Headlines

600KG सोना दान करने वाली दरभंगा महारानी का भोज:ब्राह्मणों को चांदी के बर्तन, AC-कूलर, फ्रिज-वॉशिंग मशीन का दान; 1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम

LIVE

600KG सोना दान करने वाली दरभंगा महारानी का भोज:ब्राह्मणों को चांदी के बर्तन, AC-कूलर, फ्रिज-वॉशिंग मशीन का दान; 1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम

दरभंगा35 मिनट पहले

दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की बाहरवीं पर आज गुरुवार को महाभोज हो रहा है। इसमें ब्राह्मणों को चांदी की थाली, ग्लास, कटोरी, चम्मच और बिस्किट दान में दिए जा रहे हैं। साथ ही AC-कूलर, फ्रिज-वॉशिंग मशीन जैसी चीजें भी दान में दी गईं हैं।

श्राद्ध भोज में 1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम किया गया है। बाल्टियों में दही, टब में गुलाब जामुन भरकर तैयार हैं। करीब 5 लाख मिठाइयां बनाई गई हैं।

इस भोज में देश के कई राजघरानों के लोग शामिल हो रहे हैं। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ साधु-संत भी इसमें शामिल हुए।

56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन, 10-12 तरह की मिठाइयां और राजसी खान-पान की व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, करीब 3,000 तरह के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं।

भोज के लिए करीब 300 कारीगरों की टीम बुलाई गई है। बुधवार को 50 हजार लोगों को भोज दिया गया था।

अब महाभोज की तस्वीरें देखिए…

भोज स्थल में श्रद्धांजलि देने के लिए रखी गई अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की फोटो।
ब्राह्मणों को चांदी की थाली, ग्लास, कटोरी, चम्मच और बिस्किट दान में दिए गए।
1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम किया जा रहा है।
भोज के लिए दही की बल्टियां मंगवाई गईं हैं।
राज्यपाल के आने को लेकर सुरक्षा सख्त रही।
5 लाख रसगुल्ले-गुलाब जामुन बनाए गए हैं।
भोज के लिए 300 कारीगारों की टीम को बुलाया गया है।

12 जनवरी को अंतिम महारानी का हुआ निधन

दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी का 12 जनवरी को निधन हो गया था। वे कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। 96 साल की उम्र में राज परिवार के कल्याणी निवास में अंतिम सांस लीं।

युवराज कपिलेश्वर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा, ‘महारानी का जाना हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। कड़ी सुरक्षा के बीच महारानी का अंतिम संस्कार दरभंगा राज परिसर में पारंपरिक विधि-विधान से किया गया।

बता दे कि कामेश्वर नगर स्थित मधेश्वरनाथ परिसर में राज परिवार के सभी महाराज-महारानी का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। पूरे में परिसर में जितने भी महाराजाओं की चिता है सभी पर कोई ना कोई मंदिर बना है। पूरे परिसर में 9 मंदिर बनाए गए हैं।

श्राद्ध भोज से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

अपडेट्स

35 मिनट पहले

राजकुमार अपने पूरे परिवार के साथ कर्म स्थल पर पहुंचे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024