बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक:35+ पार्टियों के सांसद शामिल, सरकार का VB-G RAM-G कानून पर चर्चा से इनकार; 28 जनवरी से शुरू होगा सेशन
संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने विधायी और अन्य एजेंडों पर चर्चा करने के लिए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में 35+ पार्टियों के सांसद शामिल हुए। इस दौरान बजट सत्र को सकारात्मक और सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा हुई।
बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होगा। इस दिन रविवार है।
ऑल पार्टी मीटिंग के बाद किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विधायी एजेंडा शेयर नहीं करने के आरोप पर कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार अपना एजेंडा शेयर करती है। विपक्ष को बोलने की आजादी है, लेकिन सुनना भी जरूरी है। उन्होंने मनरेगा की जगह लाए गए VB-G RAM-G कानून पर चर्चा की मांग खारिज कर दी।
मीटिंग के बाद विपक्षी सांसदों की प्रतिक्रिया-
- शिवसेना (UBT) MP अरविंद सावंत- सभी ने अपने-अपने राज्यों के हिसाब से अपनी मांगें रखी हैं। प्रदूषण, SIR, बढ़ती बेरोजगारी जैसे कई मुद्दे हैं और भी बहुत कुछ।
- समाजवादी पार्टी MP राम गोपाल यादव- इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिलने वाला है। बजट उन्हीं के लिए है जिनके पास संपत्ति है।
- AAP MP संजय सिंह- मैंने यह बात उठाई कि सरकार फॉरेन पॉलिसी पर पूरी तरह फेल रही है, चाहे वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार हों या US द्वारा लगातार प्रधानमंत्री को बेइज्जत करने का मामला हो। इन सभी मुद्दों पर चुप्पी देश में चिंता पैदा कर रही है। मैंने शंकराचार्य का मुद्दा भी उठाया, कैसे प्रयागराज में उनका अपमान किया गया। मैंने SIR का मुद्दा भी उठाया, और SIR के नाम पर कितने वोट डिलीट किए गए।
ऑल पार्टी मीटिंग की तस्वीरें…
ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष की मांग
- भारत यूरोपियन संघ के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा हो।
- ओडिशा में संकट में फंसे किसान और बीजेपी शासित राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा हो।
- 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया बैन पर बिल लाया जाए।
बजट सत्र के दौरान इन बिलों पर हो सकती है चर्चा
लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं।
बजट सत्र से जुड़े नॉलेज फैक्ट
- 2026-27 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। वित्त मंत्री 7.4% विकास दर और अनिश्चित जियो पॉलिटिक्स के बीच 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करने वाली हैं। यह मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट होगा।
- बजट सत्र के दौरान लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अस्थायी रूप से तीन दिन (2 से 4 फरवरी) तय हैं। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।
- बजट सत्र का 2 अप्रैल तक चलेगा। इस अवधि में इंटरसेशन ब्रेक भी होगा। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक निर्धारित है, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र में 30 बैठकें होंगी।
कांग्रेस ने भी बुलाई स्ट्रैटजी ग्रुप की मीटिंग
सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस ने भी बजट सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए संसदीय दल के स्ट्रैटजी ग्रुप की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग मंगलवार को CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी के घर पर होगी।कांग्रेस MP मणिकम टैगोर ने कहा कि मीटिंग में वोट चोरी, SIR, किसानों के धान की खरीद, MGNREGA को वापस लाना, इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।
SBI का दावा- बजट में 2027 के लिए सरकार का कैपेक्स 12 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा संभावित
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च (वित्तीय वर्ष) FY-27 में 12 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद है, जो सालाना आधार पर लगभग 10% की बढ़ोतरी दर्ज करेगा।
रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला है कि बजट अनुमानों के अनुसार कुल पूंजीगत खर्च FY-16 में 2.5 लाख करोड़ से बढ़कर FY-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपए हो गया।
