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पुतिन के डिनर में राहुल–खड़गे को न्योता नहीं:शशि थरूर को बुलाया; कांग्रेस बोली- सरकार रोजाना प्रोटोकॉल तोड़ राजनीति कर रही

पुतिन के डिनर में राहुल–खड़गे को न्योता नहीं:शशि थरूर को बुलाया; कांग्रेस बोली- सरकार रोजाना प्रोटोकॉल तोड़ राजनीति कर रही

नई दिल्ली28 मिनट पहले
4 दिसंबर को राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम मोदी नहीं चाहते थे कि मैं विदेशी मेहमानों से मिलूं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार रात डिनर आयोजित किया गया। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को निमंत्रण नहीं दिया गया है। वहीं कांग्रेस के ही सांसद शशि थरूर को बुलाया गया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार रोजाना प्रोटोकॉल तोड़ती है और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं रखती। थरूर के न्योता स्वीकार करने पर रमेश ने कहा,

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अगर हमारे नेता को बुलाया नहीं गया और हमें बुलाया गया, तो हमें अपनी अंतरात्मा से सवाल करना चाहिए। किसे बुलाया है और किसे नहीं, इसमें राजनीति खेली गई है। इसे स्वीकार करना भी सवाल उठाता है।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 23वें भारत-रूस समिट के लिए दो दिन के भारत दौरे पर पहुंचे है। उनका यह दौरा भारत-रूस के बीच रणनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने पर हो रहा है। इससे पहले पुतिन 2021 में भारत आए थे।

थरूर बोले- मैं इस कार्यक्रम में जरूर जाऊंगा

इससे पहले शुक्रवार शाम PTI ने जब राहुल-खड़गे को न्योता न मिलने का सवाल थरूर से किया तो उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता कि निमंत्रण किस आधार पर दिए जाते हैं, लेकिन मैं इस कार्यक्रम में जरूर जाऊंगा। हालांकि, विपक्ष के नेताओं को नहीं बुलाना ठीक बात नहीं है।

राहुल ने कहा था- सरकार नहीं चाहती विपक्षी नेताओं से मुलाकात हो

राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि सरकार, विदेश से आने वाले शीर्ष नेताओं (दिग्निटरीज) से मिलने नहीं देती। उनसे कहती है कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) से न मिलें। इसका कारण सरकार की असुरक्षा है।

राहुल ने कहा था- विपक्ष भारत का प्रतिनिधित्व करता है और उनका दृष्टिकोण जानना भी जरूरी होता है, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि विपक्षी नेताओं की विदेश नेताओं से मुलाकात हो।

सरकार ने राहुल के आरोपों को नकारा

इंडिया टुडे के मुताबिक, राहुल के आरोपों को सरकार ने गलत बताया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि जून 2024 में नेता विपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी कम से कम चार विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिल चुके हैं, जिनमें बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भी शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि किसी भी विदेशी प्रतिनिधिमंडल से यह सरकार नहीं, बल्कि वह प्रतिनिधिमंडल खुद तय करता है कि वह सरकारी नेताओं के अलावा किन लोगों से मिलना चाहता है। यानी किसे बुलाना है और किससे मिलना है, यह फैसला उस विदेशी डेलिगेशन का होता है, न कि भारत सरकार का।

कई बार मोदी सरकार की तारीफ कर चुके थरूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का रुख दुनिया को बताकर देश वापस लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की थी। इस दल में शशि थरूर भी विदेश गए थे।

हाल के दिनों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की भारत सरकार से बढ़ती नजदीकियों की चर्चा रही है। हाल ही में वे विदेश नीति से जुड़ी पहल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत के राजनयिक प्रतिनिधि की भूमिका में भी नजर आए थे।

थरूर के हाल के बयानों में केंद्र सरकार की विदेश नीति और कुछ विपक्षी राज्यों की नीतियों की तारीफ शामिल रही है, जिससे कांग्रेस पार्टी नेतृत्व कई बार असहज हुआ है।

6 सितंबरः थरूर बोले, PM के नए लहजे का स्वागत– थरूर ने भारत-अमेरिका में टैरिफ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की सराहना की थी। थरूर ने केरल के तिरुवनंतपुरम में न्यूज एजेंसी ANI से कहा था- मैं इस नए लहजे का ऐहतियात के साथ स्वागत करता हूं।

10 जुलाईः थरूर ने इमरजेंसी को काला अध्याय बताया– शशि थरूर ने मलयालम भाषा के अखबार ‘दीपिका’ में प्रकाशित आर्टिकल लिखा था कि इमरजेंसी को सिर्फ भारतीय इतिहास के काले अध्याय के रूप में याद नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इससे सबक लेना जरूरी है। उन्होंने नसबंदी अभियान को मनमाना और क्रूर फैसला बताया।

23 जूनः थरूर ने लिखा, मोदी की ऊर्जा भारत के लिए संपत्ति- थरूर ने द हिंदू में पब्लिश एक आर्टिकल में लिखा था कि मोदी की ऊर्जा, गतिशीलता और जुड़ने की इच्छा वैश्विक मंच पर भारत के लिए प्रमुख संपत्ति बनी हुई है, लेकिन उन्हें और ज्यादा सपोर्ट मिलना चाहिए।

8 मई: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र की तारीफ की थी- सांसद शशि थरूर ने X पर लिखा था कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और दुनिया के लिए मजबूत संदेश है। भारत ने 26 बेकसूर नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए सटीक कार्रवाई की।

19 मार्च: थरूर ने कहा- मोदी जेलेंस्की-पुतिन को गले लगा सकते हैं- थरूर ने रायसीना डायलॉग में बोलते हुए कहा- भारत के पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जो वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन दोनों को गले लगा सकता है। हम दोनों जगहों (रूस और यूक्रेन) पर स्वीकार किए जाते हैं। थरूर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख का विरोध करना उनकी गलती थी।

15 फरवरी 2025: मोदी के अमेरिकी यात्रा की सराहना की थी- कांग्रेस सांसद ने 15-16 फरवरी को PM मोदी के अमेरिका दौरे पर कहा कि इस यात्रा से कुछ अच्छा हासिल हुआ है। व्यापार और सुरक्षा सहयोग में प्रगति हुई। मैं इसे एक भारतीय के रूप में सराहना करता हूं।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे को लेकर गूगल पर ट्रेंड कर रहे हैं…

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