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45 साल के नितिन नबीन भाजपा अध्यक्ष, फोकस बंगाल-तमिलनाडु पर:कहा- साधारण कार्यकर्ता को असाधारण सम्मान मिला; मोदी बोले- अब वे मेरे बॉस

45 साल के नितिन नबीन भाजपा अध्यक्ष, फोकस बंगाल-तमिलनाडु पर:कहा- साधारण कार्यकर्ता को असाधारण सम्मान मिला; मोदी बोले- अब वे मेरे बॉस

नई दिल्ली1 घंटे पहले
भाजपा मुख्यालय में मंगलवार को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान किया गया।

नितिन नबीन मंगलवार को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का ऐलान किया गया। वे 14 दिसंबर 2025 को कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। सोमवार को फुल टाइम अध्यक्ष पद के लिए इकलौता नामांकन आने पर वे निर्विरोध चुने गए।

कार्यक्रम में PM मोदी ने उन्हें माला पहनाई, फिर 55 मिनट के भाषण में कहा, ‘मैं BJP का कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि नितिनजी मेरे बॉस हैं। अब वे मेरे काम का आकलन करेंगे।’

बतौर अध्यक्ष नितिन नबीन ने पहले भाषण में कहा, ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है।’

नबीन के पदग्रहण करने की 4 तस्वीरें…

भाजपा मुख्यालय में नितिन ने पीएम मोदी से मुलाकात की।
चुनाव प्रभारी ने नितिन को भाजपा अध्यक्ष का आधिकारिक निर्वाचन पत्र दिया।
पीएम मोदी ने माला पहनाकर नितिन नबीन का स्वागत किया।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, पीएम मोदी और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा।

नबीन ने 20 मिनट का भाषण दिया, कहा- हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा

  • पीएम की तारीफ की: ‘हमने कार्यकर्ता के तौर पर पीएम मोदी के देशसेवा के काम करते हुए देखा। आपको देख कर ही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है,वहीं बड़ा शख्स बनता है। आपने कहा था कि हम जो विकास का काम करते हैं। लोग हमसे उम्मीद करते हैं। हमसे जुड़ते हैं।’
  • भाजपा के नारों का जिक्र किया: ‘भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है, एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा, जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा। जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते हुए देखते हैं, तो गर्व की अनुभूति होती है।
  • सबसे पहले राष्ट्र: जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति हुई, तो कश्मीर की फिजा बदली। हम ‘राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में, और खुद सबसे आखिर में’ के आदर्श पर काम करते हैं। हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है। हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा।

मोदी की स्पीच में 5 बड़ी बातें, कहा- जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही आगे बढ़ेगा

  • कांग्रेस अपने पतन की जिम्मेदार: ‘आज देश को याद भी नहीं होगा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं और देश ने कांग्रेस को करीब-करीब 50% वोट दिया था, लेकिन आज कांग्रेस 100 सीटों के लिए तरस गई है। कांग्रेस अपने इस घनघोर पतन की कभी समीक्षा नहीं करती, क्योंकि अगर समीक्षा करेंगे और पतन के कारणों पर जाएंगे तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे, जिस परिवार ने कांग्रेस पर कब्जा कर रखा है। और इसलिए बहाने ढूंढते रहते हैं। पतन का सही कारण ढूंढने की हिम्मत तक खो चुके हैं। जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश में आगे बढ़ेगा।’
  • घुसपैठियों को देश लूटने नहीं देगा: ‘आज देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठियों की है। दुनिया के समर्थ देश भी अपने देश में घुसपैठियों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उनको पकड़-पकड़ कर निकाल रहे हैं। दुनिया में कोई अपने देश में घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करता, भारत भी घुसपैठियों को अपने गरीबों, युवाओं के हक लूटने नहीं दे सकता। घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, उनकी पहचान करके उन्हें वापस उनके देश भेजना बहुत जरूरी है। इसके अलावा ऐसे राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से जनता के सामने बेनकाब करना होगा।’
  • महाराष्ट्र नतीजों ने बताया भाजपा पहली पसंद: ‘भाजपा सिर्फ संसद और विधानसभा की ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी पहली पसंद है। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र है। भाजपा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। कुल 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है। कुल जितने पार्षद जीते हैं, उनमें से 50% भाजपा के हैं। ऐसे ही केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। ऐसे ही तिरुवनंतपुरम की जनता ने मेयर चुनाव में 45 साल बाद लेफ्ट से सत्ता छीनी और भाजपा पर भरोसा किया।’
  • पिछले डेढ़ साल में जीते 4 राज्यों में चुनाव: ‘बीते डेढ़-दो वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। विधानसभा हो या स्थानीय निकाय, भाजपा की स्ट्राइक रेट अभूतपूर्व रही है। इस दौरान देश में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, इनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते हैं।’
  • भाजपा की परंपरा मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप अहम: ‘भाजपा एक संस्कार है। भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है। हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती।’

नड्डा 10 मिनट बोले, कहा- पार्टी में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी

  • नितिन पर भरोसा: ‘नबीन की लीडरशिप में पार्टी नई राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाएगी। उन क्षेत्रों में भी कमल खिलेगा जहां अब तक भाजपा को सफलता नहीं मिली है, जैसे बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम और केरल।’
  • कार्यकर्ता को संदेश: भाजपा में कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत है। संगठन में मेहनत करने वाला हर व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।
  • पार्टी विस्तार पर जोर: भाजपा का लक्ष्य उन राज्यों में भी मजबूती से आगे बढ़ना है जहां अब तक पार्टी कमजोर रही है, जैसे तमिलनाडु, बंगाल, केरल आदि।
  • मोदी की सराहना: पार्टी पीएम मोदी के विकास और सुशासन की सोच को आगे बढ़ा रही है।
  • संगठनात्मक अनुशासन और एकता: कार्यकर्ताओं को अनुशासन, एकजुटता और समर्पण के साथ काम करना होगा, ताकि पार्टी के लक्ष्य पूरे किए जा सकें।

19 जनवरी को नामांकन भरा, निर्विरोध चुने गए

नितिन नबीन की ओर से कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे।

इससे पहले 19 जनवरी को दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ था। नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सभी वैध पाए गए। पढ़ें पूरी खबर…

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