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अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना-NCP और निर्दलीय साथ आए:गठबंधन में अब बहुमत से ज्यादा पार्षद; BJP को सत्ता से दूर रखना मकसद

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में अंबरनाथ नगर परिषद की सत्ता को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की NCP ने एक निर्दलीय पार्षद के साथ मिलकर नया गुट बनाया है।

शिवसेना के एक सीनियर स्थानीय नेता ने इस राजनीतिक गठजोड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि शिवसेना, NCP और निर्दलीय पार्षद ने मिलकर नगर परिषद में सत्ता पर दावा ठोकने के लिए यह कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि इस नए गुट के गठन की जानकारी जिला प्रशासन को लिखित रूप में दे दी गई है। इस गठबंधन का मकसद BJP को नगर परिषद की सत्ता से दूर रखना बताया जा रहा है।

शिवसेना-एनसीपी और निर्दलीय पार्षद के इस गठबंधन के बाद गुट में पार्षदों की संख्या 32 हो जाएगी। वहीं भाजपा के 26 (कांग्रेस से बीजेपी में आए 12 पार्षदों को मिलाकर) और एक निर्दलीय पार्षद के साथ इनकी संख्या 27 रह गई है।

पहले BJP-कांग्रेस और NCP ने गठबंधन किया था

20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद BJP की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी (AVA)’ बनाई थी और शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया था, जबकि शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद में AVA के पास 31 सीटें हैं।

चुनाव में शिवसेना को 27, BJP को 14, कांग्रेस को 12 और NCP को 4 सीटें मिली थीं, जबकि 3 निर्दलीय पार्षद चुने गए थे। एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से AVA की ताकत 31 हो गई थी और परिषद अध्यक्ष BJP से हैं। इस गठबंधन से नाराज कांग्रेस ने बाद में इन पार्षदों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद ये सभी पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए थे।

अंबरनाथ नगर परिषद में सभी सस्पेंड कांग्रेस पार्षद बुधवार रात बीजेपी में शामिल हो गए।

शिवसेना और NCP, दोनों ही राज्य में BJP के साथ महायुति सरकार का हिस्सा हैं। शिवसेना नेता ने कहा कि इस नए गठबंधन से BJP की वह रणनीति विफल हो जाएगी, जिसके तहत सस्पेंड कांग्रेस पार्षदों के सहारे नगर परिषद पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही थी। NCP के एक स्थानीय नेता ने भी इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।

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