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दिल्ली बाइकर डेथ केस-गड्ढे वाली जगह पर बैरिकेड-लाइट नहीं थे:साइट का सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार; 3 इंजीनियरों पर भी केस दर्ज-सस्पेंड

दिल्ली बाइकर डेथ केस-गड्ढे वाली जगह पर बैरिकेड-लाइट नहीं थे:साइट का सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार; 3 इंजीनियरों पर भी केस दर्ज-सस्पेंड

नई दिल्ली2 घंटे पहले
शुक्रवार को इसी गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हो गई थी।

दिल्ली के जनकपुरी में मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में FIR में कहा गया है कि साइट पर कोई वॉर्निंग साइन, बैरिकेड या लाइटिंग नहीं थी। कोई गार्ड तैनात भी नहीं किया गया था। FIR में कहा गया है कि गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ दिया गया था।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में कंस्ट्रक्शन साइट के एक सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को घंटों पहले ही दुर्घटना के बारे में बता दिया गया था, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को कहा कि सरकार ने इस मामले में लापरवाही के आरोप में तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है और उन पर लापरवाही का केस भी दर्ज किया गया है।

दरअसल 5 फरवरी की देर रात कमल भयानी (25) की दिल्ली जब बोर्ड की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। 6 फरवरी की सुबह 8 बजे PCR कॉल मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद हादसे का पता चला।

FIR में कहा गया- ठेकेदार को पता था ऐसा हो सकता है

जनकपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है दिल्ली जल बोर्ड और उसके ठेकेदार को यह अच्छी तरह पता था कि सार्वजनिक सड़क पर सुरक्षा उपायों के बिना खुला गड्ढा छोड़ने से कोई व्यक्ति गिर सकता है और उसकी जान जा सकती है।

FIR की मुख्य बातें…

पुलिस को एक महिला का PCR कॉल आया, जिसने बताया कि एक बाइक सवार लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया है और उसे तुरंत मदद की जरूरत है।

  • जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने एक अज्ञात व्यक्ति को उसकी मोटरसाइकिल के साथ, लगभग 20 फीट लंबा, 13 फीट चौड़ा और लगभग 14 फीट गहरा गड्ढे में पड़ा पाया।
  • सड़क निर्माण के हिस्से के रूप में सड़क के बीच में गड्ढा खोदा गया था। घायल व्यक्ति को फायर ब्रिगेड की मदद से गड्ढे से बाहर निकाला गया और PCR वाहन से दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया।
  • अस्पताल ने बाद में पुलिस को सूचित किया कि PCR से लाए गए मरीज को MLR नंबर 18001552602102/26 के तहत मृत घोषित कर दिया गया है।
  • मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है, मरीज को सुबह लगभग 08:00 बजे जोगिंदर सिंह मार्ग के पास सड़क किनारे बेहोश और अनुत्तरदायी हालत में पाया गया था। चोट के विवरण में एपिगैस्ट्रिक क्षेत्र पर खरोंच शामिल है, और मरीज को मृत लाया गया था।
  • मृतक की पहचान कमल ध्यानी, नरेश चंद ध्यानी के बेटे, दिल्ली के पालम कॉलोनी के निवासी के रूप में हुई। वह 25 साल का था।
  • दिल्ली जल बोर्ड के खोदे गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला छोड़ दिया गया था। घटनास्थल पर कोई वॉर्निंग साइन, रिफ्लेक्टर, बैरिकेड या रोशनी नहीं थी, और कोई सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं था।

सब कॉन्ट्रैक्टर को गार्ड ने सूचना दी थी

पुलिस ने बताया कि साइट के सब कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति के यहां काम करने वाले सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक जूनियर स्टाफ को बताया था कि एक व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है।

इसके बाद जूनियर स्टाफ सदस्य ने रात करीब 12.22 बजे प्रजापति को फोन किया और उसे मौके पर पहुंचने के लिए कहा। अधिकारियों ने बताया कि प्रजापति बाद में साइट पर पहुंचा और गड्ढे के अंदर एक मोटरसाइकिल देखी, लेकिन उसने अंदर जांच नहीं की या कोई और कदम नहीं उठाया।

दिल्ली सरकार के मंत्री बोले- हमारा दुख मृतक को वापस नहीं ला सकता

दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद ने घटना के बारे में दुख जताते हुए कहा कि हमारा दर्द और दुख उस आदमी को वापस नहीं ला सकता। उन्होंने कहा कि मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निवासियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए, हम दोनों दिशाओं में एक ही लेन पर ट्रैफिक के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। सड़क की मरम्मत में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस, नगर निगम, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DJB और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त निरीक्षण किया गया।

DJB की साइट्स के इंस्पेक्शन के निर्देश

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड के इंजीनियरों को सभी चल रही कंस्ट्रक्शन साइट्स का दौरा करने और शनिवार शाम तक सुधार के कदम उठाने का निर्देश दिया है। एक अन्य सीनियर सरकारी अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार को जल्द ही 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा सकता है।

परिवार ने DJB पर लापरवाही का आरोप लगाया है और उसकी मौत में गड़बड़ी का भी शक जताया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन DJB इंजीनियरों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।

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