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संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, 45 मिनट स्पीच दी:VB- जी राम जी कानून का जिक्र करते ही विपक्ष का हंगामा, कानून वापस लो के नारे लगे

संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, 45 मिनट स्पीच दी:VB- जी राम जी कानून का जिक्र करते ही विपक्ष का हंगामा, कानून वापस लो के नारे लगे

नई दिल्ली5 घंटे पहले

18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला हिस्सा बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा की जॉइंट मीटिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार देश में आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है।

राष्ट्रपति ने 45 मिनट की स्पीच में VB- जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया और कानून वापस लो के नारे लगाए। उधर, एनडीए सांसदों ने समर्थन में नारेबाजी की। पीएम मोदी और अमित शाह भी मेज थपथपाते नजर आए।

बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। यह दो हिस्सों में होगा। पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।

संसद के संयुक्त सेशन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जेपी नड्डा, पीएम नरेंद्र मोदी और अखिलेश यादव के साथ अन्य सांसद।

राष्ट्रपति के भाषण की 4 बड़ी बातें, कहा- भारत दुनिया में सेतु की भूमिका निभा रहा

  • ऑपरेशन सिंदूर की ताकत दुनिया ने देखी: ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय सेना का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय सेना ने आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया। मिशन सुदर्शन चक्र पर काम चल रहा है।
  • नई पीढ़ी को पूर्वजों से सीख मिली: देश ने पिछले दिनों श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल की 150वीं और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह मनाया जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जो विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज करती है।
  • भारत दुनिया में सेतु की भूमिका निभा रहा: विश्व आज कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे समीकरण भी बदल रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच भी भारत तेजी से विकास की राह पर बढ़ रहा है। इसके पीछे दूरगामी विदेश नीति की भूमिका है। भारत पर दुनिया के देश भरोसा व्यक्त करते हैं। भारत सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है। पुराने संबंधों को मजबूती देते हुए नए संबंध भी विकसित किए हैं। ग्लोबल पॉलिटिक्स का अंतिम ध्येय मानवता की सेवा होनी चाहिए।
  • भारत के पास होगा स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन: देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

संसद की कार्यवाही की पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं….

अपडेट्स

12:47 PM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा- हम किसी को ना डराएं और न ही किसी से डरें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया-‘भय काहूं को देत नहीं, नहीं भय मानत आन’, यानी न हम किसी को डराएं और न ही किसी से डरें। इसी निडर मन और भावना के साथ हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

भारत ने यह सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पूरी दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों का शौर्य देखा।

अपने संसाधनों के बल पर हमारे देश ने आतंक के अड्डों को नष्ट किया। मेरी सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले हर हमले का जवाब मजबूत और निर्णायक होगा।

सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है और यह आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम किया जा रहा है।

12:37 PM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा, माओवादी आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हुई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘मेरी सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। वर्षों तक देश के 126 जिलों में भय और अविश्वास का माहौल था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया। इससे युवाओं, आदिवासियों और दलितों को सबसे अधिक नुकसान हुआ।

आज माओवादी आतंक की चुनौती सिमटकर केवल 8 जिलों तक रह गई है। इनमें से भी 3 जिले ऐसे हैं जो गंभीर रूप से प्रभावित हैं। बीते एक वर्ष में माओवादियों से जुड़े करीब 2000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके साथ ही लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है। वह दिन दूर नहीं जब हमारे देश से माओवादी आतंक का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।

12:04 PM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा, कॉमनवेल्थ गेम्स में सबको सहयोग करना है 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, भारत में खेलों के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। भारत की महिला टीम ने पहली बार क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता है। इसी प्रकार महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने भी वर्ल्ड कप जीता। मैं सबको बधाई देती हैं। बीते समय में हर क्षेत्र में काम किए हैं। मेरी सरकार ने खेलो भारत नीति बनाई है। खेल संगठनों को पारदर्शी बनाया जा रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल की है, जिसमें आप सबको सहयोग करना है।

12:03 PM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 10 लाख युवाओं को एआई के लिए ट्रेन किया 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार ने 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर के लिए ट्रेनिंग दी। 10 लाख युवाओं को एआई के लिए ट्रेन किया जा रहा है।

11:58 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा, 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा मिला 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदाय और हर किसी के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सबका साथ सबका विकास का विजन हर नागरिक की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाल रहा है। 2014 की शुरुआत में, सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक पहुंची थीं। सरकार की कोशिशों से अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा मिल रहा है।’

11:56 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा- पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को रोजगार 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘मुद्रा योजना के तहत करीब 38 लाख करोड़ रुपए का फंड जारी हुआ है। करीब 12 करोड़ लोन रोजगार के लिए दिए। पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है। आज करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी में एक डायरेक्टर महिला है।’

11:50 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति के जी राम जी कानून का जिक्र करते ही हंगामा, नारेबाजी 

अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। जैसे इस कानून का जिक्र किया। विपक्षी सांसद हंगामा और नारेबाजी करने लेगे। इसके जवाब में एनडीए सांसदों ने मेज थपथपाकर अभिभाषण का समर्थन किया। विपक्षी सांसद इस दौरान वापस लो, वापस लो, ये कानून वापस लो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि, कुछ मिनटों तक नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सांसद शांत हो गए और राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी रहा।

11:46 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा-लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ पहुंची

राष्ट्रपति ने कहा, ‘मेरी सरकार में देश में लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ पहुच गई है। यह बताती है कि मेरी सरकार महिलाओं के विकास के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।’ उन्होंने कहा कि मेरी सरकार में सितंबर में चलाए गए स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान में 7 करोड़ महिलाओं की जांच की गई है। इस योजना ने महिलाओं की त्वरित इलाज में मदद की। एनडीए में पहला महिला कैंडिडेट पास हुआ है। इससे विश्वास हुआ कि देश के विकास में महिला शक्ति सबसे आगे खड़ी है। माओवादियों के सरेंडर से लाखों जीवन सुरक्षा लौटी है। बीजापुर के एक गांव में 26 साल बाद पहुंची तो लोगों ने खुशी मनाई। बस्तर ओलंपिक में युवा बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

11:43 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा, पिछले 11 साल में भारत की नींव मजबूत हुई 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।’

11:40 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति ने कहा- पूर्वजों के योगदान को याद करने से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है

राष्ट्रपति ने कहा, ‘देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आदिवासी समुदाय के लिए उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत किया। पूरा देश इस बात का गवाह बना कि कैसे भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जो विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज करती है।’

11:38 AM28 जनवरी 2026

बजट सत्र में हंगामा होने के आसार

संसद का बजट सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष ने पिछले दो सत्रों (मानसून और शीतकालीन) में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा और MGNREGA स्कीम की जगह आए VB-G RAM G कानून का विरोध करते हुए हंगामा किया था।

सूत्रों के मुताबिक विपक्ष इस सेशन में भी SIR, VB-G RAM G कानून समेत भारत पर US द्वारा लगाए गए टैरिफ, फॉरेन पॉलिसी, एयर पॉल्यूशन का मुद्दा, इकोनॉमी, टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर बैन जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगा।

बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव

लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं।

27 जनवरी- ऑल पार्टी मीटिंग हुई

बजट सत्र से पहले ऑल पार्टी मीटिंग हुई। इसमें विपक्ष ने VB-G RAM G एक्ट और SIR पर चर्चा की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन मुद्दों पर दोनों सदनों में पहले ही बहस हो चुकी है और कानून पास होने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता।

विपक्ष ने सरकारी कार्यसूची जारी न होने पर आपत्ति भी जताई, जिस पर सरकार ने सही समय पर जारी करने का भरोसा दिया।

11:37 AM28 जनवरी 2026

ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष की मांग

  • भारत यूरोपियन संघ के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा हो।
  • ओडिशा में संकट में फंसे किसान और बीजेपी शासित राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा हो।
  • 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया बैन पर बिल लाया जाए।
11:37 AM28 जनवरी 2026

31 जनवरी 2025: राष्ट्रपति का अभिभाषण, सोनिया ने बेचारी कहा

बजट सेशन में अभिभाषण से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सांसदों से मिलने के दौरान सोनिया गांधी से भी मिली थीं।

पिछले बजट सत्र 2025-26 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया था। उनके भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू के लिए बेचारी शब्द इस्तेमाल किया। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राष्ट्रपति के लिए ऐसे बयान गरीबों और आदिवासियों का अपमान है। वहीं भाजपा ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया था और माफी की मांग की थी। हालांकि प्रियंका ने बचाव करते हुए कहा था- ‘मेरी मां 78 साल की बुजुर्ग महिला हैं, उन्होंने बस इतना कहा कि ‘राष्ट्रपति ने इतना लंबा भाषण पढ़ा होगा, वह थक गई होंगी, बेचारी।’

11:36 AM28 जनवरी 2026

राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़े फैक्ट्स समझिए

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