कर दो” पर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। आप कोई आम आदमी नहीं है, आप मंत्री हैं। आपको बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था।
उदयनिधि के बयान के बाद उनके खिलाफ कई राज्यों में FIR दर्ज की गई हैं। उदयनिधि ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि सभी FIR को एक जगह कर दिया जाए। उदयनिधि की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए थे। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्त की बेंच ने अपील पर सुनवाई की। अदालत अब 15 मार्च को इस पर सुनवाई करेगी।
उदयनिधि ने सनातन धर्म की डेंगू-मलेरिया से तुलना की थी
सितंबर 2023 में उदयनिधि ने सनातन धर्म पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म जाति और भेदभाव पर आधारित है और इसे खत्म कर दिया जाना चाहिए। इसके बाद उदयनिधि के खिलाफ तमिलनाडु, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में FIR दर्ज की गई थीं।
कोर्ट रूम LIVE…
सुप्रीम कोर्ट: आपने बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। आपने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। अब आप एक और अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या आपके मुवक्किल को ये नहीं पता कि उनके बयान का क्या नतीजा निकलेगा?
सिंघवी: मैं उदयनिधि के बयान को सही नहीं ठहरा रहा हूं। उनके खिलाफ 6 राज्यों में FIR दर्ज है। हम केवल इतना चाहते हैं कि ये सभी एक जगह कर दी जाएं।
सुप्रीम कोर्ट: आपको संबंधित हाईकोर्ट में जाना चाहिए।
सिंघवी: मुझे 6 हाईकोर्ट में जाना पड़ेगा। मैं इसी में फंसा रह जाऊंगा। ये तो पैरवी से पहले ही प्रताड़ना है।
सुप्रीम कोर्ट: आप आम आदमी नहीं हो। आप मंत्री हो। आपको नतीजों का पता होना चाहिए।
सिंघवी: अमीष देवगन, नूपुर शर्मा और मोहम्मद जुबैर के मामले में तो FIR मर्ज कर दी गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट: हम आपकी अपील पर 15 मार्च को सुनवाई करेंगे।
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