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अजित पवार की पत्नी को डिप्टी सीएम बनाने की मांग:NCP नेता फडणवीस से मिले, विभाग भी मांगे; NCP के विलय पर फैसला शरद पवार लेंगे

अजित पवार की पत्नी को डिप्टी सीएम बनाने की मांग:NCP नेता फडणवीस से मिले, विभाग भी मांगे; NCP के विलय पर फैसला शरद पवार लेंगे

मुंबई/पुणे57 मिनट पहले
अजित पवार और पत्नी सुनेत्रा। सुनेत्रा, महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं।

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बन सकती हैं। पार्टी के नेता छगन भुजबल ने शुक्रवार को बताया, ‘पार्टी के विधायक दल की बैठक कल होगी। सुनेत्रा के नाम पर चर्चा हो रही है। अगर कल कोई फैसला होता है, तो शपथ ग्रहण समारोह कल ही होगा।’

अजित की प्लेन क्रैश में मौत के बाद उप मुख्यमंत्री पद खाली हो गया है। यह पद पत्नी को दिए जाने, NCP के दोनों गुट के विलय और विभागों के बंटवारे को लेकर अटकलें जारी हैं।

इन्हीं मांगों को लेकर आज NCP के नेता CM देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके घर वर्षा बंगले पहुंचे। इसमें प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे शामिल हुए। मीटिंग आधे घंटे तक चली।

महाराष्ट्र सरकार में अजित के पास वित्त, आबकारी और खेल विभाग के साथ-साथ डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद भी था।

NCP नेताओं में इस बात पर चर्चा चल रही है कि ये विभाग और पार्टी की नेशनल लीडरशिप किसे दी जाए। यह दावा भी किया जा रहा है कि अजित पवार NCP के दोनों गुट के जिस मर्जर पर बातचीत कर रहे थे, उस पर आखिरी फैसला शरद पवार लेंगे।

अजित की 28 जनवरी को बारामती में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। वे जिला परिषद चुनाव के लिए रैली को संबोधित करने जा रहे थे।

प्रफुल्ल पटेल बोले- CM जल्दी फैसला लें

CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से कहा, ‘हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साफतौर पर बता दिया है कि जनभावना को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द फैसला लेना जरूरी है।’

प्रफुल्ल ने कहा, ‘हमारी मांग है कि अजित के पोर्टफोलियो और NCP से जुड़े फैसलों को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। राज्य की मौजूदा स्थिति कार्यकर्ताओं के असंतोष और जनता की भावनाओं को देखते हुए बिना देरी ठोस निर्णय लेना जरूरी है।’

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता छगन भुजबल ने कहा, ‘हम मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, जैसा कि आप जानते हैं, जब किसी की मौत हो जाती है, तो कभी-कभी शोक तीन दिन तक चलता है, कभी दस दिन तक, इस दौरान लोग बाहर नहीं निकलते। मुझे ऐसे सभी रीति-रिवाजों की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन इन मामलों पर विचार किया जा रहा है। सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी अपनी राय दे रहे हैं। किसी भी हाल में, अगले दो-तीन घंटों में फैसला ले लिया जाएगा।’

महाराष्ट्र की राजनीति के 2 बड़े अपडेट्स

  • अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार ने नरेश अरोड़ा को राजनीतिक सलाह के लिए बारामती बुलाया है। नरेश, अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार हैं। उनकी संस्था ‘डिजाइनबॉक्स’ एनसीपी के लिए काम करती है।
  • 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति के लिए मतदान अब 5 फरवरी के बजाय 7 फरवरी को होगा। रिजल्ट 9 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

NCP विलय को लेकर 3 लोगों के दावे

  • अजित के करीबी किरण गुजर ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि वे दोनों गुटों को मिलाने के लिए 100% उत्सुक थे। उन्होंने पांच दिन पहले कहा था कि प्रक्रिया पूरी हो गई है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है। गुजर ने कहा कि अजीत के पास विलय और एकजुट NCP के भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार था।
  • एनसीपी के सीनियर नेता जयंत पाटिल ने भी कहा है कि विलय को लेकर अजित दादा और उनके बीच कई बैठकें हो चुकी थी। अजित इसे लेकर सकारात्मक थे। जिला परिषद चुनाव के बाद इस पर अंतिम निर्णय होना था। अजित दादा ने कहा था पहले स्थानीय निकाय के चुनाव गठबंधन करके लड़ा जाए, विलय का फैसला चुनाव के बाद लेंगे।
  • एनसीपी शरद गुट के नेता एकनाथ खड़से ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा है कि एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आएंगे।

NCP का विलय हुआ तो क्या होगा…

NCP (SP) के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि बुधवार को हुए प्लेन क्रैश से पहले NCP के दोनों पक्ष बातचीत के एडवांस्ड स्टेज पर पहुंच गए थे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के खत्म होने के तुरंत बाद विलय की घोषणा किए जाने का प्लान था।

अजित की रणनीति यह थी कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान माहौल का जायजा लिया जाए और पूरी तरह से विलय की घोषणा करने से पहले दोनों पार्टियों के वोट बैंक को मजबूत किया जाए।

सूत्रों का कहना है कि विलय से कैबिनेट के गणित में मौलिक बदलाव आएगा। अगर विलय होता है, तो NCP (SP) के नेता राज्य के शासन और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस मर्जर को पश्चिमी महाराष्ट्र के शुगर बाउल पर फिर से कब्जा करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जहां BJP ने हाल के नगर निगम चुनावों में अहम पकड़ बनाई है।

विलय के बाद NCP के पास 9 लोकसभा सांसदों और 51 विधायकों का एक मजबूत संयोजन होगा, जो संभावित रूप से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन या विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर संतुलन बदल सकता है।

अजित की जगह CM फडणवीस पेश कर सकते हैं बजट

अजित के निधन के बाद अब लगभग यह तय है कि महाराष्ट्र का वित्त विभाग फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा और मार्च में CM ही महाराष्ट्र का बजट पेश करेंगे। जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे तब उपमुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस के पास गृह और वित्त दोनों महत्वपूर्ण विभाग थे। फडणवीस ने 9 मार्च 2023 को महाराष्ट्र राज्य का बजट भी पेश किया था।

जुलाई 2023 में जब अजित पवार महायुति सरकार में शामिल हुए तब वित्त मंत्रालय फडणवीस ने अजित पवार को सौंप दिया था। वे 23 फरवरी को राज्य का बजट पेश करने वाले थे। फडणवीस के पहले कार्यकाल (2014-2019) में वित्त मंत्रालय सुधीर मुनगंटीवार के पास था।

सुधीर मुनगंटीवार अभी सिर्फ विधायक हैं लेकिन फडणवीस सरकार का हिस्सा नहीं है। उनके मंत्री बनने और फिर से वित्त मंत्रालय मिलने की संभावना बेहद कम है।

जुलाई 2023 में टूटी थी NCP

शरद पवार ने 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई थी। जुलाई 2023 में अजित पवार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद NCP दो हिस्सों में बंट गई थी। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पवार उसी पद पर बने रहे।

(NCP के) पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर दोनों गुटों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी, जिसमें अजित पवार के गुट को मूल NCP नाम और एनालॉग अलार्म घड़ी चुनाव चिह्न मिला था। वर्तमान में, NCP महायुति सरकार का हिस्सा है, जबकि NCP (SP) विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) में शामिल है।

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