PM मोदी काशी की जगह पंजाब क्यों आ रहे:दोआबा की 23 सीटों पर नजर, दलित वोटर साधेंगे, 2 घोषणा संभव; सवाल-जवाब में जानें मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां आ रहे हैं। जहां वे डेरे के संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लेंगे। यह पहली बार है कि सतगुरू रविदास जी महाराज की जयंती पर PM मोदी काशी से बाहर कहीं माथा टेकने जा रहे हैं।
PM का यह अचानक दौरा ऐसे टाइम पर हो रहा है, जब पंजाब के विधानसभा चुनावों में लगभग एक साल का ही समय बचा है। ऐसे में उनके दौरे के धार्मिक के साथ राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
राजनीति के लिहाज से बंगाल के बाद पंजाब ही BJP के लिए सबसे चैलेंजिंग स्टेट है। जहां पार्टी का न तो बड़ा आधार है और न ही यहां मोदी की पापुलैरिटी निर्णायक वोट बैंक में बदलती दिखती है।
PM मोदी इस दौरान आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने की भी घोषणा कर सकते हैं। ऐसे में विपक्षी दलों की भी इस पर नजर बनी हुई है।
PM मोदी के दौरे के धार्मिक-सियासी मायने क्या, कौन सी बड़ी घोषणा कर सकते हैं, डेरे का राजनीति में क्या दबदबा, सवाल-जवाब में जानिए….
सवाल: PM का दौरा कब है, यहां क्या-क्या कार्यक्रम हैं? जवाब: केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा कि PM मोदी 1 फरवरी को दोपहर बाद 4 बजे डेरा सचखंड बल्लां में आएंगे। वह पहले आदमपुर एयरपोर्ट उतरेंगे। उसके बाद डेरे में पहुंचेंगे।
सवाल: डेरे में क्या कार्यक्रम है, PM मोदी यहां क्या करेंगे? जवाब: 1 फरवरी को डेरे में 649वीं गुरु रविदास जयंती मनाई जाएगी। इसी में माथा टेकने के लिए PM मोदी डेरे में पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे डेरे के संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद भी लेंगे।
सवाल: डेरा सचखंड बल्ला से कितने लोग जुड़े हैं? जवाब: डेरा सचखंड बल्लां रविदासिया समाज का जालंधर स्थित सबसे बड़ा डेरा है। इससे 20 लाख के करीब संगत जुड़ी है। यह संगत सिर्फ पंजाब नहीं बल्कि देश और विदेशों से भी डेरे से जुड़ी है।
सवाल: पीएम के दौरे को राजनीतिक नजरिए से क्यों देखा जा रहा? जवाब: इसकी वजह दोआबा बेल्ट है, इसमें 117 में से 23 सीटें आती हैं। पंजाब में 32% दलित वोटर हैं, जिनमें अधिकांश इसी दोआबा इलाके में हैं।
सवाल: भाजपा ने दोआबा को क्यों टारगेट किया है? जवाब: इसकी वजह 2022 का चुनाव है, जब पूरे पंजाब में AAP की लहर थी लेकिन दोआबा में उन्हें एकतरफा जीत नहीं मिली। यहां की 23 सीटों में से AAP 10 ही सीटें जीत सकी थी। 9 सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं।
सवाल: दोआबा में BJP को क्या उम्मीदें दिख रहीं? जवाब: इसकी वजह कांग्रेस है। 2022 में AAP की लहर के बावजूद दलितों का गढ़ कहे जाने वाले दोआबा में कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दिखाई। कुछ महीने पहले तरनतारन में हुए विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग के पूर्व गृहमंत्री स्व. बूटा सिंह के बारे में आपत्तिजनक बातें कहने से दलित भाईचारा नाराज है। इसे ही भाजपा अपने पाले में करना चाहती है।
सवाल: डेरे का सियासी प्रभाव क्या है, क्या डेरा सीधे वोटिंग को प्रभावित करता है? जवाब: नहीं, डेरा सीधे राजनीति में कोई दखल नहीं देता, न ही वोटरों को ऐसा कुछ करने को कहता है। मगर, नेताओं के दौरे से उनकी संगत को मैसेज जरूर जाता है। दोआबा एरिया में डेरे से जुड़ी काफी संगत है। जालंधर में पूर्व CM चरणजीत चन्नी की जीत के पीछे भी इसी समाज के वोटरों का बड़ा योगदान है।
सवाल: PM के दौरे से BJP को पंजाब में क्या फायदा दिख रहा है? जवाब: BJP को 2 फायदे दिख रहे हैं, पहला… डेरे के जरिए भाजपा सीधे तौर पर पंजाब के 32% दलित वोटरों को मैसेज देगी कि देश के प्रधानमंत्री डेरे और उससे जुड़ी संगत का बहुत सम्मान करते हैं। ऐसे में दोआबा की 23 सीटों पर भाजपा दबदबा बनाना चाहती है। दूसरा..अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा की शहरी वर्ग को छोड़ कहीं पैठ नहीं बन रही। दलित वर्ग के जरिए भाजपा पूरे प्रदेश में अपना आधार बना सकती है।
आखिरी सवाल: PM मोदी इस दौरे पर कौन सी अहम घोषणाएं कर सकते हैं? जवाब: BJP से जुड़े सूत्रों के मुताबिक PM 2 बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। पहली जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरू रविदास जी महाराज के नाम पर रखने का ऐलान कर सकते हैं। इसके अलावा 2027 में आने वाली श्री गुरू रविदास जी की 650वीं जयंती के लिए साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों का आगाज भी कर सकते हैं।
