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हरिद्वार में अमित शाह-रामदेव ने एक-दूसरे के पैर छुए:CM धामी संग हॉस्पिटल का उद्घाटन किया; प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी हिरासत में

हरिद्वार में अमित शाह-रामदेव ने एक-दूसरे के पैर छुए:CM धामी संग हॉस्पिटल का उद्घाटन किया; प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी हिरासत में

हरिद्वार1 घंटे पहले
रामदेव बाबा और अमित शाह ने एक-दूसरे के पैर छुए। आचार्य बालकृष्ण भी शाह के पैर छूते दिखे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2 दिन के दौरे पर गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे। यहां हरिद्वार में अमित शाह और रामदेव बाबा ने एक-दूसरे के पैर छुए। पतंजलि के डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने भी शाह के पैर छुए।

इससे पहले शाह और सीएम पुष्कर सिंह धामी महर्षि दयानंद ग्राम स्थित पतंजलि योगपीठ परिसर पहुंचे। यहां पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।

इसके बाद शाह ने कनखल में मां भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष समारोह- 2026 में हिस्सा लिया। इसके बाद अमित शाह निरंजनी अखाड़ा पहुंचे।

हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर संतों का आशीर्वाद लिया और मां गंगा को प्रणाम किया। अखाड़े ने उन्हें मां गंगा और हनुमान जी की पीतल प्रतिमाएं भेंट कीं। बुधवार को अमित शाह ऋषिकेश में गीता प्रेस के कार्यक्रम में पहुंचे थे।

2 तस्वीरें देखिए

पतंजलि योगपीठ के गेट पर बाबा रामदेव गृहमंत्री अमित शाह की अगवानी करने पहुंचे। इस दौरान कार से उतरते ही अमित शाह और रामदेव ने एक-दूसरे के पैर छुए।
हनुमान मंदिर में अमित शाह ने पूजा की।

यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरी यूथ कांग्रेस का गुरुवार को अमित शाह को काले झंडे दिखाने का प्लान था। कार्यकर्ता हाथ में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर आकर बैठ गए थे। लेकिन, पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें घसीटकर गाड़ियों में ठूंसा।

पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सड़क पर घसीटा।
कार्यकर्ताओं को गाड़ियों में ठूंसती पुलिस। इस दौरान कांग्रेसी नारेबाजी करते रहे।

अमित शाह की कही 4 बड़ी बातें…

  • 2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- आजादी के 75 से 100 सालों की यह यात्रा विकसित भारत की ओर है। पीएम मोदी ने 15 अगस्त, 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में विश्व में प्रथम बनाने का संकल्प देश को दिया है।
  • 140 करोड़ लोगों की एकजुटता ही सबसे बड़ी शक्ति एक व्यक्ति का एक कदम सीमित होता है। लेकिन जब 140 करोड़ लोग एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ जाता है। यही सामूहिक चेतना राष्ट्र निर्माण की असली ताकत है।
अमित शाह ने हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। सीएम धामी भी साथ रहे।
  • गायत्री परिवार की राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका विकसित भारत का यह संकल्प समाजसेवी और आध्यात्मिक संस्थाओं के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का सिद्धांत “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण” आज भी उतना ही प्रासंगिक है। गायत्री परिवार इस संकल्प का मजबूत आधार है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत माता की आराधना ही राष्ट्र चेतना का सर्वोच्च रूप है। गायत्री मंत्र से उत्पन्न सद्वृत्तियों और चेतना को भारत ही नहीं, बल्कि समग्र विश्व के कल्याण में लगाना चाहिए।
  • पिछले 10 वर्षों में सांस्कृतिक पुनर्जागरण बीते एक दशक में देश ने ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं…
  • अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण
  • काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का पुनर्निर्माण
  • सोमनाथ मंदिर का वैभव लौटना
  • धारा 370 की समाप्ति
  • देश का कॉमन सिविल कोड (UCC) की दिशा में बढ़ना

शाह बोले- हरिद्वार कुंभ की भूमि है शाह ने कहा कि आज भारत अपनी संस्कृति, धर्म और विरासत पर गर्व के साथ खड़ा है। गायत्री परिवार के आंदोलन के तहत 15 करोड़ से ज्यादा लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ की भूमि है, सप्तऋषियों की तपस्या की भूमि है। जहां अनगिनत संतों ने न केवल स्वयं की आत्मा को, बल्कि करोड़ों लोगों की आत्माओं को भी जागृत किया है।

कहा- आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम अमित शाह ने कहा कि यह स्थल आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम है। पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्ति-निर्माण का मार्ग चुना। ज अखंड ज्योति सम्मेलन में आकर मैं सही अर्थों में अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूं।

उत्तराखंड में कदम रखते ही हजारों सालों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। इसी भूमि पर पंडित श्रीराम शर्मा और वंदनीय माता जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत करने का महान कार्य किया। गायत्री मंत्र ने एक तरह से आध्यात्मिक जीवन को पुनर्जीवित किया।

सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थीं। महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करने की अनुमति नहीं थी। इसका कोई ठोस कारण भी नहीं बताया जाता था। पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़ने का साहसिक कार्य किया।

उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र की शक्ति के माध्यम से जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया गया। इसके बाद अमित शाह दिल्ली के लिए लौट गए।

सीएम सिंह धामी की कही 5 बड़ी बातें…

सीएम धामी शताब्दी समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए।
  1. गायत्री परिवार और महापुरुषों को नमन सीएम धामी ने अखंड ज्योति के शताब्दी वर्ष, पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की साधना के 100 साल और माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी को सनातन संस्कृति के लिए ऐतिहासिक बताया और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
  2. गायत्री परिवार को विचार-क्रांति का वैश्विक आंदोलन बताया उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार बीते 100 वर्षों से सनातन संस्कृति, भारतीय दर्शन और मानवीय मूल्यों का विश्वभर में प्रसार करते हुए एक व्यापक सामाजिक-आध्यात्मिक जनआंदोलन बन चुका है।
  3. अमित शाह के नेतृत्व और संगठन कौशल की सराहना सीएम धामी ने गृह मंत्री अमित शाह को संकल्प, समर्पण और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके संगठन कौशल से भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है।
  4. 2014 के बाद बदली देश की कार्य-संस्कृति का उल्लेख उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई कार्य-संस्कृति आई है। भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’, आतंकवाद-नक्सलवाद पर सख्ती और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस प्रगति।
  5. उत्तराखंड को ‘आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने का संकल्प सीएम धामी ने दोहराया कि केंद्र के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में पुनर्स्थापित करने के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ लगातार कार्य कर रही है।

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