दत्तात्रेय होसबाले बोले- मुस्लिम भी नदी-वृक्ष की पूजा करें:गोरखपुर में हिंदू सम्मेलन में RSS के सरकार्यवाह ने कहा- सूर्य नमस्कार से उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बुधवार को गोरखपुर में कहा- मुस्लिम भाई भी पर्यावरण की दृष्टि से अगर नदी की पूजा करें, सूर्य नमस्कार करें तो उनका क्या बिगड़ जाएगा। उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
हिंदू धर्म की तरह अगर आप नदी, धरती, वृक्ष की पूजा करेंगे तो ऐसा नहीं है कि आपको (मुस्लिमों) ईदगाह या मस्जिद जाने से रोक दिया जएगा। हमारा हिंदू धर्म सबसे ऊपर है। यही धर्म सबकी बात करता है।
होसबाले ने सऊदी अरब और रुस का उदाहरण दिया। कहा, सऊदी अरब में मुसलमान भाइयों ने जमीन देकर मंदिर बनवाया है। रूस में चर्च के लोगों ने मंदिर बनवाने के लिए जगह दी है। हमको भी यह समझाना होगा।
अंग्रेजों ने यहां फूट डालो, राज करो की राजनीति की। अब हमारे एकजुट होने का समय आ गया है। हिंदू जागेगा तो विश्व जागेगा। मानव का विश्वास जागेगा। दत्तात्रेय होसबाले गोरखपुर में खोराबार स्थित खेल मैदान में हिंदू सम्मेलन में बोल रहे थे।
हमें बच्चों को हनुमान चालीसा, गीता सिखाने की जरूरत दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, हम लोगों को विश्व गुरु बनना है। अगर हम ही गिरे हुए हैं तो हम दूसरे गिरे हुए आदमी को कैसे खड़ा करेंगे? हम जब खड़े होते हैं, तभी हम गिरे हुए आदमी को उठा सकते हैं।
आज दुनिया जल संकट और युद्ध के संकट से घिर रही है। दुनिया अगर पाप करती है तो हिंदू समाज के लोगों को क्या करना है? हमें धर्म के आधार पर पाप करने से बचना चाहिए।
हमारे परिवार बच्चों को हैप्पी बर्थडे टू यू कहने वाले हो गए हैं। हमें अपने बच्चों को दीप जलाकर जीवन में दीप की तरह प्रकाश फैलाना सिखाना चाहिए। न कि मोमबत्ती बुझाना सिखाना है। हमारा बच्चा अंग्रेजी में बोल दे तो हम खुश हो जाते हैं। मगर, हमारे बच्चे को संस्कृत का एक श्लोक नहीं आता है। हम सबको यह सोचना चाहिए कि हमारे बच्चे को हनुमान चालीसा, गीता का पाठ सिखाने की जरूरत है।
सरकार हिंदू धर्म बचाने का काम कर रही दत्तात्रेय ने कहा, गांव की सफाई करने वाला व्यक्ति अछूत नहीं होता। समाज की सेवा करने वाला व्यक्ति अछूत नहीं बनता। सृष्टि की सेवा करने वाला व्यक्ति अछूत नहीं होता। हिंदू धर्म ने हमें यही सिखाया है। यहां की सरकार हिंदू धर्म बचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
2 देखिए तस्वीरें…
हिंदू धर्म सम्मेलन में गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों से करीब 5 हजार लोग मौजूद रहे। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सोमवार की शाम गोरखपुर पहुंचे थे। मंगलवार को वह गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय, बालापार में आयोजित छात्र शाखा में शामिल हुए। इसके बाद साकेत नगर स्थित एक डॉक्टर के आवास पर पहुंचे। वह दोपहर बाद संत कबीर नगर गए। वहां हिन्दू सम्मेलन को संबोधित किया।
दरअसल, संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस समय हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। गोरक्ष प्रांत में 1900 स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने की योजना है।
बस्ती स्तर पर इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हर हिन्दू परिवार तक पहुंचना है। दत्तात्रेय होसबाले तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे हैं।
हिंदू सम्मेलन की पल-पल अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…..
अपडेट्स
दत्तात्रेय होसबाले ने की भारत माता की आरती
भारत माता की आरती के दौरान दत्तात्रेय होसबाले भाव-विभोर नजर आए। उन्होंने विधिविधान से आरती कर राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- धर्म का पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए
धर्म की व्याख्या करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- धर्म जीवन जीने की कला है। जैसे सड़क पर चलने के लिए नियम होते हैं कि बाईं ओर चलना, लाल बत्ती पर रुकना, मोड़ पर इंडिकेटर देना। चाहे गाड़ी लाखों की हो या करोड़ों की, नियम सबको मानने पड़ते हैं। ठीक उसी तरह धर्म भी है, जिसका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए। यही मानव धर्म है।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- धरती बचाने का संदेश हमारे धार्मिक प्रतीकों में निहित है
उन्होंने कहा-अगर आप नदी, जल या पत्थर की पूजा करते हैं, तो उन्हें पवित्र रखना भी आपकी जिम्मेदारी बनती है। धरती को कैसे बचाना है, इसका संदेश हमारे धार्मिक प्रतीकों में निहित है। शिव के साथ नदी है, कृष्ण के साथ गाय है, गणेश के साथ मूषक, लक्ष्मी के साथ उल्लू और कार्तिकेय के साथ सांप और मोर हैं। हमारे पूर्वजों ने भगवान की पूजा के साथ-साथ जानवरों की भी पूजा की। इससे यही शिक्षा मिलती है कि ईश्वर के साथ प्रकृति और जीव-जंतुओं का सम्मान करना ही धर्म है।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- हमारे पूर्वजों ने दुनिया को योग सिखाया है
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- हमारे पूर्वजों ने दुनिया को योग सिखाया है। किसी भी देश का व्यक्ति योग साधना कर सकता है, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कर सकता है। आज पूरी दुनिया पर्यावरण की बात करती है। “जल बचाओ, जंगल बचाओ, जानवर बचाओ” के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होते हैं, कानून बनते हैं और सरकारी नीतियां तैयार की जाती हैं। लेकिन हमारे पूर्वजों ने यह सब केवल बताया ही नहीं, बल्कि करके भी दिखाया। उन्होंने नदियों की पूजा की और प्रकृति को पवित्र माना।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- पर्यावरण की रक्षा ही असली धर्म है
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- जानवरों की पूजा किसी न किसी रूप में जरूर करें, क्योंकि वे भी पवित्र हैं और उन्हें बचाना चाहिए। पर्यावरण की रक्षा ही असली धर्म है। जंगल बचाओ, जमीन बचाओ, जानवर बचाओ, जल बचाओ। यही धर्म है। धर्म जीवन जीने की कला है और यही हिंदू धर्म की सच्ची पहचान है।
गायक आर्यन बाबू की गानों की झमे लोग
हिंदू सम्मेलन में गायक आर्यन बाबू के गानों पर लोग झूम उठे। उनके गीतों ने मंच और दर्शक दोनों को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया। लोग उनके सुर और लय पर तालियां बजाते और झूमते रहे, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और जोश का माहौल बन गया।
सुप्रिया पाण्डेय बोलीं- आर्यन बाबू का गाना सुनकर अच्छा लगा
हिंदू सम्मेलन में पहुंची सुप्रिया पाण्डेय ने कहा कि आर्यन बाबू का गाना सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने सम्मेलन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि हमें हिंदू सम्मेलन को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही उन्होंने राम मंदिर के निर्माण को प्रोत्साहित करने की बात कही और कहा कि इससे हमारी अगली पीढ़ी को सीख मिलेगी। उनका मानना है कि राम मंदिर के लिए जारी संघर्ष को सही दिशा में आगे बढ़ाना आवश्यक है।
गायक आलोक कुमार के गानों पर झूमे लोग
गायक आलोक कुमार के गानों पर लोग झूम उठे। मंच पर उनके गीतों की गूंज ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
हिंदू सम्मेलन की पल-पल की अपडेट दे रहे रिपोर्टर गणेश पाण्डेय
दीप जलाकर हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ किया
दत्तात्रेय होसबाले ने दीप जलाकर हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने पूजा अर्चना की। इसके बाद दत्तात्रेय होसबाले का मंच पर हिंदू सम्मलेन के अध्यक्ष एसके त्रिपाठी ने सम्मान किया।
दत्तात्रेय होसबाले का 11 पंडितों ने मंत्रों से स्वागत किया
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले कार्यकम स्थल पहुंच चुके हैं। 11 पंडितों ने सांस्कृतिक मंत्रों से उनका स्वागत किया।
