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कर्नाटक में राहुल के स्वागत पर विवाद:CM-उपमुख्यमंत्री एयरपोर्ट पहुंचे, जर्मन चांसलर के वेलकम में मंत्री गए; BJP बोली- हाईकमान को खुश करना उनकी प्राथमिकता

कर्नाटक में राहुल के स्वागत पर विवाद:CM-उपमुख्यमंत्री एयरपोर्ट पहुंचे, जर्मन चांसलर के वेलकम में मंत्री गए; BJP बोली- हाईकमान को खुश करना उनकी प्राथमिकता

बेंगलुरु7 घंटे पहले

कर्नाटक में एक ही दिन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के पहुंचने के बाद उनके स्वागत को लेकर विवाद खड़ा गया है। भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर राज्य की ग्लोबल प्रतिष्ठा से ज्यादा अपने हाईकमान को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।

दरअसल, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पिछले कुछ दिनों से भारत दौर पर हैं। वे मंगलवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। वहां उनका स्वागत कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल और सीनियर अधिकारियों ने किया।

दूसरी तरफ, राहुल तमिलनाडु जाते समय मैसुरु एयरपोर्ट पर थोड़ी देर रुके। वहां उनके स्वागत के लिए CM सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पहुंचे थे। भाजपा ने इस पर आपत्ति जताई। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंगलवार को इस मुद्दे को रखा।

भाजपा नेता बोले- यह पूरे राज्य का अपमान है

आर अशोक ने जर्मन चांसलर और राहुल गांधी के अलग-अलग एयरपोर्ट पर स्वागत की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा- ‘मिसप्लेस्ड प्रायोरिटी, मिस्ड ऑपर्च्युनिटी’। आर अशोक ने आगे लिखा-

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आज जर्मनी के फेडरल चांसलर ने कर्नाटक का दौरा किया। यह हमारे राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राजनयिक, आर्थिक और रणनीतिक क्षण है। कोई भी अन्य जिम्मेदार मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करता कि ऐसे दौरे को वैसी गंभीरता दी जाए जिसके वह हकदार है। यह कर्नाटक के लिए निवेश, उद्योग, रोजगार और दीर्घकालिक विकास के एक अवसर है। लेकिन आज की स्थिति देखिए। जर्मन चांसलर के बेंगलुरु में उतरने के बावजूद, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मैसूरु में राहुल गांधी के स्वागत को तवज्जो दी, जो केवल ऊटी के लिए ट्रांजिट में थे। जर्मनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। वहां के राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत करना जरूरी नहीं समझा गया। राज्य की ग्लोबल प्रतिष्ठा से ज्यादा राजनीतिक वफादारी और हाईकमान को खुश करने को प्राथमिकता दी गई। यह राज्य का अपमान है।

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जर्मन चांसलर अहमदाबाद में PM मोदी से मिले

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12–13 जनवरी को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आए। यह चांसलर बनने के बाद उनकी भारत और एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा थी। दौरे का उद्देश्य भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था।

दौरे के पहले दिन चांसलर मर्ज ने अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

दूसरे दिन चांसलर मर्ज बेंगलुरु पहुंचे, जहां उन्होंने उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और जर्मन कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान भारत में निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर जोर दिया गया। भारत और जर्मनी ने रक्षा, ऊर्जा, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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