मुस्लिम लड़के से शादी की,7 दिन साथ रहकर घर लौटी:घर वालों ने मंदिर में पढ़वाई हनुमान चालीसा;लड़की बोली- दूसरे धर्म में शादी करना ठीक नहीं
मुंगेर में हिन्दू लड़की ने घर से भागकर अपने प्रेमी नियाजुल से 30 दिसंबर को शादी की। मांग में सिंदूर लगाकर लड़की ने अपने प्रेमी के साथ वीडियो जारी किया। वीडियो में कहा- ‘मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। ये लव जिहाद नहीं। नियाजुल अब मेरा पति है।’
अब शादी के 7 दिन बाद लड़की का कहना है कि ‘मुझे मुस्लिम लड़के के साथ नहीं रहना है।’ लड़की मंगलवार को कोर्ट पहुंची और वहां कहा कि मैं अपने परिवार वालों के साथ रहना चाहती हूं। इस बाद घर वाले लड़की को लेकर महावीर मंदिर पहुंचे।
यहां लड़की को स्नान कराया गया फिर गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद उसने हनुमान चालीसा पढ़ी और मैसेज दिया कि अपना धर्म ही अच्छा है। दूसरे धर्म में शादी करना ठीक नहीं है।
अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी की पूरी कहानी…
मुंगेर में हिंदू लड़की मंशा ने मुस्लिम युवक नियाजुल से शादी कर ली थी। लड़की ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया था कि उसने 30 दिसंबर को दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में नियाजुल से अपनी मर्जी से शादी की है।
वीडियो में लड़की बोल रही थी कि मुझे कोई जबरदस्ती नहीं लाया है। मैं खुद नियाजुल के साथ घर से भागी थी। मैं पुलिस प्रशासन से अपील करती हूं कि मुझे और उनके परिवार को परेशान ना किया जाए।
लड़की ने वीडियो में नियाजुल का चेहरा भी दिखाया और बताया कि वे दोनों ने गवाहों की मौजूदगी में शादी की है। लड़की सफियाबाद थाना की रहने वाली है।
पिता ने 7 लोगों पर दर्ज कराई थी FIR
इस मामले में मंसा के पिता ने सफियासराय थाने में 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पिता ने अपने आवेदन में बताया कि 29 दिसंबर की सुबह उनकी बेटी रोजाना की तरह प्रैक्टिकल क्लास के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
काफी खोजबीन के बाद उन्हें पता चला कि गांव के पठानटोली निवासी नियाज उल हक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पिता ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने नियाजुल के घरवालों से संपर्क किया, तो उन्होंने दो दिन का समय मांगा। दो दिन बाद जब वे फिर बेटी की बरामदगी के लिए उनके घर पहुंचे, तो उन्हें गाली-गलौज कर भगा दिया गया।
पिता की शिकायत पर मोहम्मद नियाजुल हक, महफूज आलम उर्फ गुडलक, शमीना खातून, रानी खातून, शमशाद खान, निराली खातून और आफताब उर्फ अहिल खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मां बोली- फ्रिज में नहीं बल्कि सही सलामत चाहिए बेटी
घटना के बाद मंशा की मां ने कहा था कि मेरी बेटी को एक मुस्लिम लड़के ने माइंड वाश कर भाग ले गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,सम्राट चौधरी,विजय सिन्हा और एसपी सैयद इमरान मसूद से अपील करते हुए कहा है कि हम लोग हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हैं, किसी भी कीमत पर मुस्लिम समाज से आने वाले युवक को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुझे मेरी बेटी फ्रिज और कुकर में नहीं बल्कि सही सलामत चाहिए।
हिंदू संगठनों के दबाव में लड़की दिल्ली से मुंगेर आई
लड़की के परिवार ने हिंदू संगठनों से भी मदद मांगी थी। विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री प्राण नाथ भारत ने बताया कि बीते 29 दिसंबर को हिन्दू समाज की एक लड़की मुस्लिम लड़के के साथ चली गई थी। जब संगठन को इस बात की जानकारी हुई तभी हमलोग लड़की के परिवार वालों से संपर्क किया।
पहले थाने में केस फाइल नहीं किया जा रहा था, लेकिन जब हम लोग परिवार के साथ हुए तब थाना में केस लिया गया। इसके बाद पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई में जुट गई, जिसका परिणाम हुआ कि प्रेशर-दबाव बनाने पर मंगलवार यानी 6 जनवरी को लड़की वापस आ गई।
उन्होंने कहा कि इस घटना में समाज के लोग, पुलिस के साथ सभी लोगों का सहयोग रहा। वहीं उन्होंने एक अपील करते हुए कहा कि हिन्दू महिलाएं भटकाव में नहीं आएं अपने धर्म में ही शादी करें। उन्होंने कहा कि आरोपी लड़का अबतक फरार है। जिसपर पुलिस जल्द कार्रवाई करे।
पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, कोर्ट ने परिवार को सौंपी लड़की
मंशा 6 जनवरी को अपने एक रिश्तेदार के साथ मुंगेर कोर्ट पहुंची थी। पुलिस ने कोर्ट में मंशा का बयान दर्ज कराया। इसके बाद कोर्ट ने मंशा को परिवार वालों को सौंप दिया। घर आने के बाद हिंदू संगठनों ने लड़की के शुद्धिकरण का फैसला लिया।
हिंदू संगठनों ने कहा कि लड़की 7 दिन मुस्लिम लड़के के साथ रहकर आई है। ऐसे में शुद्धिकरण जरूरी है। इसके बाद लड़की से हनुमान मंदिर में पूजा करवाई गई। प्रसाद चढ़ाया और सुंदरकांड का पाठ किया। उसके बाद लड़की के घर वाले उसे अपने साथ ले गए।
मंदिर में शुद्धिकरण की 3 तस्वीरें देखिए…
लड़की बोली- पिता से बात कर के लगा कि मैंने गलती कर दी
मंशा ने बताया कि, मैंने नियाजुल से हिन्दी रीति रिवाज से शादी की थी। हम लोगों ने मुंगेर में कोर्ट मैरिज की थी। उसके बाद दिल्ली चले गए। वहां आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में हम दोनों ने शादी को रजिस्टर करवाया।
जब माता पिता से फोन पर बातचीत तो लगा कि मुझे घर लौट जाना चाहिए। उसके बाद मैं दिल्ली से वापस आपने घर आ गई। मंशा का कहना है कि, अपने धर्म में शादी करना ही अच्छा होता है। दूसरे धर्म को नहीं अपनाना चाहिए।
मां ने बेटी को सपना समझकर भूल जाने को कहा
लड़की की मां ने कहा कि, मेरी बेटी अब हमारे साथ ही रहना चाहती है, इसलिए वो दिल्ली से वापस लौट आई है। हमारी बेटी हमारे साथ है इससे हम बहुत खुश हैं।
मंदिर में पूजा पाठ कराया गया उसके बाद हम लोग बेटी को घर लेकर गए। वहीं बेटी से उन्होंने कहा कि इस घटना को एक सपना समझकर भूल जाए।
